
देश की स्कूली शिक्षा में पहली बार आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस (AI) को बड़े पैमाने पर शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। NCERT ने 11वीं और 12वीं के लिए एआई का नया सिलेबस तैयार करने हेतु 16 सदस्यों की टेक्स्टबुक डेवलपमेंट टीम का गठन किया है, जिसमें IITs, IISc बेंगलुरू, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया और अन्य प्रमुख संस्थाओं के विशेषज्ञ शामिल किए गए हैं। यह टीम तय करेगी कि आने वाले समय में वरिष्ठ कक्षाओं के छात्र एआई विषय में क्या पढ़ेंगे और उनके लिए किस तरह का शिक्षण-सामग्री (Teaching Learning Material) बनाया जाएगा।
सरकार ने यह कदम नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE) के अनुसार एआई और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को स्कूली शिक्षा से जोड़ने के निर्णय के तहत उठाया है। लक्ष्य है कि भारत के छात्र नई तकनीकों के साथ कदम मिलाकर आगे बढ़ें और वैश्विक स्तर पर भविष्य की नौकरियों के लिए स्वयं को तैयार कर सकें।
नए सत्र से छपनी शुरू होंगी एआई की किताबें
शिक्षा मंत्रालय के अनुसार नए शैक्षणिक सत्र से AI की नई किताबें तैयार की जाएंगी, ताकि छात्र पहले दिन से ही इस विषय को पढ़ना शुरू कर सकें।
सरकार पहले ही तीसरी कक्षा से AI की शुरुआती शिक्षा शुरू करने की घोषणा कर चुकी है, जबकि अब 11वीं और 12वीं स्तर पर उन्नत एआई पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है।
एनसीईआरटी अधिकारी बताते हैं कि एआई के बढ़ते उपयोग, उद्योगों में इसकी भूमिका और भविष्य की संभावनाओं को देखते हुए सिलेबस काफी आधुनिक और उद्योग-उन्मुख बनाया जाएगा। उद्देश्य है कि स्कूल स्तर से ही छात्रों को एआई के वास्तविक अनुप्रयोगों की समझ विकसित हो सके।
IITs और बड़ी टेक कंपनियों के एक्सपर्ट बना रहे हैं सिलेबस
NCERT द्वारा गठित की गई AI टेक्स्टबुक टीम में शामिल हैं—
•IIT मद्रास, IIT बॉम्बे, IIT जोधपुर के प्रोफेसर
•भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरू के विशेषज्ञ
•माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के एआई विशेषज्ञ
•अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर
•NCERT और CBSE के वरिष्ठ एकेडमिक विशेषज्ञ
इस टीम का उद्देश्य है कि सिलेबस न केवल छात्रों की वर्तमान जरूरतों को पूरा करे, बल्कि आने वाले समय में एआई से जुड़े कौशलों की मांग को भी ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाए।
इस आधार पर तय होगा AI सिलेबस
एआई आज स्वास्थ्य, शिक्षा, ऑटोमेशन, बैंकिंग, सुरक्षा और व्यापार सहित लगभग सभी क्षेत्रों में अपनी भूमिका निभा रहा है। इसलिए सिलेबस बनाते समय यह देखा जा रहा है कि—
•एआई ने उद्योगों को कैसे बदला है?
•आने वाले वर्षों में एआई किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा प्रभाव डालेगा?
•छात्रों को किन कौशलों की सबसे ज्यादा जरूरत होगी?
इसी को ध्यान में रखते हुए सिलेबस कमिटी में इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स को भी शामिल किया गया है, ताकि पाठ्यक्रम केवल सिद्धांत न होकर व्यावहारिक भी हो।
CBSE के एआई करिकुलम के ड्राफ्ट को भी इसी कमिटी द्वारा समीक्षा के लिए भेजा गया है।
मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, रोबोटिक्स… सब होगा शामिल
शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि 11वीं-12वीं के स्तर पर बनने वाला एआई सिलेबस काफी व्यापक होगा और इसमें शामिल होंगे—
•Mathematics for AI
•Programming (Python आधारित)
•Machine Learning
•Deep Learning
•Data Science (डेटा माइनिंग और विज़ुअलाइजेशन)
•Computer Vision
•Robotics और Automation
इन सभी विषयों में प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग पर विशेष जोर दिया जाएगा, ताकि छात्र केवल सिद्धांत नहीं, बल्कि वास्तविक एआई मॉडल भी बना सकें।
प्रोजेक्ट-बेस्ड टीचिंग को मिलेगा बड़ा स्थान
NCERT के अनुसार नई एआई किताबें पारंपरिक रटने वाली पढ़ाई से आगे बढ़ेंगी। छात्र विभिन्न प्रकार के AI प्रोजेक्ट्स, मॉडल ट्रेनिंग, रोबोटिक्स असाइनमेंट, और डेटा विश्लेषण जैसे कार्य करेंगे।
छात्रों को यह समझाया जाएगा कि एआई कैसे निर्णय लेता है, कैसे डेटा मॉडल तैयार होता है, और भविष्य की नौकरियों में इसका उपयोग क्या होगा।
हर शिक्षा बोर्ड में लागू होगा कॉमन एआई करिकुलम
अभी सीबीएसई स्कूलों में 8वीं कक्षा से एआई का विकल्प उपलब्ध है, लेकिन सभी राज्यों के बोर्डों में यह सुविधा नहीं है।
अगले वर्ष से सभी राज्यों के छात्रों को एआई विषय का विकल्प मिल सकेगा, इसके लिए NCERT एक कॉमन करिकुलम तैयार कर रहा है।
नई एआई किताबों की प्रिंटिंग समय पर होगी और पूरे देश में इसकी पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बड़ा फैसला
एआई तेजी से बदलती दुनिया का केंद्र बन गया है। स्वास्थ्य सेवाओं से लेकर ट्रांसपोर्ट तक, हर क्षेत्र में एआई की भूमिका बढ़ रही है। इसीलिए सरकार का मानना है कि स्कूल स्तर पर एआई शिक्षा देने से भारत के युवा वैश्विक बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी बनेंगे।
एनसीईआरटी की यह पहल आने वाले वर्षों में छात्रों की तकनीकी समझ को नए स्तर पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
Author: THE CG NEWS
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