Gen-Z उधार लेकर कर रहे खरीदारी: भारतीयों में फिजूलखर्ची में अग्रणी, वैश्विक स्तर पर भी प्रभाव

SHARE:

भारत में Gen-Z (1997–2012 के बीच जन्मे) की बढ़ती संख्या अब उपभोक्ता ऋण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विशेष रूप से, युवा वर्ग की जीवनशैली में बदलाव, डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता, और ‘Buy Now, Pay Later’ (BNPL) जैसे विकल्पों के कारण उधारी पर खरीदारी की प्रवृत्ति में तेजी आई है। यह बदलाव न केवल भारतीय बाजार को प्रभावित कर रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी इसकी छाप छोड़ रहा है।

उधारी पर खरीदारी की बढ़ती प्रवृत्ति

2024 में, भारतीय Gen-Z ने लगभग ₹3.5–4 लाख करोड़ का उपभोक्ता ऋण लिया, जिसमें से 45% राशि शॉपिंग पर, 31% यात्रा पर, और 24% अन्य जीवनशैली संबंधित खर्चों पर खर्च की गई। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि युवा वर्ग अब अपनी इच्छाओं को पूरा करने के लिए उधारी का सहारा ले रहा है। विशेष रूप से, BNPL सेवाओं का उपयोग युवा उपभोक्ताओं के बीच बढ़ रहा है, जो उन्हें छोटे किश्तों में भुगतान करने की सुविधा प्रदान करती हैं

डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स का बढ़ता प्रभाव

Redseer Strategy Consultants की रिपोर्ट के अनुसार, 2024 में Gen-Z ने कुल खुदरा ऋण वितरण का लगभग 20–25% हिस्सा लिया। यह वृद्धि डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती उपलब्धता और उपयोगकर्ता-मित्रता के कारण संभव हुई है। युवा उपभोक्ता अब अपने स्मार्टफ़ोन के माध्यम से ऋण आवेदन, स्वीकृति और वितरण की प्रक्रिया को सरल और त्वरित मानते हैं।

वित्तीय साक्षरता और जिम्मेदार उधारी

हालांकि उधारी पर खरीदारी की प्रवृत्ति बढ़ी है, लेकिन Gen-Z में वित्तीय साक्षरता भी बढ़ रही है। 2024 में, 39% युवा उपभोक्ताओं ने आवश्यकताओं जैसे किराया, ग्रॉसरी, और उपयोगिताओं के लिए उधारी ली, जो दर्शाता है कि वे उधारी का उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 2025 में, युवा उपभोक्ताओं ने अपने वित्तीय भविष्य की योजना बनाने में अधिक सक्रियता दिखाई है, जिसमें स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और बजट बनाना शामिल है।

ग्रामीण क्षेत्रों में भी उधारी का प्रभाव

दिलचस्प बात यह है कि Gen-Z की उधारी प्रवृत्ति केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स की पहुंच और उपयोग में वृद्धि हो रही है। CIBIL रिपोर्ट के अनुसार, 32% नए-से-क्रेडिट (NTC) उपभोक्ता ग्रामीण क्षेत्रों से हैं, जो दर्शाता है कि उधारी की प्रवृत्ति अब ग्रामीण भारत में भी फैल रही है।

भविष्य की दिशा

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो भारतीय खुदरा ऋण बाजार में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो सकते हैं। Gen-Z की बढ़ती संख्या, डिजिटल साक्षरता, और वित्तीय साक्षरता के कारण, युवा उपभोक्ता अब उधारी का उपयोग केवल इच्छाओं को पूरा करने के लिए नहीं, बल्कि आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए भी कर रहे हैं। इसके साथ ही, BNPL जैसे विकल्पों की बढ़ती लोकप्रियता और डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स की पहुंच में वृद्धि, इस बदलाव को और भी सशक्त बना रही है।

निष्कर्ष

Gen-Z की उधारी पर खरीदारी की प्रवृत्ति भारतीय उपभोक्ता ऋण बाजार में एक नया मोड़ ला रही है। यह बदलाव न केवल युवा उपभोक्ताओं की वित्तीय आदतों को दर्शाता है, बल्कि डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स और BNPL जैसे विकल्पों की बढ़ती भूमिका को भी उजागर करता है। भविष्य में, यदि यह प्रवृत्ति जारी रहती है, तो भारतीय खुदरा ऋण बाजार में और भी महत्वपूर्ण परिवर्तन देखने को मिल सकते हैं।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई