
सर्दियों में बाजारों में मिलने वाला सिंघाड़ा यानी वाटर चेस्टनट एक ऐसा मौसमी कंद है, जो अपने स्वाद और पोषण दोनों के लिए जाना जाता है। पानी में उगने वाला यह फल न केवल आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान रखता है, बल्कि न्यूट्रिशन साइंस भी इसे हाई-फाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सिडेंट से भरपूर सुपरफूड मानता है। ठंडी तासीर वाला यह कंद शरीर की गर्मी संतुलित रखने, एनर्जी बढ़ाने, पाचन सुधारने और हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए लाभदायक माना जाता है। यही कारण है कि सर्दियों में इसकी मांग और उपभोग तेजी से बढ़ जाता है। वैज्ञानिक अध्ययनों में भी इसके पोषण मूल्य की पुष्टि की गई है, जिससे यह मौसमी फलों में अपनी अलग पहचान बनाता है।
सिंघाड़ा किन पोषक तत्वों से भरपूर होता है
USDA के आंकड़ों के अनुसार, सिंघाड़ा कई आवश्यक पोषक तत्वों का बेहतरीन स्रोत है। इसमें फाइबर के अलावा पोटेशियम, मैग्नीशियम, मैंगनीज, फॉस्फोरस और कॉपर जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के कई मेटाबोलिक फ़ंक्शंस के लिए जरूरी हैं। इसके साथ ही विटामिन B6, विटामिन E और विटामिन C जैसे विटामिन भी इसमें मौजूद होते हैं, जो इम्यूनिटी बढ़ाने और सेल रिपेयर में मदद करते हैं। सिंघाड़े का एक बड़ा लाभ यह है कि यह लगभग फैट-फ्री होता है और कम कैलोरी में तुरंत ऊर्जा प्रदान करता है। इसलिए इसे वजन नियंत्रित रखने वालों और हेल्दी स्नैकिंग चाहने वालों के लिए आदर्श माना जाता है। पोषक तत्वों का यह संतुलित मिश्रण सिंघाड़े को सर्दियों का एक संपूर्ण सुपरफूड बनाता है।
सिंघाड़ा से मिलने वाले प्रमुख स्वास्थ्य लाभ
सिंघाड़े में मौजूद हाई फाइबर पाचन को दुरुस्त रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यह न केवल पाचन तंत्र को सुचारू रखता है बल्कि कब्ज की समस्या से भी राहत दिलाता है। वहीं इसका पोटेशियम कंटेंट ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने और हार्ट हेल्थ को मजबूत बनाने में सहायक माना जाता है। एंटीऑक्सिडेंट्स और विटामिन C शरीर में सूजन कम करने, इम्यूनिटी बढ़ाने और फ्री रैडिकल्स से होने वाले सेल डैमेज से बचाने के लिए उपयोगी होते हैं। वैज्ञानिक शोधों में यह भी पाया गया है कि सिंघाड़ा ग्लूटन-फ्री और लो कैलोरी होता है, जिसके कारण यह वजन घटाने वाले लोगों तथा डायबिटिक व्यक्तियों के लिए भी एक सुरक्षित विकल्प बन जाता है। इसके नियमित सेवन से शरीर को आवश्यक ऊर्जा मिलती है और गट हेल्थ भी बेहतर होती है।
कच्चा या उबला सिंघाड़ा—कौन सा बेहतर
पोषण विशेषज्ञों के अनुसार कच्चा और उबला दोनों ही सिंघाड़ा फायदेमंद हैं। कच्चे सिंघाड़े में इसके प्राकृतिक पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और इसकी मिठास भी बनी रहती है। वहीं उबालने पर यह हल्का और आसानी से पचने योग्य हो जाता है, इसलिए जिन लोगों को गैस, ब्लोटिंग या कमजोर पाचन की समस्या होती है, उनके लिए उबला सिंघाड़ा बेहतर विकल्प माना जाता है। उबालने से बैक्टीरिया और अशुद्धियां भी खत्म हो जाती हैं, जिससे यह अधिक सुरक्षित हो जाता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसे हमेशा ताजा खरीदकर धोकर ही खाया जाए।
डाइट में सिंघाड़े को किस तरह शामिल करें
सिंघाड़ा अपनी बहुमुखी प्रकृति के कारण विभिन्न रूपों में खाया जा सकता है। इसे कच्चा, उबला, भुना या सलाद में मिलाकर आसानी से रोजाना के आहार में शामिल किया जा सकता है। इसके अलावा सब्जी, करी, स्टर-फ्राई तथा स्मूदी और मिठाइयों में भी इसका स्वाद बढ़िया लगता है। व्रत के दौरान इसका आटा एक बेहतर विकल्प बनता है, जिससे रोटी, पकोड़े, चीला, हलवा या अन्य व्यंजन बनाए जा सकते हैं। पोषण के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति दिन में 8–10 सिंघाड़े तक सुरक्षित मात्रा में खा सकता है।
किन लोगों को सिंघाड़ा खाने में सावधानी बरतनी चाहिए
ज्यादातर लोगों के लिए सिंघाड़ा पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन कुछ स्थितियों में इसका सेवन सीमित या टालना चाहिए। जिन लोगों को किडनी संबंधी समस्याएं हैं, उनके लिए इसमें मौजूद पोटेशियम नुकसानदायक हो सकता है। वहीं जिन लोगों को किसी प्रकार की फूड एलर्जी होती है, उन्हें भी इसे खाने से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। छोटे बच्चों को कच्चा सिंघाड़ा नहीं देना चाहिए ताकि गला चोक होने का खतरा न रहे। इसके अलावा यदि सिंघाड़े को साफ पानी में न धोया गया हो या यह खराब गुणवत्ता वाला हो, तो पेट खराब होने की आशंका रहती है।
सिंघाड़ा खरीदते समय ध्यान देने योग्य बातें
बाजार में कई बार खराब या सड़े हुए सिंघाड़े मिल जाते हैं, इसलिए खरीदते समय इसकी बाहरी सतह, सख्ती और रंग पर ध्यान देना जरूरी है। अच्छे सिंघाड़े हमेशा ठोस, चिकनी सतह वाले और बिना दाग के होते हैं। फफूंदी, दरारें या काले निशान वाले सिंघाड़े न खरीदें। अगर आटा खरीद रहे हों तो हमेशा विश्वसनीय ब्रांड, पैकिंग और मैन्युफैक्चरिंग डेट जरूर देखें, ताकि इसकी गुणवत्ता और ताजगी सुनिश्चित हो सके।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







