रायपुर में ब्लिंकिट राइडर्स की हड़ताल: 10 मिनट की डिलीवरी का दबाव, घटा पेमेंट और बढ़ा खतरा; बोले- एक्सीडेंट, लूट और कुत्ते के काटने तक कोई मदद नहीं

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रायपुर में ब्लिंकिट कंपनी के करीब 600 से 700 डिलीवरी बॉयज काम बंद करके हड़ताल पर उतर आए हैं। राइडर्स का कहना है कि कंपनी उन्हें 10 मिनट में डिलीवरी पूरी करने का दबाव डाल रही है, जबकि सुरक्षा, मेडिकल सहायता और उचित भुगतान की कोई व्यवस्था नहीं है। आरोप है कि पेमेंट रेट घटा दिए गए हैं और काम का बोझ बढ़ा दिया गया है, जिसके चलते राइडर्स अब शारीरिक और मानसिक रूप से टूटने लगे हैं।

“10 मिनट में पहुंचो, नहीं तो पेनल्टी”—राइडर्स का आरोप

ब्लिंकिट के राइडर्स का कहना है कि कंपनी की “10 मिनट डिलीवरी” नीति ने उन्हें जोखिम भरे हालात में धकेल दिया है। राइडर्स का आरोप है कि बारिश, ट्रैफिक या रात के अंधेरे में भी कंपनी उनसे समय पर ऑर्डर पहुंचाने की उम्मीद रखती है। रायपुर के राइडर नीरज तांडी ने बताया कि तेज डिलीवरी के दबाव में उनकी बाइक का एक्सीडेंट हो गया, जिससे पैर की हड्डियां टूट गईं। दो महीने से इलाज चल रहा है, लेकिन कंपनी की तरफ से अब तक किसी भी तरह की मदद नहीं मिली।

राइडर्स सवाल उठा रहे हैं कि “जब 10 मिनट में पुलिस या एंबुलेंस तक नहीं पहुंच पाती, तो हमसे कैसे उम्मीद की जा सकती है कि हम हर हाल में डिलीवरी कर दें?” उन्होंने कहा कि यह न केवल असंभव है बल्कि जानलेवा भी साबित हो रहा है।

घटा पेआउट, बढ़ गया खतरा

राइडर्स के अनुसार पहले उन्हें 9 किलोमीटर की डिलीवरी पर 90 से 95 रुपए तक मिलते थे, लेकिन अब यह घटकर 50 से 60 रुपए रह गया है। कंपनी ने भुगतान में कटौती के बावजूद डिलीवरी समय नहीं बढ़ाया है। न मेडिकल कवर है, न इंश्योरेंस, न कोई आपातकालीन सहायता। राइडर्स का कहना है, “हम सिर्फ पैसे की मांग नहीं कर रहे, हम इंसान हैं, हमें सुरक्षा और सम्मान चाहिए।”

राइडर्स ने आरोप लगाया कि यदि किसी डिलीवरी में देर हो जाती है तो पेनल्टी काट ली जाती है, जबकि देरी का कारण ट्रैफिक जाम या मौसम की स्थिति होती है। इसके अलावा, कई राइडर्स ने शिकायत की कि उनके ऐप में दिखने वाली दूरी और वास्तविक दूरी में फर्क होता है, जिससे भुगतान और घट जाता है।

रायपुर में ठप हुई Blinkit सेवा

हड़ताल के कारण रायपुर में ब्लिंकिट की लगभग सभी डिलीवरी सेवाएं ठप हो गई हैं। शहर के विभिन्न इलाकों में 9 से अधिक ब्लिंकिट डार्क स्टोर्स हैं, जहां से सामान की आपूर्ति होती है, लेकिन राइडर्स के विरोध के कारण वहां से कोई डिलीवरी नहीं निकल रही। हड़ताल के चलते कई इलाकों में उपभोक्ताओं को सामान के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ रहा है।

राइडर्स का कहना है कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जातीं, वे काम पर नहीं लौटेंगे। वे चाहते हैं कि कंपनी पेमेंट स्ट्रक्चर पहले जैसा करे, मेडिकल और इंश्योरेंस सुरक्षा दे और डिलीवरी समय को यथार्थपरक बनाया जाए।

“16 घंटे तक काम, फिर भी नहीं मिलता ओवरटाइम”

कई डिलीवरी बॉयज ने खुलासा किया कि उन्हें रोजाना 9 से लेकर 16-17 घंटे तक काम करना पड़ता है। इसके बावजूद ओवरटाइम का कोई भुगतान नहीं किया जाता। एक राइडर ने बताया, “हम सुबह 8 बजे से रात 11 बजे तक सड़क पर रहते हैं। इतनी मेहनत के बाद भी न बोनस मिलता है, न सुरक्षा। दुर्घटना होने पर खुद ही खर्च उठाना पड़ता है।”

कुछ राइडर्स ने यह भी बताया कि कई बार लूट, कुत्तों के हमले और सड़क दुर्घटनाओं की घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन कंपनी की ओर से कोई हेल्पलाइन या सहायता नहीं मिलती। इन घटनाओं के बावजूद प्रबंधन सिर्फ डिलीवरी समय को लेकर सख्त रहता है।

राइडर्स ने प्रशासन से लगाई गुहार

राइडर्स ने रायपुर जिला प्रशासन और श्रम विभाग से अपील की है कि ब्लिंकिट प्रबंधन पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने मांग की कि कंपनी को डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा, काम के घंटे, भुगतान और बीमा जैसी बुनियादी शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए जाएं।

राइडर्स ने चेतावनी दी है कि यदि कंपनी ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ रायपुर का मामला नहीं, बल्कि पूरे देश के गिग वर्कर्स की आवाज है।

उपभोक्ताओं को भी हो रही परेशानी

ब्लिंकिट की सेवा बंद होने से रायपुर के हजारों ग्राहकों को दिक्कत हो रही है। रोजमर्रा की जरूरत का सामान समय पर नहीं मिल रहा। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर लिखा कि कंपनी को डिलीवरी कर्मियों की सुरक्षा और काम की स्थिति सुधारनी चाहिए, क्योंकि उन्हीं की मेहनत से यह सेवा चलती है।

राइडर्स की हड़ताल ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि तेज़ डिलीवरी के इस दौर में क्या कंपनियां अपने कर्मचारियों की सुरक्षा और सम्मान को नजरअंदाज कर रही हैं? रायपुर के इन 700 ब्लिंकिट राइडर्स का आंदोलन अब उस असंतुलन की कहानी बन गया है, जो 10 मिनट की डिलीवरी के पीछे छिपा हैजहां ग्राहक को सुविधा मिलती है, लेकिन राइडर अपनी जान जोखिम में डालता है।

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Author: THE CG NEWS

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