बादलों में छिपे सूर्य को दिया अर्घ्य, भक्ति से जगमगाया भिलाई-दुर्ग:चार दिनों के लोक आस्था पर्व छठ पूजा का भावनात्मक समापन

SHARE:

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में लोक आस्था और सामाजिक समरसता का प्रतीक बने चार-दिनीय छठ पूजा पर्व का 28 अक्तूबर की सुबह समापन हो गया। जिले के प्रमुख तालाबों व घाटों पर श्रद्धालुओं की अपार भीड़ उमड़ी, जहाँ उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पर्व का समापन हुआ। विशेष रूप से भिलाई में बादलों में छिपे सूर्यदेव को चढ़ाए गए अर्घ्य ने स्थानीय श्रद्धालुओं के लिए एक अलग ही छठ-अनुभूति का दृश्य प्रस्तुत किया।

घाटों पर श्रद्धा-भाव और पारंपरिक विधि

27 अक्तूबर की शाम से ही व्रती महिलाएं एवं परिवारिक-गुट पूजा-स्थल पर पहुँचने लगे थे। 28 की प्रातः मुहूर्त पर उन्हें उगते सूर्य को अर्घ्य अर्पित करना था। भिलाई तथा दुर्ग के प्रमुख तालाबों — जैसे कि सेक्टर-2, सेक्टर-7, हाउसिंग बोर्ड तालाब, कुरुंद, कोहका, छावनी, रामनगर, शीतला तालाब, सुपेला, सूर्यकुंड-बैकुंठ धाम तथा शिवनाथ नदी, पद्मानभपुर आदि — पर घाटों पर दीपों की कतारें, पारंपरिक छठ गीतों का गान और व्रतियों एवं उनके परिवारों की उपस्थिति देखने को मिली।

व्रती महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में सज-धज कर सूप में ठेकुआ, फल, नारियल और अन्य प्रसाद सजाकर सूर्यदेव एवं छठी मैया की आराधना में लीन रहीं। घाटों पर रात-भर दीप प्रज्वलित रहे और पूरा माहौल भक्तिभाव से ओत-प्रोत था।

प्रशासनिक व्यवस्था एवं सुरक्षा

भिलाई में लगभग 25 से अधिक तालाबों तथा दुर्ग जिले में 10 से अधिक घाटों पर छठ पूजा का आयोजन किया गया था। आयोजन की सफलता के लिए प्रशासन एवं नगर निगम द्वारा विशेष इंतजाम किए गए थे। घाटों पर सुरक्षा-बल की तैनाती की गई थी; पुलिस सहायता केंद्र एवं नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। जलाशयों पर स्नान एवं पूजा के समय किसी अप्रिय घटना को रोकने हेतु बचाव दल एवं मेडिकल सुविधाएँ मौजूद थीं।

श्रद्धालुओं की भागीदारी और सामाजिक रूप

प्रत्येक घाट पर रविवार की शाम से ही व्रती परिवार सहित जुटने लगे थे। डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अधिकांश श्रद्धालु अपने-अपने घरों की ओर लौटे, जबकि दूर-दराज से आए व्रती रात बिताने के लिए घाटों पर जमे रहे। जैसे ही सुबह सूर्य की पहली किरण निकली — उस समय व्रती महिलाओं ने निर्जला 36 घंटे के व्रत का समापन किया और संग-संग परिवार की सुख-समृद्धि, दीर्घायु एवं अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की।

स्थान-विशेष पर आयोजन में सामाजिक और राजनीतिक दृष्टि से भी संकेत देखे गए। उदाहरण के लिए, छावनी तालाब में पहुंचे जिले के सांसद ने छठी मैया से देश को हिंदू राष्ट्र बनाने की कामना व्यक्त की। इस प्रकार यह पर्व धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एवं राजनीतिक सन्दर्भों को भी समाहित करता दिखाई पड़ा।

माहौल, उत्सव और सांस्कृतिक ऊर्जा

पूजा के दौरान घाटों पर दीपों की रोशनी रात तक जगमगाती रही। मानवीय एकता, लोक-भक्ति, पारिवारिक मिलन और श्रद्धा-सहभागिता से भरा इस आयोजन का वातावरण भाव-उल्लास से ओत-प्रोत रहा। शहर की गहरी नींद रातभर टूटती रही और सुबह की किरण के साथ श्रद्धालुओं के स्वर नेक-कामनाओं और गीतों में गूँजे।

निष्कर्ष

इस तरह दुर्गभिलाई क्षेत्र में छठ पूजा ने अपनी परंपरागत विधियों व लोकभक्ति के साथ आधुनिक सुरक्षाविन्योजन को समाहित कर एक सफल और शांतिपूर्ण आयोजन स्वरूप लिया। श्रद्धालुओं, स्थानीय प्रशासन और विभिन्न सामाजिक समूहों की सहभागिता ने इसे न सिर्फ एक धार्मिक आयोजन बल्कि समुदायबंधन को मजबूत करने वाला महापर्व बना दिया। इतने उत्साह, अनुशासन और आस्था के साथ सम्पन्न यह छठ पूजा क्षेत्रीय सांस्कृतिक धारा में एक यादगार अध्याय के रूप में दर्ज हो जाएगी।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई