इंडिगो ऑपरेशन क्राइसिस: 4 दिन में 1200+ फ्लाइट्स रद्द, सरकार बैकफुट पर; DGCA ने वीकली रेस्ट वाला नियम वापस लिया, यात्रियों का हंगामा बढ़ा

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देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर परिचालन संकट से गुजर रही है। पिछले चार दिनों में 1200 से अधिक उड़ानें रद्द हो चुकी हैं, जबकि सैकड़ों फ्लाइट्स घंटों देरी से चलीं। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, हैदराबाद, रायपुर सहित कई बड़े शहरों के एयरपोर्ट पर यात्रियों की भारी भीड़ है। कई एयरपोर्ट पर यात्रियों और स्टाफ के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थितियाँ बन गईं। बढ़ते संकट को देखते हुए केंद्र सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा और DGCA ने पायलटों और क्रू के लिए लागू किए गए विवादित FDTL (फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन) नियमों को तत्काल वापस ले लिया।

DGCA ने बदला फैसला, वीकली रेस्ट का नया नियम वापस

DGCA ने हाल ही में एक नियम लागू किया था, जिसके तहत पायलटों और अन्य क्रू को हर 7 दिनों में लगातार 48 घंटे का वीकली रेस्ट अनिवार्य किया गया था। इसके साथ ही छुट्टियों और साप्ताहिक आराम को अलग-अलग माना जाना था, जिससे एयरलाइन कंपनियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ा।

इंडिगो ने इस नियम को लागू करने में असमर्थता जताई और कहा कि अचानक इतने अधिक रेस्ट पीरियड के कारण क्रू की भारी कमी हो गई है। इसी वजह से पिछले चार दिनों में हजारों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। इंडिगो ने DGCA से 10 फरवरी 2026 तक इस नियम से छूट मांगी थी।

सरकार ने स्थिति बिगड़ते देख यह नियम वापस ले लिया और पुराने प्रावधान—हर 7 दिनों में 36 घंटे का लगातार रेस्ट—को फिर लागू कर दिया।

दिल्ली एयरपोर्ट पर सबसे ज्यादा असर, 225 फ्लाइट्स रद्द

दिल्ली IGI एयरपोर्ट देश में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ है। सिर्फ गुरुवार को 225 फ्लाइट्स रद्द की गईं। शुक्रवार को भी इंडिगो ने रात 12 बजे तक दिल्ली से चलने वाली सभी घरेलू उड़ानें रद्द कर दीं।

टर्मिनल पर हजारों सूटकेस बेतरतीब पड़े रहे। यात्रियों की लाइनें इतनी लंबी थीं कि लोग फर्श और सीढ़ियों पर बैठकर उड़ानों का इंतजार करने लगे। कई परिवारों को अपने बच्चों के लिए बुनियादी सामान तक नहीं मिला।

एक यात्री ने बताया—“हम 24 घंटे से फंसे हैं। पानी तक नहीं मिल रहा। स्टाफ से पूछो तो कोई जानकारी नहीं देता।”

रायपुर, मुंबई, पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु में भी हंगामा

रायपुर एयरपोर्ट पर यात्रियों और सुरक्षाकर्मियों के बीच जोरदार बहस और धक्का-मुक्की हुई। बच्चों और बुजुर्गों को कुर्सियों पर घंटों बैठना पड़ा।

मुंबई एयरपोर्ट पर इंडिगो काउंटर पर यात्रियों की लंबी कतारें लगी रहीं।

पुणे में 32 फ्लाइट्स रद्द हुईं और यात्रियों का सामान ट्रॉली में जमा रहा, जिसे लेने में घंटों इंतजार करना पड़ा।

हैदराबादबेंगलुरु में 100 से ज्यादा उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को भारी दिक्कतें झेलनी पड़ीं।

गोवा एयरपोर्ट पर एक यात्री ने बताया—“हमारी कनेक्टिंग फ्लाइट छूट गई। इंडिगो कोई मदद नहीं कर रहा। मजबूरन हमें एक दिन और रुकना पड़ेगा।”

दूसरी एयरलाइंस ने किराए बढ़ाए, यात्रियों की परेशानी दोगुनी

इंडिगो की उड़ानें रद्द होने के बाद कई यात्रियों ने आरोप लगाया कि अन्य एयरलाइंस ने इस मौके पर किराए दोगुने तक बढ़ा दिए। अहमदाबाद—वाराणसी रूट पर एक यात्री ने कहा—“फ्लाइट रद्द हुई, सामान नहीं मिला। दूसरी एयरलाइन का किराया दोगुना कर दिया गया है।”

DGCA ने इंडिगो से हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट मांगी

DGCA ने इंडिगो अधिकारियों के साथ बैठक कर सख्त निर्देश दिए।

एयरलाइन को अब—

•क्रू की भर्ती बढ़ाने,

•ट्रेनिंग रोडमैप सुधारने,

•रोस्टर रीस्ट्रक्चर करने

•और सेफ्टी प्लान जमा करने

के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही हर 15 दिन में प्रोग्रेस रिपोर्ट देना अनिवार्य किया गया है।

नागरिक उड्डयन मंत्री की फटकार: “तैयारी का समय था, फिर स्थिति कैसे बिगड़ी?”

नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने गुरुवार को उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की और इंडिगो प्रबंधन पर नाराजगी जताई।

उन्होंने कहा—

•उड़ानें जल्द सामान्य करें,

•किराए में अचानक बढ़ोतरी न करें,

•और कैंसिलेशन की स्थिति में यात्रियों को भोजन, होटल, ट्रांसपोर्ट और अन्य सुविधाएँ समय पर मिलें।

इंडिगो पर संकट क्यों? जवाब है—क्रू की कमी और नए नियमों का दबाव

इंडिगो के पास सबसे बड़ा विमान बेड़ा है और वह रोजाना 2300 से ज्यादा उड़ानें संचालित करती है। इतने बड़े नेटवर्क पर 10–20% उड़ानें भी रद्द होती हैं तो इसका असर हजारों यात्रियों पर पड़ता है।

नवंबर में भी इंडिगो की 1232 उड़ानें रद्द हुई थीं, जिनमें से 755 उड़ानें केवल FDTL नियमों के कारण थीं। अब दिसंबर में यह संकट कई गुना बढ़ गया है।

स्थिति कब सामान्य होगी? इंडिगो ने कहा—“3 महीने लगेंगे”

इंडिगो ने DGCA को भरोसा दिया है कि वह तीन महीने के भीतर परिचालन सामान्य कर देगा। हालांकि यात्रियों की परेशानी फिलहाल जारी है और एयरपोर्ट पर अव्यवस्था कम होने का नाम नहीं ले रही।

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन के इस संकट ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि क्या भारत की एविएशन व्यवस्था इतने बड़े ऑपरेशनल शॉक को संभालने के लिए तैयार है?

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

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