बारिश में दौड़ना: कितना सुरक्षित है आउटडोर रनिंग? विशेषज्ञों ने बताया सच

SHARE:

बारिश का मौसम जहां एक ओर रोमांच और सुकून लाता है, वहीं फिटनेस के शौकीनों के लिए यह एक दुविधा का समय बन जाता है। खासकर उनके लिए जो नियमित रूप से आउटडोर रनिंग करते हैं। सवाल यह उठता है कि क्या बारिश में दौड़ना सुरक्षित है? इस विषय पर सेलेब्रिटी फिजियोथेरेपिस्ट और मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय बेहद अहम है।

बारिश में दौड़ने का बढ़ता ट्रेंड

हाल के वर्षों में मॉनसून रनिंग एक ट्रेंड बन चुका है। सोशल मीडिया पर लोग बारिश में भीगते हुए दौड़ते नजर आते हैं, जिससे यह एक स्टाइलिश फिटनेस एक्टिविटी बन चुकी है। लेकिन क्या यह स्वास्थ्य के लिहाज से उचित है?

सेलेब्रिटी फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. अनिकेत गुप्ता कहते हैं, “बारिश में रनिंग करने के अपने फायदे हैं, लेकिन साथ ही यह जोखिम भी लाती है। अगर सही सावधानी न बरती जाए तो मामूली चोट से लेकर गंभीर संक्रमण तक हो सकता है।”

बारिश में दौड़ने के फायदे

बारिश में वातावरण ठंडा और ताजगी से भरपूर होता है। ऐसे मौसम में शरीर जल्दी गर्म नहीं होता, जिससे रनिंग की परफॉर्मेंस बेहतर हो सकती है। मनोवैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी यह मूड को बेहतर करता है और स्ट्रेस को कम करता है।

फिटनेस कोच नेहा चौधरी कहती हैं, “बारिश में दौड़ना एक तरह की मेडिटेशन की तरह हो सकता है, बशर्ते आप सही गियर और टेक्निक के साथ दौड़ें।”

डॉक्टरों की चेतावनी: जोखिम को न करें नजरअंदाज

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, बारिश के मौसम में फिसलन और वायरल संक्रमण का खतरा सबसे अधिक होता है। कीचड़ या गीले रास्तों पर फिसलकर गिरना, मोच आना या घुटनों में चोट लगना आम है।

AIIMS के स्पोर्ट्स मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मेघा शर्मा कहती हैं, “बारिश में भीगे कपड़ों में देर तक रहने से थकान, सर्दी और स्किन इंफेक्शन की आशंका बढ़ जाती है। खासतौर पर जिन लोगों को अस्थमा, साइनस या एलर्जी है, उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए।”

क्या करें, क्या न करें

क्या करें:

रेन रेसिस्टेंट कपड़े पहनें जो जल्दी सूख जाएं।

रनिंग शूज़ ऐसे हों जो गीली सतह पर भी ग्रिप बनाए रखें।

वार्मअप करना न भूलें, क्योंकि ठंडे मौसम में मांसपेशियां सख्त हो जाती हैं।

भीगने के तुरंत बाद सूखे कपड़े पहनें और गर्म पेय लें।

क्या न करें:

थंडरस्टॉर्म या भारी बारिश में दौड़ने की कोशिश न करें।

कॉटन कपड़े न पहनें क्योंकि ये गीले होने पर भारी हो जाते हैं।

जूते गीले हो जाएं तो उन्हें बार-बार इस्तेमाल करने से बचें।

बीमारियों से बचाव

बारिश में दौड़ने से पानी से जुड़ी बीमारियों का खतरा होता है, जैसे फंगल इंफेक्शन, एथलीट फुट और सर्दी-जुकाम। डॉक्टर्स सलाह देते हैं कि पैरों को अच्छे से सुखाया जाए और रन के बाद तुरंत स्नान किया जाए।

डॉ. गुप्ता बताते हैं, “रनिंग के बाद अगर कान, गला या पैर में किसी भी तरह की समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।”

निष्कर्ष

बारिश में दौड़ना पूरी तरह से मना नहीं है, लेकिन यह तभी सुरक्षित है जब पूरी तैयारी के साथ किया जाए। सही जूते, कपड़े, मौसम का पूर्वानुमान और मेडिकल समझदारी – इन सभी का ध्यान रखकर ही आप मॉनसून रनिंग का भरपूर आनंद उठा सकते हैं।

तो अगली बार जब बारिश की बूँदें गिरें, सोच-समझकर दौड़ें — ताकि फिटनेस बनी रहे, और स्वास्थ्य भी।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई