
विदेश मंत्रालय और भारतीय वायु सेना की तेजी से कार्रवाई, परिजनों में राहत
नई दिल्ली। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और युद्ध जैसे हालात के बीच फंसे 110 भारतीय छात्रों को भारत सरकार ने सुरक्षित स्वदेश वापस ला लिया है। इस सफल मिशन को ‘ऑपरेशन सिंधु’ नाम दिया गया, जिसे विदेश मंत्रालय और भारतीय वायु सेना ने मिलकर अंजाम दिया। भारतीय छात्रों की सकुशल वापसी के साथ उनके परिवारों और देशवासियों में राहत की लहर दौड़ गई है।
युद्ध के बीच छात्रों की सुरक्षा बनी चिंता का विषय
पिछले कुछ हफ्तों से ईरान और इजरायल के बीच तनाव काफी बढ़ गया था। दोनों देशों के बीच हुई सैन्य झड़पों के कारण पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में हालात खतरनाक हो गए थे। इसी बीच ईरान में पढ़ाई कर रहे भारतीय छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती जा रही थी। खासकर तेहरान और मशहद जैसे शहरों में भारतीय छात्रों के फंसे होने की खबरें सामने आई थीं।
विदेश मंत्रालय ने हालात की गंभीरता को समझते हुए तुरंत कार्रवाई की और एक विशेष निकासी योजना बनाई। सरकार ने भारतीय दूतावास को सतर्क रहने और छात्रों से लगातार संपर्क में रहने के निर्देश दिए थे। छात्रों के परिवार भी लगातार सरकार से संपर्क में बने हुए थे और अपने बच्चों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगा रहे थे।
ऑपरेशन सिंधु: सफलता की पूरी कहानी
भारत सरकार ने ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत सबसे पहले छात्रों को ईरान से सुरक्षित आर्मेनिया के येरवान शहर पहुंचाया। इसके बाद भारतीय वायु सेना के विशेष विमान के जरिए उन्हें भारत लाया गया। यह पूरा मिशन बेहद जटिल परिस्थितियों में अंजाम दिया गया, क्योंकि युद्ध क्षेत्र के आसमान में लगातार खतरे बने हुए थे।
इस मिशन के दौरान सरकार ने स्थानीय प्रशासन, भारतीय दूतावास, वायु सेना और विदेश मंत्रालय के सभी विभागों के बीच बेहतरीन समन्वय स्थापित किया। भारत लौटने के बाद छात्रों को दिल्ली और श्रीनगर में सुरक्षित उतारा गया, जहां से वे अपने घरों के लिए रवाना हुए।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया कि सरकार ने समय रहते उचित कदम उठाए, जिससे छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा या नुकसान नहीं हुआ। प्रवक्ता के अनुसार, “हमारे लिए भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सर्वोपरि है और हम किसी भी स्थिति में उन्हें संकट में नहीं छोड़ सकते।”
छात्रों और परिजनों ने सरकार का जताया आभार
भारत लौटने के बाद छात्रों और उनके परिजनों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और भारतीय वायु सेना का आभार व्यक्त किया। छात्रों ने बताया कि युद्ध की स्थिति के कारण वे बेहद डरे हुए थे और उन्हें लगा था कि वे फंस जाएंगे। लेकिन भारत सरकार की त्वरित कार्रवाई के कारण वे सकुशल अपने देश लौट पाए।
कश्मीर के एक छात्र ने मीडिया से बातचीत में कहा, “हमें लगने लगा था कि हमारी वापसी संभव नहीं होगी, लेकिन भारत सरकार ने हमारी उम्मीद फिर से जगा दी। हम हमेशा इसके लिए आभारी रहेंगे।”
सरकार की विदेश नीति पर असर
‘ऑपरेशन सिंधु’ भारत की विदेश नीति और आपदा प्रबंधन क्षमता का एक और सशक्त उदाहरण बनकर सामने आया है। इससे पहले भी भारत ने अफगानिस्तान, यूक्रेन, सूडान और इजरायल से भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए कई सफल मिशन चलाए थे। इस मिशन ने भारत की वैश्विक स्थिति को और मजबूत किया है और साबित किया है कि भारत अपने नागरिकों के लिए दुनिया के किसी भी कोने में पहुंचने को तैयार है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस सफल ऑपरेशन के लिए भारतीय वायु सेना, विदेश मंत्रालय और दूतावास के सभी अधिकारियों की सराहना की है।
निष्कर्ष
ईरान-इजरायल संकट के बीच 110 भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी से भारत ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। इस तरह के त्वरित और प्रभावी मिशनों से न केवल देशवासियों का विश्वास बढ़ता है, बल्कि भारत की अंतरराष्ट्रीय छवि भी मजबूत होती है।
Author: THE CG NEWS
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