
आज देशभर में शरद पूर्णिमा का पावन पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। हिन्दू पंचांग के अनुसार, यह दिन अश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को आता है और इसे वर्ष की सबसे शुभ और ऊर्जा से भरी रात माना जाता है। इसे कोजागरी पूर्णिमा, रास पूर्णिमा और कोजागरी व्रत के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस रात चंद्रमा अपनी सभी सोलह कलाओं से युक्त होता है और उसकी किरणों में अमृत बरसता है।
चंद्र दर्शन और शुभ मुहूर्त
पंडितों के अनुसार, इस वर्ष शरद पूर्णिमा की पूर्णिमा तिथि सोमवार दोपहर 12:23 बजे शुरू होकर मंगलवार सुबह 9:16 बजे समाप्त होगी। चंद्रमा का उदय आज शाम लगभग 5:27 बजे होगा और इसी समय से श्रद्धालु चंद्र दर्शन करेंगे। इसी अवधि में पूजा-पाठ, व्रत और चंद्रमा को अर्घ्य देने का सबसे शुभ समय माना गया है। देशभर के मंदिरों और घरों में मां लक्ष्मी और चंद्रदेव की आराधना की तैयारी की जा चुकी है।
धार्मिक महत्व और मान्यताएँ
शरद पूर्णिमा का धार्मिक महत्व अत्यंत गहरा है। पुराणों के अनुसार, इसी रात भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज में राधा और गोपियों के साथ दिव्य रास लीला की थी। यह दिन प्रेम, भक्ति और आत्मिक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि इस रात मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और उन घरों में प्रवेश करती हैं जहां लोग जागरण कर उनकी पूजा करते हैं। इसीलिए इस दिन को कोजागरी पूर्णिमा कहा जाता है, जिसका अर्थ होता है — ‘कौन जाग रहा है?’
जो व्यक्ति इस रात जागरण करता है, देवी लक्ष्मी की उपासना करता है और चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करता है, उसे धन, समृद्धि और आरोग्य की प्राप्ति होती है।
खीर और अमृतमयी चांदनी
शरद पूर्णिमा की सबसे प्रमुख परंपरा है — चांदनी में खीर रखना। ऐसा माना जाता है कि आज की रात चंद्रमा की किरणों में अमृत का संचार होता है। इसी वजह से श्रद्धालु दूध, चावल और मिश्री से बनी खीर तैयार करते हैं और उसे पूरी रात खुले आकाश तले रखते हैं। सुबह इस खीर को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जाता है। यह परंपरा धार्मिक के साथ-साथ स्वास्थ्य दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है।
आयुर्वेदाचार्यों का कहना है कि शरद ऋतु में जब वातावरण शुष्क और ठंडा होता है, तब दूध और चावल का यह संयोजन शरीर को ठंडक और संतुलन प्रदान करता है।
पूजा-विधि और व्रत की परंपरा
सुबह स्नान कर श्रद्धालु व्रत आरंभ करते हैं। वे देवी लक्ष्मी, भगवान विष्णु और चंद्रदेव की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाकर पूजा करते हैं। चंद्रमा को दूध, चावल और मिश्री से अर्घ्य दिया जाता है। घरों में भजन-कीर्तन और जागरण का आयोजन किया जाता है। कई स्थानों पर महिलाएं रातभर मां लक्ष्मी के नाम से दीप जलाए रखती हैं ताकि उनके घर में सुख-समृद्धि बनी रहे।
ब्रज भूमि और पूर्वोत्तर में विशेष उत्सव
ब्रज भूमि — मथुरा और वृंदावन — में शरद पूर्णिमा का पर्व विशेष भव्यता से मनाया जाता है। यहां श्रीकृष्ण की रास लीला का मंचन होता है और हजारों श्रद्धालु पूरे रात भक्ति में लीन रहते हैं। वहीं, पश्चिम बंगाल और असम में इसे कोजागरी लक्ष्मी पूजा के रूप में मनाया जाता है। इस दिन घरों को दीपों और रंगोली से सजाया जाता है और मां लक्ष्मी से समृद्धि की कामना की जाती है।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण
आधुनिक विज्ञान के अनुसार, पूर्णिमा के दिन चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है और उसकी किरणों में हल्की नमी होती है, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी मानी जाती है। चांदनी में रखा भोजन रातभर ठंडक और ऊर्जा ग्रहण करता है। हालांकि वैज्ञानिक इसे “अमृत वर्षा” नहीं मानते, लेकिन यह बात स्वीकार करते हैं कि प्राकृतिक रोशनी में रखा भोजन ताजगी बनाए रखता है और उसमें किसी हद तक बैक्टीरिया का असर कम होता है।
मानसिक और आध्यात्मिक शांति का पर्व
शरद पूर्णिमा का संबंध केवल धार्मिक रीति-रिवाजों से ही नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति और आत्मिक विकास का प्रतीक भी है। यह दिन लोगों को अपनी व्यस्त दिनचर्या से विराम लेकर, स्वयं और प्रकृति के साथ समय बिताने का अवसर देता है। चंद्रमा की उजली रोशनी में ध्यान और प्रार्थना करने से मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
निष्कर्ष
शरद पूर्णिमा का पर्व आध्यात्मिकता, आस्था और प्रकृति की सुंदरता का अद्भुत संगम है। आज की रात न केवल मां लक्ष्मी की आराधना का समय है, बल्कि यह जीवन में संतुलन, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक भी है। चंद्रमा की पूर्ण आभा हमें यह सिखाती है कि अंधकार चाहे कितना भी गहरा क्यों न हो, प्रकाश की एक किरण सबकुछ बदल सकती है।
इस शरद पूर्णिमा पर, आइए हम सब मिलकर प्रार्थना करें कि हमारे जीवन में भी वैसी ही उज्ज्वलता और शांति बनी रहे जैसी आज की चांदनी में है।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







