ब्रेस्ट मिल्क में मिला यूरेनियम: शिशुओं की किडनी और दिमाग पर खतरा, जानें पानी और शरीर से टॉक्सिन निकालने के सही उपाय

SHARE:

हाल ही में बिहार के कुछ जिलों में हुई एक स्टडी ने सभी को हैरान कर दिया है। इस अध्ययन में 17 से 35 साल की 40 महिलाओं को शामिल किया गया, जो अपने शिशुओं को स्तनपान कराती हैं। इन महिलाओं के ब्रेस्ट मिल्क के सैंपल लिए गए, जिनमें सभी में यूरेनियम की मौजूदगी पाई गई। अधिकतम मात्रा 5.25 माइक्रोग्राम प्रति लीटर दर्ज की गई।

डॉक्टर्स का कहना है कि यूरेनियम सिर्फ रेडियोएक्टिव नहीं होता, बल्कि यह शरीर के लिए एक खतरनाक केमिकल भी है। यह शरीर में पहुंचकर खासकर किडनी और हड्डियों को नुकसान पहुंचा सकता है। शिशुओं के लिए खतरा और अधिक है क्योंकि उनका इम्यून सिस्टम पूरी तरह विकसित नहीं होता। यूरेनियम के संपर्क में आने से बच्चों का दिमागी और शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है।

यूरेनियम का स्रोत और खतरे

भारत में यह समस्या इसलिए गंभीर मानी जा रही है क्योंकि बिहार समेत कई राज्यों में लोग सीधे भूजल पर निर्भर हैं। कई इलाकों के पानी में पहले से ही यूरेनियम मिलने की पुष्टि हो चुकी है। दूषित पानी मां के शरीर में जाकर ब्रेस्ट मिल्क के जरिए शिशु तक पहुंच सकता है। डॉ. मनीष मित्तल, सीनियर कंसल्टेंट नियोनेटोलॉजी, कोकून हॉस्पिटल, जयपुर, बताते हैं कि यूरेनियम आमतौर पर दूषित पीने के पानी, खाने या धूल-मिट्टी के संपर्क से शरीर में प्रवेश करता है और ब्लड के साथ मिल्क ग्लैंड्स तक पहुंच जाता है।

शिशु पर असर

यूरेनियम सबसे अधिक किडनी को प्रभावित करता है, जो शरीर से टॉक्सिन निकालने का काम करती है। लगातार संपर्क से किडनी के फिल्टर कमजोर हो सकते हैं। इसके अलावा, यह हड्डियों में जमा होकर उनकी ग्रोथ को प्रभावित कर सकता है। नवजात शिशुओं में दिमागी विकास पर भी असर पड़ सकता है, जिससे कमजोरी, धीमी ग्रोथ और स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है।

ब्रेस्ट मिल्क छोड़ें या नहीं?

डॉक्टरों का कहना है कि बिना जांच और सलाह के ब्रेस्ट मिल्क बंद करना सही नहीं है। आम तौर पर यूरेनियम का स्तर तुरंत नुकसानदेह नहीं होता। महिलाओं को अपने शरीर और दूध की जांच करानी चाहिए। जांच के आधार पर ही यह तय किया जा सकता है कि स्तनपान जारी रखना सुरक्षित है या नहीं।

पानी से यूरेनियम हटाने के तरीके

यूरेनियम से बचाव के लिए केवल उबालना पर्याप्त नहीं है। घरेलू RO (रिवर्स ऑस्मोसिस) फिल्टर सबसे प्रभावी हैं, क्योंकि ये घुली हुई भारी धातुओं को पानी से अलग कर देते हैं। सामान्य कैंडल फिल्टर या UV फिल्टर यूरेनियम नहीं हटाते। इसके अलावा आयन एक्सचेंज सिस्टम, एक्टिवेटेड एलुमिना, डिस्टिलेशन, कॉगुलेशन फिल्ट्रेशन और एब्जॉर्प्शन मीडिया फिल्टर्स भी प्रभावी माने जाते हैं। बड़े स्तर पर कम्युनिटी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट्स RO और आयन एक्सचेंज तकनीक मिलाकर पूरे इलाके को सुरक्षित पानी मुहैया कराते हैं।

कौन से क्षेत्र अधिक जोखिम में हैं

बिहार के कुछ जिले, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और तेलंगाना के हिस्से ऐसे हैं जहां भूजल में यूरेनियम की पुष्टि हो चुकी है। इन इलाकों में प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को नियमित पानी की जांच करानी चाहिए और सुरक्षित जल-स्रोत या RO फिल्टर का इस्तेमाल करना चाहिए।

शिशु में शुरुआती लक्षण और सलाह

यूरेनियम के संपर्क में आने पर शिशु में बार-बार उल्टी, सुस्ती, भूख कम लगना, वजन न बढ़ना और पेशाब में बदलाव जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल या बाल-विशेषज्ञ से संपर्क करें। समय पर सही जांच और उपचार से गंभीर नुकसान से बचा जा सकता है।

आहार और जीवनशैली से बचाव

दूषित पानी से उगी सब्जियां और अनजान स्रोत का खाना जोखिम बढ़ा सकते हैं, जबकि फल, हरी सब्जियां, दूध, दाल और विटामिन-C युक्त आहार शरीर को सुरक्षा में मदद करते हैं।

डॉक्टरों की सलाह है कि प्रेग्नेंट और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को हमेशा सुरक्षित जल स्रोत का इस्तेमाल करना चाहिए, शरीर की नियमित जांच करानी चाहिए और संतुलित आहार के जरिए खुद और शिशु को यूरेनियम के खतरे से बचाना चाहिए।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई