
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही एक बार फिर सामने आई है। जिले के जिला अस्पताल में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद 9 मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण हो गया है। इन मरीजों में सूजन, धुंधलापन और आंखों की रोशनी घटने जैसी शिकायतें सामने आई हैं। सभी संक्रमित मरीजों को फिलहाल रायपुर के डॉ. भीमराव अंबेडकर अस्पताल रेफर किया गया है, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है और सर्जरी से जुड़ी टीम पर कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।
ऑपरेशन के 2 दिन बाद दिखने लगे लक्षण, मरीजों में मचा हड़कंप
जानकारी के अनुसार, बीजापुर जिला अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की ओर से मोतियाबिंद सर्जरी का शिविर आयोजित किया गया था। इस शिविर में कुल 32 मरीजों की आंखों का ऑपरेशन किया गया था। ऑपरेशन के दो दिन बाद 9 मरीजों को आंखों में दर्द, जलन और धुंधलापन महसूस होने लगा। धीरे-धीरे इन लक्षणों में वृद्धि हुई और आंखों में सूजन आने लगी। जब मरीजों की स्थिति बिगड़ने लगी तो परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन से शिकायत की।
प्रारंभिक जांच में डॉक्टरों ने पाया कि सभी नौ मरीजों की आंखों में एक जैसा संक्रमण है, जिसके बाद उन्हें तुरंत रायपुर भेजा गया। फिलहाल रायपुर के नेत्र रोग विभाग में विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है।
सर्जरी के बाद सुरक्षा मानकों की अनदेखी का शक
मरीजों में हुए संक्रमण को लेकर प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सर्जरी के दौरान या बाद में संक्रमण नियंत्रण के मानकों का पालन ठीक से नहीं किया गया। अस्पताल सूत्रों के अनुसार, सर्जरी के दौरान इस्तेमाल किए गए उपकरणों की स्टरलाइजेशन प्रक्रिया में लापरवाही बरती गई हो सकती है। वहीं दवाओं और आई ड्रॉप्स की क्वालिटी को लेकर भी जांच की जा रही है।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आंखों में इंफेक्शन का कारण या तो उपकरणों की सफाई में कमी या दवाओं में किसी रासायनिक प्रतिक्रिया का परिणाम हो सकता है। फिलहाल सैंपल जांच के लिए रायपुर की लैब में भेजे गए हैं।
मरीजों की हालत स्थिर, लेकिन रोशनी पर खतरा बरकरार
रायपुर लाए गए मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है, हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि कुछ मरीजों की आंखों की रोशनी आंशिक रूप से प्रभावित हुई है। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में अगर संक्रमण गहराई तक पहुंच जाए, तो स्थायी नुकसान की संभावना भी रहती है। इस वजह से सभी मरीजों को लगातार मेडिकल ऑब्जर्वेशन में रखा गया है।
डॉ. एस.एन. साहू (नेत्र रोग विशेषज्ञ, अंबेडकर अस्पताल रायपुर) ने बताया कि शुरुआती जांच में गंभीर संक्रमण के लक्षण पाए गए हैं। फिलहाल सभी मरीजों को एंटीबायोटिक और एंटी-इंफ्लेमेटरी ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। कुछ मरीजों को दोबारा सर्जरी की भी जरूरत पड़ सकती है।
एक साल पहले भी हुई थी ऐसी ही लापरवाही
यह पहला मौका नहीं है जब बीजापुर जिले में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद ऐसी गड़बड़ी सामने आई हो। इससे पहले भी नवंबर 2024 में ऐसे ही शिविर के दौरान 13 मरीजों की आंखों में संक्रमण हुआ था। तब भी मरीजों को रायपुर भेजा गया था और जांच में सर्जरी के दौरान सैनिटाइजेशन की गंभीर कमी पाई गई थी।
उस समय स्वास्थ्य विभाग ने जांच के नाम पर कुछ डॉक्टरों को नोटिस जारी किया था, लेकिन किसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं की गई। अब एक बार फिर वही लापरवाही सामने आने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
प्रशासन ने गठित की जांच समिति, जिम्मेदारों पर होगी कार्रवाई
घटना के बाद बीजापुर कलेक्टर ने तत्काल एक तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की है। इस समिति में वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञों के साथ-साथ जिला अस्पताल के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हैं। समिति को तीन दिनों के भीतर पूरी रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि अगर सर्जरी टीम या उपकरणों की सफाई में लापरवाही साबित होती है, तो संबंधित डॉक्टरों और स्टाफ के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
मरीजों के परिजनों ने जताई नाराजगी, मुआवजे की मांग
संक्रमित मरीजों के परिजनों ने जिला अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि सर्जरी से पहले उन्हें किसी संभावित जोखिम की जानकारी नहीं दी गई थी। ऑपरेशन के बाद जब मरीजों को परेशानी हुई तो अस्पताल प्रबंधन ने लापरवाही दिखाई और सही इलाज में देरी की।
परिजनों ने राज्य सरकार से मांग की है कि सभी पीड़ित मरीजों को उचित मुआवजा दिया जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
निष्कर्ष:
बीजापुर में मोतियाबिंद सर्जरी के बाद नौ मरीजों की आंखों में संक्रमण की यह घटना स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही को उजागर करती है। यह मामला सिर्फ चिकित्सा गलती का नहीं, बल्कि लापरवाही से लोगों की जिंदगी और दृष्टि से खिलवाड़ का है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस बार दोषियों पर सख्त कदम उठाएगा या फिर यह मामला भी पिछली बार की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।
Author: THE CG NEWS
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