नवंबर में थोक महंगाई बढ़कर माइनस 0.32% पर पहुंची, खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ने से बढ़ा दबाव

SHARE:

देश में महंगाई के मोर्चे पर नवंबर महीने में एक बार फिर हलचल देखने को मिली है। खाने-पीने की चीजों और रोजमर्रा की जरूरतों के सामान महंगे होने के चलते थोक महंगाई दर (WPI) बढ़कर माइनस 0.32 प्रतिशत पर पहुंच गई है। इससे पहले अक्टूबर में थोक महंगाई माइनस 1.21 प्रतिशत के स्तर पर थी। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने 15 दिसंबर को थोक महंगाई के ताजा आंकड़े जारी किए हैं, जिनसे यह साफ है कि कीमतों में गिरावट की रफ्तार अब धीमी पड़ने लगी है।

नवंबर के आंकड़ों पर नजर डालें तो यह स्पष्ट होता है कि महंगाई में बढ़ोतरी का मुख्य कारण खाद्य वस्तुओं के दामों में आया उछाल है। सितंबर में थोक महंगाई 0.13 प्रतिशत और अगस्त में 0.52 प्रतिशत के स्तर पर थी। इसके बाद अक्टूबर में इसमें तेज गिरावट दर्ज की गई थी, लेकिन नवंबर में एक बार फिर कीमतों में बढ़ोतरी के संकेत मिले हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह स्थिति आने वाले महीनों में महंगाई के रुख को लेकर अहम संकेत दे सकती है।

रोजमर्रा की जरूरत के सामानों की थोक महंगाई में नवंबर में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्राइमरी आर्टिकल्स यानी दैनिक जरूरत के सामानों की महंगाई अक्टूबर के माइनस 6.18 प्रतिशत से बढ़कर नवंबर में माइनस 2.93 प्रतिशत पर पहुंच गई। इसी तरह खाने-पीने की चीजों से जुड़े फूड इंडेक्स की महंगाई भी माइनस 5.04 प्रतिशत से बढ़कर माइनस 2.60 प्रतिशत हो गई। इसका सीधा असर आम लोगों की थाली पर पड़ता नजर आ रहा है, क्योंकि अनाज, सब्जियां और अन्य खाद्य वस्तुएं धीरे-धीरे महंगी हो रही हैं।

ईंधन और बिजली से जुड़े फ्यूल और पावर सेक्टर में भी थोक महंगाई दर में हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। अक्टूबर में जहां यह माइनस 2.55 प्रतिशत थी, वहीं नवंबर में यह माइनस 2.27 प्रतिशत पर पहुंच गई। हालांकि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में थोड़ी राहत देखने को मिली है। मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की थोक महंगाई दर अक्टूबर के 1.54 प्रतिशत से घटकर नवंबर में 1.33 प्रतिशत रह गई, जिससे उद्योग जगत को कुछ हद तक राहत मिली है।

होलसेल प्राइस इंडेक्स यानी WPI को तीन प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है, जिनका अलग-अलग वेटेज तय किया गया है। इसमें सबसे ज्यादा हिस्सेदारी मैन्युफैक्चर्ड प्रोडक्ट्स की है, जिसका वेटेज 64 प्रतिशत से अधिक है। इसके बाद प्राइमरी आर्टिकल्स का वेटेज करीब 22.6 प्रतिशत और फ्यूल एंड पावर का वेटेज लगभग 13 प्रतिशत है। प्राइमरी आर्टिकल्स के अंतर्गत खाद्य वस्तुएं, गैर-खाद्य कृषि उत्पाद, खनिज और कच्चा पेट्रोलियम जैसे आइटम शामिल होते हैं, जिनकी कीमतों में उतार-चढ़ाव सीधे तौर पर थोक महंगाई को प्रभावित करता है।

थोक महंगाई के साथ-साथ खुदरा महंगाई भी नवंबर में बढ़ी है। नवंबर में रिटेल महंगाई दर अक्टूबर के 0.25 प्रतिशत से बढ़कर 0.71 प्रतिशत पर पहुंच गई। सब्जियों, अंडा, मांस-मछली, मसालों के साथ-साथ फ्यूल और बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी इसकी प्रमुख वजह मानी जा रही है। खुदरा महंगाई के आंकड़े 12 दिसंबर को जारी किए गए थे, जिनसे यह संकेत मिलता है कि आम उपभोक्ताओं पर महंगाई का दबाव धीरे-धीरे बढ़ रहा है।

थोक महंगाई का असर सीधे तौर पर आम आदमी तक भले तुरंत न पहुंचे, लेकिन लंबे समय तक इसके ऊंचे स्तर पर बने रहने से इसका प्रभाव दिखाई देने लगता है। अगर थोक महंगाई लगातार बढ़ती है, तो उत्पादक और कारोबारी इसका बोझ धीरे-धीरे उपभोक्ताओं पर डाल देते हैं। सरकार के पास थोक महंगाई को नियंत्रित करने के लिए सीमित विकल्प होते हैं, जिनमें टैक्स में कटौती प्रमुख उपाय माना जाता है। पहले भी कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी के दौरान सरकार ने ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाकर राहत देने की कोशिश की थी।

भारत में महंगाई को मुख्य रूप से दो तरीकों से मापा जाता है। खुदरा महंगाई, जिसे कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स कहा जाता है, आम उपभोक्ताओं द्वारा चुकाई जाने वाली कीमतों पर आधारित होती है। वहीं थोक महंगाई, यानी होलसेल प्राइस इंडेक्स, उन कीमतों को दर्शाती है जो एक कारोबारी दूसरे कारोबारी से थोक बाजार में वसूलता है। नवंबर के ताजा आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले समय में महंगाई की दिशा पर सरकार और रिजर्व बैंक दोनों की नजर बनी रहेगी।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई