
छत्तीसगढ़ में रविवार तड़के ACB और EOW की संयुक्त टीमों ने आबकारी विभाग और जिला खनिज न्यास निधि (DMF) से जुड़े मामलों की जांच को आगे बढ़ाते हुए रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, कोंडागांव, सरगुजा और अंबिकापुर में लगभग 20 ठिकानों पर एक साथ दबिश दी। यह कार्रवाई पिछले कई महीनों से चल रही DMF और आबकारी अनियमितताओं की पड़ताल का विस्तृत चरण माना जा रहा है। कई शहरों में एक साथ हुई इस रेड ने राजनीतिक हलचल भी तेज कर दी है।
रायपुर, दुर्ग और धमतरी में छापेमारी जारी
रायपुर की लॉ-विस्टा कॉलोनी में कारोबारी और सप्लायर हरपाल अरोरा के घर सुबह से जांच जारी रही। टीम ने वित्तीय लेन-देन और विभागीय सप्लाई रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की। दुर्ग जिले के भिलाई में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के आवास पर भी छापेमारी की गई। अधिकारियों ने विभिन्न फाइलों और पुराने ऑडिट दस्तावेजों की जांच की। इसी तरह धमतरी में पूर्व विधायक जया बेन दोषी के पोते केतन दोषी के महालक्ष्मी ग्रीस स्थित घर पर करीब चार घंटे तक कार्रवाई चली। बताया गया कि टीम कई दस्तावेज अपने साथ लेकर गई है। केतन दोषी रियल एस्टेट से जुड़े कारोबार में सक्रिय हैं।
सरगुजा, अंबिकापुर और कोंडागांव में भी दबिश
सरगुजा में EOW-ACB की टीम ने पशु चिकित्सक डॉ. तनवीर अहमद के घर छापा मारा। यहां वित्तीय दस्तावेजों को खंगाला गया। अंबिकापुर में सप्लायर अमित अग्रवाल के घर से भी विभागीय रिकॉर्ड और ट्रांजैक्शन डिटेल्स की जांच की जा रही है। कोंडागांव में कारोबारी कोणार्क जैन और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर भी छापेमारी की गई। कोणार्क जैन वर्ष 2019-20 में DMF सप्लाई कार्यों से जुड़े रहे थे। सरगीपाल रोड स्थित उनके घर और चोपड़ा मेटल दुकान पर ताला खुलवाकर टीम ने भीतर प्रवेश किया। यहां सप्लाई रिकॉर्ड, लेजर बुक और डिजिटल डेटा की विस्तृत जांच की जा रही है।
जगदलपुर, बलरामपुर और बिलासपुर में भी रेड
जगदलपुर में पूर्व आबकारी आयुक्त निरंजन दास के भाई चितरंजन दास के घर दस्तावेज खंगाले गए। घर के बाहर सुरक्षा बल तैनात किए गए थे, ताकि जांच में किसी प्रकार की बाधा न आए। बलरामपुर में व्यवसायी मनोज अग्रवाल के घर भी कार्रवाई चली। अधिकारी यहां विभागीय कार्यों से जुड़े कागजात और लेन-देन के विवरण की पड़ताल कर रहे हैं। बिलासपुर में रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा के भाई अशोक टुटेजा के दयालबंद और जगमल चौक स्थित ठिकानों पर भी जांच की गई। यह कार्रवाई शराब और DMF घोटाले की जांच के अंतर्गत की जा रही है।
29 अक्टूबर की कार्रवाई का विस्तृत चरण
इससे पहले 29 अक्टूबर को DMF घोटाले से जुड़े 14 ठिकानों पर भी कार्रवाई की गई थी। रायपुर के पचपेड़ी नाका स्थित वॉलफोर्ट इन्क्लेव में कारोबारी अशोक और अमित कोठारी के घर छापा मारा गया था। राजनांदगांव, दुर्ग और धमतरी के कई ठिकानों पर भी कार्रवाई हुई थी। उस चरण में कई स्टाम्प, डिजिटल डिवाइस और कुछ नकद भी जब्त किए गए थे।
अब क्या है DMF घोटाले की पूरी कहानी?
EOW ने ED की रिपोर्ट के आधार पर धारा 120-B और 420 के तहत केस दर्ज किया है। आरोप है कि कोरबा जिले के DMF फंड से जारी टेंडर आवंटनों में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुईं। सप्लायरों को मनमानी तरीके से लाभ पहुंचाया गया, जबकि ठेके देने में नियमों का पालन नहीं किया गया। ED की जांच के मुताबिक सप्लायर संजय शिंदे, अशोक अग्रवाल, मुकेश अग्रवाल, ऋषभ सोनी और उनके साथ जुड़े बिचौलिए मनोज द्विवेदी, रवि शर्मा, पियूष सोनी, पियूष साहू, अब्दुल और शेखर ने मिलकर कमीशन के नाम पर करोड़ों रुपए कमाए।
ED को मिले दस्तावेजों के अनुसार ठेकेदारों ने अधिकारियों और राजनीतिक प्रभावशाली लोगों को 25 से 40 प्रतिशत तक कमीशन दिया। इन लेन-देन की एंट्री डमी फर्मों और फर्जी इकाइयों के माध्यम से की गई। तलाशी के दौरान 76.50 लाख नकद, कई डिजिटल डिवाइस, स्टाम्प और संदिग्ध दस्तावेज बरामद हुए। साथ ही 8 बैंक खातों में जमा 35 लाख रुपए भी सीज किए गए। घोटाले से जुड़े आरोपियों की 23.79 करोड़ की संपत्ति पहले ही कुर्क हो चुकी है।
‘सरकार वसूली के लिए ACB–EOW का इस्तेमाल कर रही’ – भूपेश बघेल
इस कार्रवाई पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “ACB-EOW अब जांच एजेंसी नहीं, बल्कि वसूली एजेंसी की तरह काम कर रही है। जिनसे पैसा मिल सकता है, सिर्फ उन्हीं के घर रेड होती है। भाजपा नेताओं और उनके कारोबारियों के यहां कार्रवाई क्यों नहीं होती?” बघेल ने दावा किया कि छापेमारी का मकसद विपक्ष और उससे जुड़े व्यापारियों को डराना है।
राजनीतिक तापमान और बढ़ने के आसार
ACB-EOW की यह कार्रवाई प्रदेश की राजनीति में नए तनाव लेकर आई है। जहां सरकार इसे भ्रष्टाचार के खिलाफ निर्णायक कदम बता रही है, वहीं कांग्रेस इसे “चयनात्मक कार्रवाई” बताकर राजनीतिक बदले की कार्रवाई का आरोप लगा रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और खुलासे तथा नई रेड की आशंका जताई जा रही है, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज होने की संभावना है।
Author: THE CG NEWS
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