मनरेगा बचाओ सम्मेलन में राहुल गांधी का हमला: सिर पर गमछा, कंधे पर कुदाल रख बोले—VB-GRAM-G जुमला, गरीबों के हक पर सीधा वार

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने गुरुवार को केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए कहा कि ‘विकसित भारत – रोजगार आजीविका मिशन (ग्रामीण) गारंटी’ यानी VB-GRAM-G एक जुमला है और यह गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला है। नई दिल्ली में आयोजित रचनात्मक कांग्रेस के राष्ट्रीय मनरेगा श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि वे इस नए कानून की भाषा और भावना से सहमत नहीं हैं और गरीबों से इसके खिलाफ एकजुट होने की अपील की।

सम्मेलन का दृश्य पूरी तरह प्रतीकात्मक था। राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सिर पर गमछा बांधा, कंधे पर कुदाल रखी और देशभर से आए मनरेगा श्रमिकों द्वारा लाई गई मिट्टी को पौधों में डाला। कांग्रेस ने इसे श्रम, अधिकार और जमीन से जुड़े संघर्ष का प्रतीक बताया।

मनरेगा गरीबों को अधिकार देने की योजना थी

राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा कोई साधारण योजना नहीं थी, बल्कि यह गरीबों को काम करने का कानूनी अधिकार देने का माध्यम थी। उन्होंने कहा कि इस योजना का मकसद यह था कि जरूरतमंद व्यक्ति पंचायत स्तर पर काम मांग सके और सरकार उसकी जिम्मेदारी ले। “अधिकार शब्द यहां सबसे अहम था। हर गरीब को यह अधिकार था कि वह काम मांगे और सरकार उसे दे,” राहुल गांधी ने कहा।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा इस अधिकार आधारित सोच को खत्म करना चाहते हैं। राहुल के मुताबिक, नए कानून में काम और पैसे का फैसला केंद्र सरकार करेगी, जिससे पंचायती राज व्यवस्था कमजोर होगी और राज्यों में भाजपा शासित सरकारों को प्राथमिकता मिलेगी।

केंद्र के हाथ में सत्ता, पंचायतें होंगी कमजोर

राहुल गांधी ने कहा कि मनरेगा की सबसे बड़ी ताकत उसका विकेंद्रीकरण था, लेकिन VB-GRAM-G के जरिए सत्ता को फिर से केंद्र में समेटा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले जो पैसा सीधे मजदूरों तक पहुंचता था, वह अब ठेकेदारों और अफसरों के हाथ में जाएगा। “यह मॉडल गरीबों को आत्मनिर्भर नहीं, बल्कि कुछ बड़े उद्योगपतियों पर निर्भर बनाना चाहता है,” उन्होंने कहा।

राहुल ने आरोप लगाया कि भाजपा का भारत का आदर्श ऐसा है, जहां संपत्ति कुछ ही हाथों में रहे और बाकी लोग अडानी-अंबानी जैसे बड़े पूंजीपतियों पर निर्भर हों। “वे ऐसा भारत चाहते हैं, जहां राजा सब कुछ तय करे,” राहुल गांधी ने कहा।

कृषि कानूनों का उदाहरण देकर चेतावनी

राहुल गांधी ने अपने भाषण में तीन कृषि कानूनों का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार पहले भी ऐसे कानून लाई थी, जिन्हें देशभर के किसानों के विरोध के बाद वापस लेना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर गरीब, मजदूर और किसान एकजुट हों, तो किसी भी गलत कानून को रोका जा सकता है। उन्होंने मनरेगा से जुड़े श्रमिकों से अपील की कि वे इस नए कानून के खिलाफ संगठित होकर आवाज उठाएं।

खड़गे का आरोप: गांधी के नाम को मिटाने की कोशिश

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सम्मेलन में कहा कि मनरेगा को कमजोर या खत्म करना सिर्फ एक योजना को समाप्त करना नहीं है, बल्कि महात्मा गांधी के नाम और उनके विचारों को लोगों की यादों से मिटाने की कोशिश है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस संसद के आगामी बजट सत्र में इस मुद्दे को पूरी ताकत से उठाएगी और सरकार को जवाब देने पर मजबूर करेगी।

देशभर में चल रहा ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’

कांग्रेस ने बताया कि उसने 10 जनवरी से 45 दिन का राष्ट्रव्यापी अभियान ‘मनरेगा बचाओ संग्राम’ शुरू किया है। इस अभियान के तहत देशभर में सभाएं, सम्मेलन और विरोध कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पार्टी का कहना है कि वह मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में, यानी काम के अधिकार और पंचायतों की भूमिका के साथ बहाल करने की मांग कर रही है।

कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का आरोप है कि VB-GRAM-G कानून मनरेगा की आत्मा को खत्म करता है। उनका कहना है कि ‘विकसित भारत’ का सपना तब तक अधूरा है, जब तक ग्रामीण गरीबों को काम और आजीविका का अधिकार नहीं मिलेगा।

संसद से पास हो चुका है नया कानून

विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल हाल ही में लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संसद में सरकार का पक्ष रखते हुए कहा था कि नया कानून रोजगार और आजीविका को ज्यादा प्रभावी बनाएगा। हालांकि विपक्ष ने इसे मनरेगा को खत्म करने की साजिश बताया। बिल के पास होने के दौरान संसद में जमकर हंगामा हुआ और विपक्षी सांसद वेल में पहुंच गए।

अब इस मुद्दे पर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस इसे गरीबों के अधिकार की लड़ाई बता रही है, जबकि सरकार इसे सुधार की दिशा में कदम बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा देश की राजनीति के केंद्र में बना रहने की संभावना है।

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Author: THE CG NEWS

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