आंध्र प्रदेश के वेंकटेश्वर मंदिर में भगदड़: एकादशी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच टूटी रेलिंग, 10 की मौत और दर्जनों घायल

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आंध्र प्रदेश के तिरुपति स्थित विश्वप्रसिद्ध वेंकटेश्वर मंदिर में शुक्रवार की सुबह दर्शन के दौरान मची भगदड़ ने माहौल को दहला दिया। एकादशी के शुभ अवसर पर उमड़ी भारी भीड़ के बीच अचानक रेलिंग टूट गई, जिसके बाद श्रद्धालुओं में अफरा-तफरी मच गई। इस दर्दनाक हादसे में अब तक 10 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

रेलिंग टूटते ही मचा हड़कंप

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसा सुबह करीब 5 बजे उस समय हुआ जब एकादशी पर विशेष दर्शन के लिए श्रद्धालु बालाजी मंदिर के मुख्य द्वार के पास कतार में लगे हुए थे। अचानक पीछे से भीड़ का दबाव बढ़ा और मुख्य प्रवेश द्वार के पास लगी लोहे की रेलिंग गिर गई। रेलिंग टूटते ही लोग एक-दूसरे के ऊपर गिरने लगे। महिलाएं और बच्चे चिल्लाते रहे, लेकिन भीड़ इतनी ज्यादा थी कि कोई किसी की मदद नहीं कर पाया।

कुछ ही मिनटों में पूरा इलाका चीख-पुकार से भर गया। स्थानीय पुलिस और मंदिर प्रशासन के सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद स्थिति को किसी तरह नियंत्रित किया गया।

एकादशी पर 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे थे

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ट्रस्ट के अधिकारियों के अनुसार, इस एकादशी पर करीब दो लाख से अधिक श्रद्धालु मंदिर पहुंचे थे। सामान्य दिनों की तुलना में यह संख्या लगभग तीन गुना थी। भीड़ प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बैरिकेड और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई थी, लेकिन सुबह-सुबह उमड़ी भारी भीड़ ने सभी इंतजामों को ध्वस्त कर दिया।

TTD ट्रस्ट के चेयरमैन बोम्मा सुब्बा रेड्डी ने बताया कि मंदिर परिसर में सुरक्षा बढ़ाई गई थी, लेकिन रेलिंग पुरानी होने के कारण टूट गई। “हादसा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने जांच के आदेश दे दिए हैं और घायल श्रद्धालुओं का इलाज तिरुपति गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में कराया जा रहा है,” उन्होंने कहा।

पीएम मोदी और सीएम नायडू ने जताया शोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने ट्वीट किया — “तिरुपति में हुई दुर्घटना बेहद दर्दनाक है। शोकाकुल परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं।”

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी हादसे पर दुख जताते हुए उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायलों को 2 लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देश दिया है कि सभी घायलों का बेहतर से बेहतर इलाज सुनिश्चित किया जाए।

अस्पतालों में अफरातफरी, कई की हालत गंभीर

हादसे के तुरंत बाद घायलों को तिरुपति के एसवीआरआर अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, कई लोगों को सिर, रीढ़ और सीने में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है। कई घायल बच्चों को वेंटिलेटर पर रखा गया है।

अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में परिजन अपने प्रियजनों को ढूंढते नजर आए। कुछ परिवारों ने बताया कि भगदड़ के दौरान वे अपने बच्चों से अलग हो गए और घंटों तक पता नहीं चला कि वे कहां हैं। प्रशासन ने राहत के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं और सूचना केंद्र स्थापित किया गया है।

जांच के आदेश, सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल

हादसे के बाद मंदिर प्रशासन और राज्य सरकार की ओर से हादसे की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। प्राथमिक जांच में पता चला है कि रेलिंग की मरम्मत पिछले कई महीनों से लंबित थी। साथ ही भीड़ नियंत्रण के लिए लगाए गए बैरिकेड भी कमजोर थे। कई श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि सुरक्षा कर्मियों की संख्या बेहद कम थी और भीड़ को संभालने में पूरी तरह नाकामी रही।

TTD प्रशासन ने कहा है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए सुरक्षा इंतजामों को मजबूत किया जाएगा। मंदिर परिसर में सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि भगदड़ किस बिंदु से शुरू हुई।

श्रद्धालुओं में दहशत, तिरुपति में माहौल गमगीन

हादसे के बाद तिरुपति में माहौल गमगीन हो गया है। कई श्रद्धालु अब भी मंदिर के आसपास रुके हुए हैं और हादसे के भय से अंदर जाने से डर रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने दर्शन की प्रक्रिया फिलहाल कुछ घंटों के लिए रोक दी है और मंदिर के कुछ हिस्सों को खाली कराया गया है।

शाम तक मृतकों के पार्थिव शरीरों को उनके गृह जिलों में भेजने की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने कहा कि शनिवार रात तक सभी शवों की पहचान कर ली जाएगी।

यह हादसा एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि देश के बड़े धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था कितनी जरूरी है। लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहे तिरुपति में यह त्रासदी उन परिवारों के लिए हमेशा के लिए दर्द की याद छोड़ गई, जो अपने प्रियजनों को दर्शन के लिए लाए थे, लेकिन अब उन्हें सदा के लिए खो दिया।

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Author: THE CG NEWS

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