AI की मदद से SSC बनेगा लीक-प्रूफ: पेपर तैयार होंगे 15 मिनट पहले, परीक्षा होगी सुपर-सेक्योर

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नई दिल्ली, 18 जून 2025 – दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (SSC) अब अपनी परीक्षाओं को पूरी तरह से लीक-प्रूफ और डिजिटल सुरक्षा के तहत आयोजित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। SSC ने निर्णय लिया है कि भविष्य में परीक्षाओं के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से केवल 15 मिनट पहले ही तैयार किए जाएंगे। इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य परीक्षा में पेपर लीक की घटनाओं को पूरी तरह समाप्त करना है और परीक्षा प्रणाली को पूर्ण रूप से विश्वसनीय बनाना है।

AI आधारित पेपर जनरेशन की नई प्रक्रिया

Cubastion Consulting द्वारा विकसित की गई यह AI आधारित पेपर जनरेशन प्रणाली SSC की परीक्षा प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। इस तकनीक में एक बड़ा प्रमाणीकृत प्रश्न बैंक तैयार किया गया है, जिसमें से सवालों का चयन पूरी तरह से यादृच्छिक तरीके से किया जाएगा। प्रश्नपत्र का निर्माण परीक्षा शुरू होने से कुछ ही मिनट पहले रीयल-टाइम में किया जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार के पेपर लीक की संभावना समाप्त हो जाएगी। 15 जून को हुई ट्रायल परीक्षा में इस प्रणाली का सफल परीक्षण किया गया, जिसमें पेपर पूरी तरह से सुरक्षित और समय से पहले किसी के पास नहीं पहुंचा।

डिजिटल एन्क्रिप्शन और ज़ीरो-ट्रस्ट मॉडल

नई प्रणाली में प्रश्नपत्र डिजिटल रूप में भेजे जाएंगे, जो पूरी तरह से एन्क्रिप्टेड और पासवर्ड से सुरक्षित होंगे। पेपर को डिजिटल हस्ताक्षर के साथ लॉक किया जाएगा, जिसे केवल परीक्षा शुरू होने के समय ही खोला जा सकेगा। SSC ने इसमें ज़ीरो-ट्रस्ट मॉडल लागू किया है, जिसके तहत बिना प्रमाणिकता और अनुमति के कोई भी व्यक्ति या डिवाइस प्रश्नपत्र तक नहीं पहुंच सकता। यह मॉडल यह सुनिश्चित करता है कि परीक्षा प्रणाली में किसी भी स्तर पर अनधिकृत प्रवेश असंभव हो।

परीक्षा केंद्रों में डिजिटल निगरानी और वेरिफिकेशन

SSC परीक्षा केंद्रों में डिजिटल वेरिफिकेशन प्रणाली भी लागू करने जा रहा है, ताकि केवल अधिकृत लोग ही पेपर खोल सकें। परीक्षा के दौरान AI आधारित निगरानी प्रणाली रीयल-टाइम में हर गतिविधि पर नजर रखेगी। परीक्षा की शुरुआत, समाप्ति, अप्रत्याशित गतिविधियाँ और इंटरनेट ट्रैफिक जैसे सभी बिंदुओं की सख्त निगरानी की जाएगी, जिससे परीक्षा पूरी तरह से नियंत्रित और पारदर्शी रहेगी।

प्रतियोगी परीक्षाओं में लीक-प्रूफ तकनीक का विस्तार

SSC की यह पहल भविष्य की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी अपनाई जाएगी। ABP Live की रिपोर्ट के अनुसार, यह तकनीक रेलवे, बैंकिंग और NEET जैसी परीक्षाओं में भी लागू करने की योजना है। New Kerala ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बात की पुष्टि की है कि SSC अब पेपर केवल परीक्षा से 15 मिनट पहले जारी करेगा, जिससे लीक की संभावना पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। यह एक ऐसा कदम है, जो भारत की परीक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव लाने वाला है।

नई प्रणाली के संभावित लाभ और चुनौतियाँ

इस तकनीक के सबसे बड़े लाभों में से एक यह है कि फिजिकल पेपर की आवश्यकता पूरी तरह समाप्त हो जाएगी और पेपर लीक की संभावनाएँ लगभग शून्य हो जाएंगी। प्रश्नों का चयन AI आधारित प्रणाली द्वारा किया जाएगा, जिससे हर परीक्षा के लिए अलग-अलग प्रश्न संयोजन बनेगा और किसी भी पेपर को पहले से जानना असंभव हो जाएगा। डिजिटल ऑडिट ट्रेल और सुरक्षा लॉग की वजह से यदि किसी स्तर पर कोई गड़बड़ी होती है तो उसकी तुरंत पहचान की जा सकेगी।

हालांकि इस प्रणाली के सामने कुछ चुनौतियाँ भी हैं। देश के दूरदराज़ इलाकों में अभी भी इंटरनेट कनेक्टिविटी और डिजिटल संसाधनों की कमी है, जो इस तकनीक के सुचारू संचालन में रुकावट बन सकती है। इसके अलावा, इस नई तकनीक के लिए परीक्षा अधिकारियों और केंद्र स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण देना आवश्यक होगा। इस पूरी व्यवस्था को लगातार अपडेट रखना और सभी केंद्रों में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराना एक बड़ी लागत भी हो सकती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि SSC को यह सुनिश्चित करना होगा कि यदि 15 मिनट पहले कोई तकनीकी समस्या उत्पन्न हो जाए तो उसके लिए मजबूत बैकअप प्लान पहले से तैयार रहे।

SSC और Cubastion के अधिकारियों का बयान

SSC के अध्यक्ष एस. गोपालकृष्णन ने कहा कि 15 जून को जब इस प्रणाली का ट्रायल किया गया, तब हमें बेहद सकारात्मक परिणाम मिले। उन्होंने इसे न केवल SSC बल्कि भारत की परीक्षा प्रणाली के लिए एक ऐतिहासिक बदलाव बताया। Cubastion के CEO रवि कुमार ने कहा कि यह तकनीक पूरी तरह से सुरक्षित, तेज और विश्वसनीय है। उन्होंने बताया कि यह तकनीक भविष्य में देश की सभी महत्वपूर्ण परीक्षाओं में लागू की जा सकती है। प्रोजेक्ट लीड दीपांशु शर्मा ने कहा कि यह सिर्फ एक तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि भारत की परीक्षा प्रणाली का भविष्य है, जो पूरी तरह से डिजिटल, पारदर्शी और लीक-प्रूफ होगी।

निष्कर्ष

SSC की यह पहल निश्चित रूप से भारत की परीक्षा प्रणाली को एक नए युग में ले जाने वाली है। यदि यह प्रणाली सफलतापूर्वक लागू होती है तो भविष्य में छात्रों को एक निष्पक्ष, भरोसेमंद और सुरक्षित परीक्षा का वातावरण मिलेगा। AI और डिजिटल सुरक्षा के इस मिलाजुले प्रयोग से भारत की परीक्षाओं को विश्वस्तरीय बनाए जाने की दिशा में एक ठोस कदम उठाया गया है।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

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