
बारिश के मौसम की ठंडी बूँदें जहां सुकून देती हैं, वहीं नमी और मौसम में बदलाव के कारण एलर्जी की समस्या भी तेजी से बढ़ जाती है। खासतौर पर बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा या स्किन संबंधी रोगों से पीड़ित लोगों में एलर्जी के मामले आम दिनों की तुलना में ज्यादा देखने को मिलते हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, मानसून के समय वायु में मौजूद परागकण, फंगल बीजाणु, धूल और बैक्टीरिया एलर्जी को ट्रिगर करते हैं। साथ ही, भीगने, गंदे पानी से संपर्क और लगातार गीले कपड़े पहनने से त्वचा पर भी रैशेज, खुजली, फंगल इंफेक्शन जैसी समस्याएं हो जाती हैं।
किन्हें होता है ज्यादा खतरा?
विशेषज्ञों के मुताबिक, इन लोगों में बारिश के मौसम में एलर्जी का जोखिम अधिक होता है:
- अस्थमा या सांस की बीमारियों से पीड़ित व्यक्ति
- बच्चे और बुजुर्ग, जिनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होती है
- डायबिटीज वाले लोग, जिनमें स्किन इंफेक्शन जल्दी फैलता है
- स्किन एलर्जी या एक्ज़िमा की पुरानी समस्या वाले लोग
- गर्भवती महिलाएं, जिनका इम्यून सिस्टम संवेदनशील रहता है
एलर्जी के आम लक्षण (Symptoms of Monsoon Allergies):
नाक का लगातार बहना या बंद होना
गले में खराश, खांसी या छींकें आना
आंखों में खुजली, जलन या लालपन
त्वचा पर लाल चकत्ते, खुजली या फंगल पैच
सांस लेने में तकलीफ या सीने में जकड़न
बाल झड़ना या डैंड्रफ की समस्या
थकान और चिड़चिड़ापन
क्टरों द्वारा सुझाए गए बचाव के 10 असरदार उपाय:
- सूखे रहें और बारिश में भीगने से बचें:
गीले कपड़े शरीर पर ज्यादा देर न रखें। भीग जाएं तो तुरंत कपड़े बदलें।
- फ्लोरोसेंट या तेज़ डिटर्जेंट का प्रयोग न करें:
यह स्किन एलर्जी को बढ़ा सकते हैं। सौम्य साबुन या मेडिकेटेड बॉडी वॉश का उपयोग करें।
- खुले बालों को भीगने से बचाएं:
बारिश का पानी बालों को डैमेज कर सकता है। बाल गीले हों तो अच्छे से धोकर सुखाएं।
- घर की सफाई नियमित करें:
फफूंदी, धूल और नमी एलर्जी का बड़ा कारण हैं। दीवारों, पर्दों और कारपेट को साफ रखें।
- खानपान में इम्यूनिटी बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ शामिल करें:
तुलसी, अदरक, हल्दी, विटामिन-C युक्त फल और गरम काढ़ा फायदेमंद होता है।
- फंगल इंफेक्शन से बचाव के लिए एंटीफंगल पाउडर का प्रयोग करें:
खासकर उन जगहों पर जहां पसीना ज्यादा आता है — जैसे गर्दन, बगल, पैर की उंगलियां।
- डेली स्किन केयर रूटीन अपनाएं:
मॉइस्चराइज़र और सनस्क्रीन का प्रयोग नमी और स्किन इरिटेशन से बचाता है।
- भीगी जगहों पर न बैठें या लेटें नहीं:
गीली सीट, गीली चादर या कारपेट पर बैठने से स्किन एलर्जी हो सकती है।
- अगर अस्थमा या एलर्जी है तो डॉक्टर की सलाह से दवा लें:
खुद से दवा न लें। समय पर इनहेलर या एंटीहिस्टामिनिक दवा लें।
- घर में एयर प्यूरीफायर या एग्जॉस्ट सिस्टम का इस्तेमाल करें:
हवा में नमी और फंगल स्पोर्स को कम करने में मदद मिलती है।
योग और प्राणायाम का सहारा लें:
बारिश के मौसम में नियमित प्राणायाम जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति और भस्त्रिका से सांस की नली साफ रहती है और एलर्जी से लड़ने में शरीर सक्षम होता है।
निष्कर्ष:
बारिश भले ही राहत लेकर आती हो, लेकिन यह कुछ लोगों के लिए स्वास्थ्य समस्याएं भी ला सकती है। यदि सही सावधानी बरती जाए, तो आप इस मौसम का आनंद बिना किसी एलर्जी के उठा सकते हैं। अपने शरीर के लक्षणों को नजरअंदाज न करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लें।
Author: THE CG NEWS
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