ममता बनर्जी का केंद्र पर तीखा हमला: बोलीं– प्रधानमंत्री जी अपने गृह मंत्री को कंट्रोल कीजिए; ED छापों के बीच सियासी घमासान

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पश्चिम बंगाल में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को केंद्र सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है। ममता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वे अपने गृह मंत्री को कंट्रोल करें। यह बयान उस वक्त आया, जब ED ने कथित कोयला तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के आईटी सेल इंचार्ज और I-PAC डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापेमारी की।

छापे के दौरान खुद मौके पर पहुंचीं ममता

ED की कार्रवाई गुरुवार सुबह करीब 6 बजे शुरू हुई थी। एजेंसी ने कोलकाता में प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित आवास और सॉल्ट लेक में स्थित I-PAC कार्यालय में सर्च ऑपरेशन चलाया। दोपहर करीब 11:30 बजे के बाद मामला उस वक्त और संवेदनशील हो गया, जब पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर मौके पर पहुंचे और उसके कुछ ही देर बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंच गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ममता कुछ समय तक घर के अंदर रहीं और बाहर निकलते समय उनके हाथ में एक हरी फाइल देखी गई। इसके बाद वे I-PAC के कार्यालय भी गईं।

ED का आरोप– जांच में डाली गई रुकावट

ED ने आरोप लगाया है कि ममता बनर्जी ने छापेमारी के दौरान जांच में बाधा डाली। एजेंसी का कहना है कि मुख्यमंत्री जबरन प्रतीक जैन के घर में घुसीं और वहां से फिजिकल डॉक्यूमेंट्स और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज अपने साथ ले गईं। ED के मुताबिक, इसके बाद I-PAC कार्यालय से भी राज्य पुलिस की मदद से अहम सबूत हटाए गए। एजेंसी ने इसे जांच प्रक्रिया में गंभीर हस्तक्षेप करार दिया है।

मामला पहुंचा हाईकोर्ट, कल सुनवाई

इस घटनाक्रम के बाद ED ने सबूतों से छेड़छाड़ और जांच में रुकावट के आरोप लगाते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख किया है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को जस्टिस सुवरा घोष की बेंच में होनी है। वहीं दूसरी ओर, I-PAC ने भी ED की छापेमारी की वैधता को चुनौती दी है। उधर, प्रतीक जैन के परिवार ने शेक्सपीयर सरानी पुलिस स्टेशन में ED अधिकारियों के खिलाफ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की चोरी का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराने का फैसला किया है।

ममता का आरोप– राजनीतिक साजिश और एजेंसियों का दुरुपयोग

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस कार्रवाई को पूरी तरह राजनीतिक बताते हुए केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्या ED और गृह मंत्री का काम राजनीतिक दलों की हार्ड डिस्क, उम्मीदवारों की सूची और रणनीति जब्त करना है। ममता ने आरोप लगाया कि एक “घटिया और शरारती गृह मंत्री” देश की सुरक्षा संभालने के बजाय विपक्षी दलों को डराने का काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि एक तरफ पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से नाम हटाने की कोशिश हो रही है और दूसरी तरफ इस तरह की एजेंसी कार्रवाई की जा रही है। ममता ने चेतावनी दी कि इस तरह की राजनीति से बीजेपी को बंगाल में नुकसान ही होगा।

ED का जवाब– सबूतों के आधार पर कार्रवाई

ED ने अपने बयान में कहा है कि कोलकाता और दिल्ली समेत कुल 10 ठिकानों पर छापेमारी पूरी तरह कानूनी और ठोस सबूतों के आधार पर की गई है। एजेंसी के मुताबिक, यह कार्रवाई 2020 में CBI द्वारा दर्ज उस केस से जुड़ी है, जिसमें अनुप माजी उर्फ लाला के कोयला तस्करी सिंडिकेट का जिक्र है। आरोप है कि पूर्वी कोलफील्ड्स के आसनसोल और आसपास के इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला तस्करी हुई और इससे जुड़े हवाला लेनदेन किए गए।

ED का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने Indian PAC Consulting Pvt Ltd को करोड़ों रुपये के ट्रांजैक्शन कराए। एजेंसी के अनुसार, I-PAC भी उन इकाइयों में शामिल है, जिनका नाम हवाला फंडिंग से जुड़ा सामने आया है। ED ने साफ किया कि कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से चल रही थी, लेकिन मुख्यमंत्री के पहुंचने के बाद माहौल बिगड़ा।

विपक्ष और बीजेपी की तीखी प्रतिक्रियाएं

बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल दिया है और यह जांच में बाधा डालने जैसा है। उन्होंने सवाल उठाया कि एक कंसल्टेंसी फर्म के ऑफिस में वोटर लिस्ट क्यों मिली। वहीं कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि I-PAC, कॉरपोरेट इकाई होने के बावजूद, TMC के लिए आंख और कान की तरह काम कर रही है और चुनावी राजनीति में अनैतिक भूमिका निभा रही है।

सियासत के केंद्र में I-PAC

I-PAC एक राजनीतिक सलाहकार फर्म है, जिसकी शुरुआत 2013 में प्रशांत किशोर और प्रतीक जैन ने की थी। बाद में प्रशांत किशोर के हटने के बाद इसकी कमान प्रतीक जैन के हाथों में आ गई। यह फर्म 2021 से TMC के साथ काम कर रही है। मौजूदा विवाद ने एक बार फिर केंद्रीय एजेंसियों की भूमिका और राजनीतिक हस्तक्षेप को लेकर राष्ट्रीय बहस को तेज कर दिया है।

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Author: THE CG NEWS

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