मोमोज बने ‘स्लो पॉइज़न’: रोजाना सेवन से बढ़ रहा सेहत का खतरा, डॉक्टरों ने गिनाईं 4 गंभीर बीमारियां

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मोमोज आज भारत के युवाओं और बच्चों का सबसे पसंदीदा स्ट्रीट फूड बन चुका है। शहरों से लेकर कस्बों तक हर नुक्कड़ पर मिलने वाले मोमोज का स्वाद लोग इतने चाव से खाते हैं कि यह रोजाना की आदत बन चुकी है। लेकिन डॉक्टरों और न्यूट्रिशन एक्सपर्ट्स की मानें तो मोमोज का लगातार सेवन धीरे-धीरे शरीर के लिए ‘स्लो पॉइजन’ साबित हो रहा है। हाल के स्वास्थ्य परीक्षणों और मेडिकल रिपोर्ट्स में पाया गया है कि रोज मोमोज खाने की आदत चार बड़ी बीमारियों को जन्म दे सकती है, जिनमें पेट, हृदय और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े गंभीर खतरे शामिल हैं।

स्ट्रीट वेंडर्स में स्वच्छता की भारी कमी

स्वास्थ्य विभाग की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि स्ट्रीट वेंडर्स की ज्यादातर दुकानों पर मोमोज तैयार करते समय न तो साफ पानी का उपयोग होता है और न ही स्वच्छ वातावरण। कई जगहों पर इस्तेमाल होने वाली सब्जियां लंबे समय तक खुले में रखी रहती हैं, जिनमें जल्दी बैक्टीरिया पनप जाते हैं। नमी भरे आटे और अधपकी सब्जियों के साथ बनाए गए मोमोज पेट में इंफेक्शन, फूड पॉइजनिंग और दस्त जैसी समस्याओं का कारण बन सकते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि बड़े शहरों में 60% से ज्यादा मोमोज स्टॉल साफ-सफाई के बुनियादी मानकों पर खरे नहीं उतरते।

डॉक्टरों के अनुसार मोमोज के साथ मिलने वाली लाल चटनी में सबसे बड़ा खतरा छिपा होता है। कई विक्रेता इसमें कृत्रिम रंग, बासी टमाटर और तीखे मसालों का उपयोग करते हैं, जो गैस्ट्रिक अल्सर और लिवर पर दबाव बढ़ा सकते हैं। चटनी को स्वादिष्ट बनाने के लिए सोडियम बेंजोएट जैसे प्रिज़र्वेटिव भी मिलाए जाते हैं, जो लंबे समय में शरीर के लिए बेहद नुकसानदेह साबित होते हैं।

पहला खतरा: पाचन तंत्र तेजी से कमजोर होता है

डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि रोजाना मोमोज खाने से सबसे पहला असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। मोमोज का आटा मैदा से बनता है, जिसे पचने में लंबा समय लगता है। मैदा आंतों में चिपककर गैस, कब्ज, एसिडिटी और पेट में सूजन पैदा करता है। यदि लंबे समय तक इसका सेवन जारी रहे, तो गैस्ट्राइटिस और IBS (इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम) जैसी समस्याएं भी जन्म ले सकती हैं। कई केस स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों में रोजाना स्ट्रीट फूड का सेवन था, उनमें पेट की बीमारियां 40% तक बढ़ी थीं।

दूसरा बड़ा खतरा मोमोज के अंदर भरावन में छिपा होता है। सब्जियां और पनीर अगर साफ तरीके से न धुले हों या बासी हों, तो इनमें ई.कोलाई जैसे बैक्टीरिया पनप जाते हैं, जो फूड इंफेक्शन के बड़े कारण हैं। अस्पतालों के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 3 वर्षों में फूड पॉइजनिंग के केसों में मोमोज और चाउमीन जैसे स्ट्रीट फूड का योगदान 30% से अधिक रहा है।

दूसरा खतरा: वजन बढ़ना और हार्मोनल असंतुलन

मैदा से बने मोमोज का GI (ग्लाइसेमिक इंडेक्स) बहुत ज्यादा होता है, जिससे शरीर में अचानक ब्लड शुगर बढ़ता है और इंसुलिन का स्तर प्रभावित होता है। रोजाना सेवन से वजन तेजी से बढ़ने लगता है और मोटापा बढ़ने का खतरा दोगुना हो जाता है। मैदा और तैलीय भरावन शरीर के मेटाबॉलिज्म को धीमा करते हैं, जिससे हार्मोनल असंतुलन भी पैदा हो सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि किशोर उम्र के बच्चों में जंक फूड और मोमोज की लत तेजी से मोटापा, PCOS और Thyroid जैसी समस्याओं के मामलों को बढ़ा रही है। यह स्थिति आगे चलकर डायबिटीज और हृदय रोगों का रूप ले सकती है।

तीसरा खतरा: हृदय रोगों का बढ़ता जोखिम

मोमोज के भरावन में कई बार कम गुणवत्ता वाले तेल और फैट का उपयोग होता है। खासकर तिब्बती और तंदूरी मोमोज में सैचुरेटेड फैट की मात्रा अधिक पाई जाती है। लगातार सेवन से खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) बढ़ जाता है, जो हृदय रोगों का खतरा बढ़ाता है। कार्डियोलॉजिस्ट का कहना है कि युवाओं में बढ़ते हार्ट अटैक के मामलों में गलत खानपान बड़ी वजह है जिसमें मोमोज जैसे हाई-फैट स्ट्रीट फूड का योगदान भी महत्वपूर्ण है।

चौथा खतरा: दिमाग और मानसिक स्वास्थ्य पर असर

हाल के अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि MSG (मोनोसोडियम ग्लूटामेट), जिसे स्वाद बढ़ाने के लिए कई मोमोज विक्रेता इस्तेमाल करते हैं, दिमाग की नसों पर असर डाल सकता है। लंबे समय तक MSG का सेवन माइग्रेन, चिड़चिड़ापन, नींद की कमी और चिंता जैसे मानसिक लक्षणों का कारण बन सकता है। विशेषज्ञों ने इसे ‘Chinese Food Syndrome’ भी कहा है, जिसमें तेज धड़कन, सिरदर्द, पसीना और बेचैनी जैसे लक्षण शामिल होते हैं।

विशेषज्ञों की सलाह: सीमित मात्रा में ही खाएं

डॉक्टरों ने कहा है कि अगर लोग मोमोज खाना ही चाहते हैं तो उन्हें घरेलू मोमोज को प्राथमिकता देनी चाहिए, जहां सब्जियां ताज़ा हों और आटा मैदा की जगह गेहूं का इस्तेमाल हो। बाहर के मोमोज हफ्ते में एक बार से ज्यादा खाने की सलाह नहीं दी जाती।

स्वास्थ्य विभाग ने भी जनता को सावधान करते हुए कहा कि लगातार मोमोज का सेवन सेहत के लिए खतरा बन सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को इससे दूर रखने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों की चेतावनी स्पष्ट हैमोमोज का स्वाद भले ही लाजवाब हो, पर रोजाना सेवन से यह सचमुचस्लो पॉइजनबनकर सेहत को नुकसान पहुंचा सकता है।

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Author: THE CG NEWS

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