पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से मुलाकात से वंचित की गई बहनें — पुलिस पर पुलिसिया हत्था-प्रयोग का आरोप, सोशल मीडिया पर ‘मौत’ की अफवाह

SHARE:

इस्लामाबाद/रावलपिंडी — पाकिस्तान के रावलपिंडी स्थित Adiala Jail में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी तीन बहनों — अलीमा खान, नोरीन नियाजी और डॉ. उज्मा खान — को पिछले कई महीनों से मुलाकात की इजाजत नहीं दी जा रही है। यह असुविधा अदालत के आदेशों के बाद भी जारी है। मंगलवार (18 नवम्बर 2025) को जब बहनें अपने भाई से मिलने पहुंचीं, तो पुलिस ने उन्हें जेल परिसर में प्रवेश न देकर बाहर रोक दिया। इसके बाद तीनों महिलाएँ समर्थकों के साथ शांतिपूर्ण धरने पर बैठ गईं।

पार्टी का दावा है कि रात में पुलिस ने अंधेरा कर देने के बाद उन पर भयानक हमला किया — नोरीन नियाजी को बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा गया, और अन्य महिलाओं के साथ मारपीट की गई। इन सब आरोपों ने देश में हिंसा, मानवाधिकार और न्याय-व्यवस्था की ईमानदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद बहनों और उनके समर्थकों ने एक शिकायत पंजाब पुलिस महानिदेशक के पास दर्ज कराई है।

न्यायालय अनुमति दे चुका, पर जेल प्रशासन नहीं मान रहा

पाकिस्तान की अदालत — Islamabad High Court (IHC) — ने मार्च 2025 में आदेश दिया था कि इमरान के परिवार और वकीलों से नियमित रूप से मुलाकात की अनुमति दी जाए। इसके बावजूद, बार-बार मुलाकात टलती रही। अक्टूबर में पुनः आदेश दिए जाने के बाद भी जेल प्रशासन ने बैठकों पर प्रतिबंध लगाये रखा। परिवार का कहना है कि अदालतों के आदेश पर अमल न करना कानूनी और संवैधानिक नियमों का उल्लंघन है।

पिछले कुछ हफ्तों में बहनों से लगातार मुलाकात न करने देने और अन्य मामलों में बदसलूकी के आरोपों से माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

झूठी अफवाहें और मौत की भयावह सोशल मीडिया चर्चाएँ

इमरान खान की बहनों से जबरदस्ती मुलाकात न कराने और पुलिस के कथित दमन की खबरों के बीच, सोशल मीडिया पर उनकी मौत की अफवाहें भी फैलने लगीं। कई पोस्ट्स में दावा किया गया कि उन्हें जेल से कहीं और ले जाया गया है या उनका स्वास्थ्य नाजुक है। हालांकि, न तो जेल प्रशासन ने इस बारे में कोई पुष्टि की है, न ही कोई विश्वसनीय स्रोत सामने आया है — जिससे हालत और अधिक अनिश्चित हो चुकी है।

समर्थकों और नागरिकों में असमंजस फैल रहा है। अफवाहों और उत्पीडन की ख़बरों ने पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता और मानवीय अधिकारों पर गंभीर संकट की तस्वीर पेश कर दी है।

राजनीतिक व मानवाधिकार संगठनों ने जताई चिंताएं

पूर्व प्रधानमंत्री की पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने इस घटना को “अमानवीय, अवैध और बेइज्जती भरा” बताया है। पार्टी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब कानूनी आदेश मौजूद हैं, फिर भी मुलाकातों पर रोक लगाना संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। उन्होंने उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में पुनर्विचार हेतु कदम उठाने की तैयारी का भी ऐलान किया है।

कुछ मानवाधिकार समूहों ने इसे राजनीतिक उत्पीड़न का हिस्सा करार दिया है। उनका कहना है कि किसी भी बंदी के परिवार और कानूनी प्रतिनिधियों को मिलने से रोकना लोकतांत्रिक देश में अस्वीकार्य है।

पाकिस्तान में बढ़ता विवाद — राजनीतिक अस्थिरता की नयी आग?

यह विवाद सिर्फ एक निजी या पारिवारिक मामला नहीं रह गया है; यह अब पूरे राजनीतिक माहौल और नागरिकों के भरोसे की परीक्षा बन चुका है। इमरान खान की बहनों के तजुर्बे, न्यायालय के आदेशों की अनदेखी, पुलिसिया दमन, और अफवाहों का दौर — इन सबने पाकिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता, मानवाधिकार उल्लंघन और शासन में ग़ैरपारदर्शिता की चिंता बढ़ा दी है।

इस अप्रिय घटनाक्रम के बाद यह देखने लायक होगा कि सरकार, न्यायपालिका और जेल प्रशासन किस तरह प्रतिक्रिया देते हैं। क्या इस विवाद की जड़ें साफ होंगी, और क्या विपक्ष और नागरिकों के दबाव में मुलाकातों व पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगीयहतयकरेगा

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई