राष्ट्रपति ट्रम्प का ‘गोल्डन डोम’ प्रोजेक्ट: मस्क को बाहर कर अमेज़न हीरो बन सकती है?

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वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की महत्वाकांक्षी सुरक्षा योजना “गोल्डन डोम” के आस–पास सियासी और तकनीकी घटनाक्रम पिछले कुछ दिनों से सुर्खियों में हैं। $175 अरब के इस उपग्रह-आधारित मिसाइल रक्षा नेटवर्क का आधार रहा SpaceX, लेकिन ट्रम्प-मस्क के बीच बढ़ते तनाव ने अब इस पूरे संरचना को पुनर्विचार के दायरे में ला दिया है।

ट्रम्प ने एक कार्यकारी आदेश के जरिए जनवरी 2025 में इस “गोल्डन डोम फॉर अमेरिका” की घोषणा की थी, जिसका उद्देश्य चीन, रूस, ईरान और उत्तर कोरिया जैसे देशों की लंबी-रेंज और हाइपरसोनिक मिसाइलों से रक्षा करना था। योजना के तहत 400 से 1,000 लो-अर्थ ऑर्बिट में बैठे उपग्रहों की एक कक्षांतरण पर आधारित “कस्टडी लेयर” शामिल है, जो मिसाइलों का पता लगाएगी, ट्रैक करेगी और फिर उन्हें अंतरिक्ष से हाई-स्पीड इंटरसेप्टर से नष्ट करेगी—जिसे अमेरिकी अंतरिक्ष सेना भी विकसित करना चाहती है

प्रारंभ में SpaceX को इस परियोजना का मुख्या तकनीकी भागीदार माना जा रहा था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार उसने एक संभावना प्रस्ताव भी रखा था जिसमें सरकार को उपग्रह सेवा को ‘सब्सक्रिप्शन मॉडल’ के तहत क्रय करने का विकल्प शामिल था। परंतु मस्क ने स्पष्ट किया कि उन्होंने फिलहाल इस परियोजना के लिए कोई नीलामी या बिड नहीं की है और उनका व्यवसाय अभी भी मानवता को मंगल पर भेजने पर केंद्रित है 

हालांकि SpaceX अभी भी कन्टिन्यूअस सरकार के लिए लॉन्च सेवाओं समेत अन्य तकनीकी क्षमताओं से जुड़ा है, लेकिन ट्रम्प-मस्क विवाद और उनके सार्वजनिक मतभेदों ने अब Pentagon को इसे राजनीतिक रूप से और तकनीकी रूप से पुनर्निर्माण करने की ओर प्रेरित किया है। उन्नत रक्षा संकल्पों और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े संवेदनशील उपकरणों में अत्यधिक निर्भरता से बचने की जरूरत भी अब टकराव का एक आधार बन रही है 

ट्रम्प प्रशासन अब नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन, लॉकहीड मार्टिन, L3Harris जैसे पारंपरिक ठेकेदारों के अलावा, Amazon का Project Kuiper भी “गोल्डन डोम” में शामिल करने पर विचार कर रही है। Kuiper, जो सैटेलाइट संचार नेटवर्क के लिए विकसित किया जा रहा है, भले ही Starlink से पीछे है, लेकिन रक्षा अनुप्रयोगों की संभावनाओं के कारण पेंटागन ने इस पर ध्यान दिया है

परियोजना का निर्देशन करने के लिए सेनकर्मी जनरल माइकल गुएटलिन को नामित किया गया है, जिन्हें हाल ही में US Senate ने पुष्टि दी है। उन्हें परियोजना का नेतृत्व करने और अगले महीनों में डिजाइन तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है। गोल्डन डोम को 2029 तक लागू करने की योजना है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक लागत और व्यावहारिकता के मसले अभी लंबित हैं—Congressional Budget Office ने अनुमान लगाया है कि लागत $542 अरब तक जा सकती है, जबकि ट्रम्प प्रशासन ने $175 अरब की ही सीमा तय की है

SpaceX को पूरी तरह बाहर किया जाना आसान नहीं है, क्योंकि कंपनी के Starlink और Starshield नेटवर्क अमेरिकी रक्षा और NASA संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। जून में हुए समीक्षा के दौरान पेंटागन ने पाया कि SpaceX के अधिकांश संविदान जरूरी हैं और उन्हें रद्द करना मुश्किल होगा, बावजूद इसके प्रशासन विकल्प तलाश रही है और अनुबंधों को प्रतिभागों में वितरित कर रही है 

राजनीतिक और कानूनी विवाद भी उत्पन्न हो चुके हैं। कांग्रेस के 42 डेमोक्रेट सांसदों ने परिचय कराया है कि ऐसा लगता है जैसे बॉब मस्क का प्रभाव सरकारी प्रक्रिया में अनुचित हो सकता है—इस बारे में Pentagon के Inspector General से जांच की मांग की गई है  । वहीं आलोचकों का कहना है कि ट्रम्प का Golden Dome योजनाबद्ध तरीके से तकनीकी मूल्यांकन से अधिक राजनीतिक आधार पर आगे बढ़ रहा है

इस बदलाव का फायदा Amazon—Blue Origin—Keiper नेटवर्क जैसे वाणिज्यिक तकनीक प्रदाताओं को मिल सकता है। Amazon के Project Kuiper को Pentagon ने संपर्क किया है जबकि पारंपरिक रक्षा उद्योग जैसे लॉकहीड, नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन, और L3Harris भी हिस्सा लेने की तैयारी में हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, Rocket Lab और Stoke Space जैसी नई स्पेस कंपनियों को भी पुरस्कार देने की संभावना है

निष्कर्षतः जापानी मिसाइल रक्षा ढांचे की दिग्गज योजना Golden Dome अब सिर्फ तकनीकी परियोजना नहीं रह गई है, बल्कि यह राजनीति, सुरक्षा नीति और निजी-सरकारी गठजोड़ों की एक जटिल रणभूमि बन चुकी है। यदि ट्रम्प प्रशासन SpaceX को पीछे रखता है, तो यह Silicon Valley की ताकत और अमेरिकी रक्षा जगत की परसत्ता दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव ला सकता है।

 

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Author: THE CG NEWS

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