
भारत सरकार द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंधु’ के तहत ईरान में फंसे 407 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया। इन भारतीयों को दो अलग-अलग बैच में विशेष विमानों से शुक्रवार देर रात और शनिवार सुबह दिल्ली और श्रीनगर हवाई अड्डों पर लाया गया। इनमें से 190 छात्र जम्मू-कश्मीर के हैं, जो पढ़ाई के सिलसिले में ईरान में रह रहे थे।
इन सभी भारतीयों की वतन वापसी के समय एयरपोर्ट पर भावनात्मक दृश्य देखने को मिले। कुछ यात्रियों ने ‘वंदे मातरम्’ और ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए, तो कुछ ने भारत सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि “आपने हमें सही समय पर बचा लिया।”
ईरान में बिगड़ते हालात के बीच भारत का त्वरित एक्शन
हाल के दिनों में ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव और हमलों के कारण वहां रह रहे भारतीय नागरिकों, विशेष रूप से छात्रों के लिए स्थिति बेहद संवेदनशील हो गई थी। भारतीय दूतावास को लगातार वहां फंसे नागरिकों से मदद की अपीलें मिल रही थीं।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारत सरकार ने तत्काल ‘ऑपरेशन सिंधु’ की घोषणा की, जिसके तहत भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए विशेष विमानों की व्यवस्था की गई। विदेश मंत्रालय, भारतीय वायुसेना और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने आपसी तालमेल से इस रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया।
विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने कहा, “हम हर भारतीय की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। चाहे दुनिया के किसी भी कोने में हों, भारत अपने नागरिकों को सुरक्षित लाने के लिए हर संभव प्रयास करता रहेगा।”
दो बैच में हुई वापसी
भारतीय नागरिकों का पहला बैच शुक्रवार देर रात दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा, जिसमें करीब 215 लोग शामिल थे। वहीं, दूसरा बैच शनिवार सुबह श्रीनगर एयरपोर्ट पर पहुंचा, जिसमें ज्यादातर कश्मीरी छात्र थे। कुल मिलाकर इस ऑपरेशन के तहत 407 भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश लाया गया।
श्रीनगर एयरपोर्ट पर जब कश्मीरी छात्र पहुंचे तो उनके परिवारों की खुशी का ठिकाना नहीं था। छात्र नारे लगाते हुए एयरपोर्ट से बाहर आए और कुछ छात्र भावुक होकर अपने परिवार के गले लग गए। कई यात्रियों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने ईरान में लगातार बमबारी और हवाई हमलों की आवाजें सुनीं और वे बेहद डरे हुए थे।
यात्रियों ने जताया भारत सरकार का आभार
भारत लौटे यात्रियों ने विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास, भारतीय वायुसेना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया। कुछ यात्रियों ने कहा, “जब हम वहां फंसे हुए थे, तब भारत सरकार ने हमसे लगातार संपर्क बनाए रखा और हमें भरोसा दिलाया कि हमें सुरक्षित घर वापस लाया जाएगा।”
कश्मीर से लौटे एक छात्र ने बताया, “हम अपने कमरे में दिन-रात डर के साए में थे। हर समय सायरन बजते थे और आसमान में मिसाइलें उड़ती नजर आती थीं। भारत सरकार ने हमें जिस तेजी से निकाला, उसके लिए हम तहे दिल से आभारी हैं।”
स्वास्थ्य जांच और आवश्यक सहायता
भारत पहुंचते ही सभी यात्रियों की मेडिकल स्क्रीनिंग की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने आवश्यक प्राथमिक जांच की और उन्हें कुछ समय के लिए निगरानी में रखा गया। किसी भी यात्री में गंभीर स्वास्थ्य समस्या नहीं पाई गई है।
सरकार ने इन नागरिकों के रहने, खाने और आगे के परिवहन के लिए भी सभी जरूरी इंतजाम किए हैं। श्रीनगर में जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सभी छात्रों को सुरक्षित उनके घरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी संभाली।
ऑपरेशन अभी जारी रहेगा
भारत सरकार के मुताबिक, ईरान में अभी भी कुछ भारतीय नागरिक मौजूद हैं, जिन्हें निकालने के प्रयास जारी हैं। विदेश मंत्रालय लगातार स्थानीय प्रशासन और भारतीय दूतावास के संपर्क में है। जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन सिंधु के तहत और भी उड़ानें भेजी जाएंगी।
इस सफल अभियान ने एक बार फिर दिखा दिया है कि संकट की घड़ी में भारत अपने नागरिकों के साथ खड़ा है और उन्हें सुरक्षित वापस लाने के लिए पूरी क्षमता से काम करता है।
Author: THE CG NEWS
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