
कोच्चि कार्यक्रम के बाद बढ़ा असंतोष, पार्टी ने कहा— पहले से तय कार्यक्रम की वजह से नहीं आ सके
केरल विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस की रणनीति तय करने के लिए शुक्रवार को होने वाली अहम बैठक में तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर की गैरमौजूदगी ने पार्टी के भीतर चल रही खींचतान को फिर उजागर कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक थरूर हालिया घटनाक्रम से नाराज बताए जा रहे हैं, खासकर 19 जनवरी को कोच्चि में हुए महापंचायत कार्यक्रम के बाद से। हालांकि थरूर के कार्यालय की ओर से कहा गया है कि पहले से तय साहित्यिक कार्यक्रमों के कारण वे बैठक में शामिल नहीं हो सके और इसकी जानकारी पार्टी को दे दी गई थी।
पीटीआई से जुड़े सूत्रों के अनुसार, कोच्चि में हुए कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंच से कई वरिष्ठ नेताओं का नाम लिया, लेकिन शशि थरूर का उल्लेख नहीं किया गया। थरूर के करीबी लोगों का दावा है कि यही घटना उनके लिए असंतोष का बड़ा कारण बनी। इससे पहले भी राज्य कांग्रेस के कुछ नेता उन्हें लगातार नजरअंदाज करने की कोशिश कर रहे थे, जिससे वे भीतर ही भीतर असहज महसूस कर रहे थे।
इस पूरे मामले पर पार्टी के भीतर प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने बयान देते हुए कहा कि केरल कांग्रेस के सभी बड़े नेता बैठक में मौजूद हैं और जो पार्टी के लिए महत्वपूर्ण नहीं हैं, उनके आने या न आने से कोई फर्क नहीं पड़ता। उनके इस बयान को भी आंतरिक असंतोष को और हवा देने वाला माना जा रहा है।
थरूर का पक्ष: साहित्यिक कार्यक्रम पहले से तय
शशि थरूर के कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वे केरल लिटरेचर फेस्टिवल के सिलसिले में कोझिकोड में पहले से तय कार्यक्रमों में शामिल होने वाले थे, इसी कारण वे रणनीतिक बैठक में नहीं पहुंच सके। पार्टी को इस बारे में पहले ही सूचना दे दी गई थी। थरूर ने इस बयान के जरिए यह संकेत देने की कोशिश की कि उनकी गैरहाजिरी को राजनीतिक नाराजगी से जोड़कर देखना सही नहीं है।
वायनाड बैठक के बाद भी नहीं थमे मतभेद
हाल ही में वायनाड में हुए ‘लक्ष्य 2026’ लीडरशिप कैंप के दौरान पार्टी नेतृत्व ने अंदरूनी मतभेद सुलझाने की कोशिश की थी। उस बैठक के बाद शशि थरूर ने सार्वजनिक रूप से कहा था कि वे कभी पार्टी लाइन से अलग नहीं रहे हैं। बैठक में यह सहमति भी बनी थी कि थरूर विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे, लेकिन पूरे केरल में कांग्रेस के लिए प्रचार करेंगे। इसके बावजूद कोच्चि कार्यक्रम के बाद फिर से असहमति के संकेत मिलने लगे।
सूत्रों के मुताबिक, थरूर ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जिनमें संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और केरल मामलों की प्रभारी दीपा दास मुंशी शामिल हैं, को संदेश भेजकर अपने साथ हुए व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की है। पार्टी के भीतर यह चर्चा भी है कि थरूर को लंबे समय से हाशिये पर रखने की कोशिश हो रही है।
पहले भी बैठकों से दूरी बना चुके हैं थरूर
यह पहला मौका नहीं है जब शशि थरूर पार्टी की अहम बैठकों में शामिल नहीं हुए हों। 12 दिसंबर 2025 को राहुल गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस सांसदों की बैठक में भी वे शामिल नहीं हो पाए थे। उस समय थरूर कोलकाता में अपने एक दोस्त की शादी में शामिल होने गए थे। इस बैठक में शीतकालीन सत्र के दौरान सांसदों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई थी और 99 सांसद मौजूद थे।
इसके अलावा 30 नवंबर 2025 को सोनिया गांधी की अध्यक्षता में हुई कांग्रेस की रणनीतिक बैठक में भी थरूर शामिल नहीं हुए थे। बाद में उन्होंने सफाई दी थी कि वे केरल से लौटते समय विमान में थे और बैठक छोड़ने का सवाल ही नहीं उठता। मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया था कि वे अपनी 90 वर्षीय मां के जन्मदिन के कारण केरल में थे।
18 नवंबर को भी थरूर एक अहम पार्टी बैठक से एक दिन पहले प्रधानमंत्री के साथ एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे और बाद में खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए बैठक में नहीं पहुंच सके थे। इन लगातार गैरहाजिरियों को लेकर पार्टी के भीतर सवाल उठते रहे हैं।
बयान और लेख भी बने विवाद की वजह
बीते समय में शशि थरूर के कुछ बयानों और लेखों को लेकर भी कांग्रेस के भीतर असहमति सामने आती रही है। भारत–पाकिस्तान संबंधों और पहलगाम हमले के बाद कूटनीतिक पहल को लेकर उनके विचारों पर पार्टी के कुछ नेताओं ने सवाल उठाए थे। हालांकि थरूर का हमेशा यही कहना रहा है कि विदेश नीति पर उनकी सोच कांग्रेस की आधिकारिक लाइन से अलग नहीं है और इस मुद्दे पर राष्ट्रीय हित में द्विदलीय रवैया अपनाया जाना चाहिए।
चुनाव से पहले बढ़ी चुनौती
केरल विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही कांग्रेस के भीतर यह असंतोष पार्टी के लिए नई चुनौती बनता दिख रहा है। शशि थरूर जैसे वरिष्ठ और लोकप्रिय नेता की नाराजगी को पार्टी किस तरह संभालती है, इस पर आने वाले दिनों में कांग्रेस की रणनीति और एकजुटता दोनों की परीक्षा होगी। फिलहाल, थरूर की गैरहाजिरी ने यह साफ कर दिया है कि केरल कांग्रेस के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







