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लोगों के खानपान में चिकन और मटन दो सबसे लोकप्रिय नॉन-वेज विकल्प हैं। लेकिन जब बात दिल की सेहत, कोलेस्ट्रॉल और वज़न नियंत्रण की आती है, तो यह सवाल आम हो जाता है कि चिकन बेहतर है या मटन? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक दोनों के अपने फायदे और नुकसान हैं, लेकिन सही मात्रा और सही तरह से पकाना ही दिल की सेहत के लिए सबसे बड़ा फैक्टर है। आइए जानते हैं किसे खाना सुरक्षित है और किसे कम मात्रा में लेना चाहिए।
चिकन: कम कोलेस्ट्रॉल और हल्का प्रोटीन स्रोत
चिकन को आमतौर पर मटन की तुलना में हल्का और कम फैट वाला माना जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार स्किनलेस चिकन में सैचुरेटेड फैट कम होता है, जिससे यह दिल और कोलेस्ट्रॉल के लिए बेहतर विकल्प बन जाता है। चिकन की ब्रेस्ट पीस में हाई-प्रोटीन, लो-फैट और विटामिन B ग्रुप अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं। यह उन लोगों के लिए अनुकूल है जो वजन कंट्रोल करना चाहते हैं या जिम, स्पोर्ट्स एक्टिविटी में हैं।
लेकिन ध्यान रहे, तला हुआ चिकन, फ्राइड चिकन, या ज्यादा मसाले वाला ग्रेवी चिकन कोलेस्ट्रॉल को बढ़ा सकता है। इसलिए ग्रिल्ड, बॉइल्ड या होम-कुक्ड चिकन को ही हेल्दी माना जाता है।
मटन: उच्च पोषक तत्व लेकिन हाई फैट के साथ
मटन में आयरन, जिंक और विटामिन B12 भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर में रेड ब्लड सेल्स और इम्युनिटी के लिए महत्वपूर्ण हैं। यही कारण है कि कई लोग मटन को ‘एनर्जी बूस्टर’ के रूप में देखते हैं।
लेकिन इसके साथ ही मटन में सैचुरेटेड फैट और कोलेस्ट्रॉल की मात्रा चिकन की तुलना में ज्यादा होती है। यही वजह है कि हृदय रोग, हाई BP, और कोलेस्ट्रॉल की समस्या वाले लोगों को मटन सीमित मात्रा में ही खाने की सलाह दी जाती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि मटन को हल्की ग्रेवी, कम तेल और धीमी आंच पर पकाना इसे थोड़ा हल्का बनाता है।
कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों के लिए क्या बेहतर?
दिल की बीमारी या हाई कोलेस्ट्रॉल वाले मरीजों के लिए चिकन मटन की तुलना में सुरक्षित माना जाता है। खासकर अगर चिकन स्किनलेस, उबला हुआ या ग्रिल्ड हो। मटन में मौजूद भारी फैट रक्त वाहिकाओं में ब्लॉकेज का खतरा बढ़ा सकता है।
हालांकि इसका मतलब यह नहीं कि मटन पूरी तरह छोड़ना पड़े—मात्रा नियंत्रित रखकर और महीने में सिर्फ 1–2 बार ही मटन लेने की सलाह दी जाती है।
दिल की सेहत के लिए किसका चुनाव करें?
हार्ट विशेषज्ञों के अनुसार दिल के मरीज या जिनके परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, उन्हें रोजमर्रा के खानपान में चिकन को प्राथमिकता देनी चाहिए।
•स्किनलेस चिकन
•उबला, स्टीम्ड, रोस्टेड या ग्रिल्ड
•कम मसाले, कम तेल
ये तरीकें चिकन को एक सुरक्षित विकल्प बनाते हैं।
दूसरी ओर, मटन एक अच्छा विकल्प तभी है जब इसे कम मात्रा, कम तेल और सही तरह के कट के साथ पकाया जाए। अधिक फैटी कट्स से बचना सबसे महत्वपूर्ण है।
लाइफस्टाइल और स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर है सही चुनाव
डॉक्टर्स कहते हैं कि कौन सा मांस आपके लिए बेहतर है, यह आपकी उम्र, सक्रियता, दिल की स्थिति, कोलेस्ट्रॉल लेवल और लाइफस्टाइल पर निर्भर करता है।
•जिम जाने वाले, एक्टिव लोग — चिकन आसानी से डाइजेस्ट होता है।
•एनीमिया, लो-एनर्जी वाले लोग — मटन का आयरन उन्हें मदद कर सकता है (डॉक्टर की सलाह के साथ)।
•दिल या कोलेस्ट्रॉल वाले — चिकन का हल्का रूप ही सुरक्षित है।
साथ ही, दिनभर की कुल डाइट, फाइबर, पानी और एक्टिविटी लेवल भी हृदय स्वास्थ्य पर असर डालते हैं।
निष्कर्ष: कब क्या खाएं?
अगर दिल और कोलेस्ट्रॉल आपकी प्राथमिकता है, तो चिकन साफ तौर पर बेहतर विकल्प है।
मटन पोषक तत्वों से भरपूर है, लेकिन इसके साथ जुड़ा हाई फैट इसे सीमित मात्रा में खाने योग्य बनाता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है—
“मांस बदलें नहीं, बास मात्रा और तरीका बदल दें।”
कम तेल, कम मसाले और सही मात्रा से आप दोनों का स्वाद सुरक्षित रूप से ले सकते हैं।
Author: THE CG NEWS
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