
कब्ज आज एक आम जीवनशैली संबंधी समस्या बन चुकी है। अनियमित खानपान, कम पानी पीना, तनाव, जंक फूड की बढ़ती आदत और बैठकर काम करने की दिनचर्या के कारण बड़ी संख्या में लोग पेट साफ न होने की समस्या से जूझते हैं। चिकित्सकों के मुताबिक कब्ज लंबे समय तक बनी रहे तो इसके कारण सिरदर्द, गैस, अल्सर, बवासीर और कई बार आंतों में संक्रमण की समस्या भी हो सकती है। ऐसे में डाइट में फाइबर की पर्याप्त मात्रा बेहद जरूरी हो जाती है। फाइबर न केवल पाचन तंत्र को रेगुलेट करता है, बल्कि मल को नरम बनाकर आसानी से बाहर निकालने में मदद करता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि रोजाना के भोजन में कुछ हाई-फाइबर खाद्य पदार्थ शामिल करने से कब्ज की पुरानी से पुरानी समस्या भी काफी हद तक नियंत्रित हो सकती है।
सब्जियों में मौजूद फाइबर पेट को राहत देता है
हरी सब्जियां फाइबर का सबसे आसान और प्रभावी प्राकृतिक स्रोत मानी जाती हैं। पालक, मेथी, बथुआ, तोरई, लौकी और गाजर जैसी सब्जियों में घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह का फाइबर पाया जाता है, जो आंतों की गति को बढ़ाकर पाचन में सुधार लाता है। शोध बताते हैं कि रोजाना एक कटोरी पकी हुई हरी सब्जियां खाने से पेट में जमा गंदगी आसानी से निकलती है और कब्ज की संभावना कम होती है। पालक में मौजूद मैग्नीशियम आंतों की मांसपेशियों को आराम देता है, जिससे मल त्याग आसान हो जाता है। डॉक्टर सलाह देते हैं कि सब्जियों को ज्यादा पकाने के बजाय हल्की आंच पर पकाकर या सूप के रूप में लेना अधिक फायदेमंद होता है।
फल हैं फाइबर और प्राकृतिक शुगर का बड़ा स्रोत
सेब, नाशपाती, अमरूद, पपीता और संतरे जैसे फल फाइबर की भारी मात्रा प्रदान करते हैं। पपीता विशेष रूप से पाचन एंजाइम पपेन के लिए जाना जाता है, जो आंतों की जकड़न दूर करता है और पाचन को सक्रिय करता है। अमरूद में पाया जाने वाला पेक्टिन कब्ज के लिए बेहद कारगर माना जाता है। विशेषज्ञों के मुताबिक रोजाना दो से तीन फलों का सेवन डायजेस्टिव सिस्टम को मजबूत बनाता है। फल के रस की तुलना में पूरा फल खाना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि रस में फाइबर कम और शुगर ज्यादा होती है। इसके अलावा बिना छीले सेब और नाशपाती खाना आदर्श माना जाता है, क्योंकि इनके छिलकों में हाई-क्वांटिटी फाइबर होता है।
दाल और दलहन पाचन प्रक्रिया को गति देते हैं
काबुली चना, मसूर दाल, उड़द दाल, राजमा और दलहन वर्ग के अन्य खाद्य पदार्थ आंतों को सक्रिय रखते हैं। दालों में घुलनशील और अघुलनशील दोनों प्रकार का फाइबर मौजूद रहता है, जो मल को सॉफ्ट बनाता है। काबुली चना और राजमा में प्रोटीन के साथ फाइबर भी भरपूर मात्रा में होता है, जिससे पेट लंबे समय तक भरा रहता है और पाचन तंत्र व्यवस्थित चलता है। चिकित्सक बताते हैं कि सप्ताह में कम से कम चार से पांच बार दाल का सेवन पाचन संबंधी समस्याओं को कम करता है। रातभर भिगोकर दाल पकाने से यह ज्यादा हल्की और पचने योग्य हो जाती है।
ओट्स और साबुत अनाज हैं सबसे प्रभावी विकल्प
ओट्स, दलिया, ब्राउन राइस, साबुत गेहूं और मल्टीग्रेन आटा फाइबर के बेहतरीन स्रोत हैं। ओट्स में मौजूद बीटा-ग्लूकन घुलनशील फाइबर पेट में जेल जैसी संरचना बनाता है, जो मल को आसानी से आगे बढ़ने में मदद करता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि सुबह के नाश्ते में ओट्स या दलिया जैसे विकल्प कब्ज दूर करने में बेहद उपयोगी हैं। साबुत अनाज में पाए जाने वाले पोषक तत्व आंतों की सफाई के साथ-साथ पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं। WHO की एक रिपोर्ट के अनुसार रोजाना कम से कम 25 से 30 ग्राम फाइबर लेने की सलाह दी जाती है, जो साबुत अनाज शामिल करने से आसानी से पूरी की जा सकती है।
मेवे और बीज भी देते हैं सॉल्यूशन
अखरोट, बादाम, चिया सीड्स, अलसी के बीज और कद्दू के बीज फाइबर के साथ हेल्दी फैट का उत्कृष्ट मिश्रण होते हैं। चिया सीड्स में घुलनशील फाइबर की मात्रा बेहद ज्यादा होती है, जो पानी सोखकर पेट में फूल जाते हैं और मल को नरम बनाते हैं। अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड के साथ पाचन तंत्र को लुब्रिकेट करते हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि रोज सुबह गुनगुने पानी में 1 चम्मच चिया या अलसी के बीज भिगोकर पीना कब्ज में तुरंत राहत देता है। मेवों को भिगोकर खाने से पाचन और भी सहज हो जाता है।
पानी और फाइबर दोनों साथ होना जरूरी
फाइबर का सेवन तभी प्रभावी होता है जब पर्याप्त मात्रा में पानी भी पिया जाए। कम पानी पीने से फाइबर उल्टा असर दिखा सकता है और कब्ज बढ़ सकती है। डॉक्टरों की सलाह है कि फाइबर बढ़ाने के साथ रोज 8–10 ग्लास पानी और तरल पदार्थ जरूर लें। नारियल पानी, नींबू पानी और सूप इस प्रक्रिया में काफी मदद करते हैं। नियमित पैदल चलना, हल्की एक्सरसाइज और सोने–जागने का निश्चित समय भी पाचन तंत्र को व्यवस्थित रखने में मददगार होता है।
कुल मिलाकर कब्ज से राहत पाने के लिए दवा पर निर्भर रहने के बजाय डाइट में इन 6 हाई–फाइबर फूड्स—सब्जियां, फल, दालें, साबुत अनाज, मेवे और बीज—को शामिल करना बेहद लाभकारी है। सही खानपान और पर्याप्त पानी से यह समस्या धीरे–धीरे पूरी तरह नियंत्रण में आ सकती है।
Author: THE CG NEWS
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