
देश में ऐप आधारित कैब सेवाओं के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए पहली सहकारी कैब सर्विस ‘भारत टैक्सी’ की शुरुआत कर दी गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली में इस सेवा और इसके मोबाइल एप को लॉन्च किया। फिलहाल यह सेवा दिल्ली और गुजरात के कुछ शहरों में शुरू की गई है। सरकार का दावा है कि यह मॉडल ड्राइवरों को निजी एग्रीगेटर कंपनियों पर निर्भरता से राहत देगा और यात्रियों को स्थिर तथा किफायती किराया उपलब्ध कराएगा।
लॉन्च के दौरान अमित शाह ने कहा कि इस प्लेटफॉर्म की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें ड्राइवरों से किसी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा। ड्राइवर स्वयं इस सहकारी मॉडल के हिस्सेदार होंगे और उनकी कमाई सीधे उनके पास जाएगी। उन्होंने कहा कि यह पहल ड्राइवरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने और परिवहन क्षेत्र में सहकारिता मॉडल को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जीरो कमीशन और बिना सर्ज प्राइसिंग की व्यवस्था
भारत टैक्सी को निजी कैब एग्रीगेटर कंपनियों से अलग बनाने के लिए इसे ‘जीरो कमीशन’ मॉडल पर तैयार किया गया है। आमतौर पर ओला और उबर जैसी कंपनियां ड्राइवरों की कमाई से 20 से 30 प्रतिशत तक कमीशन लेती हैं, जबकि इस प्लेटफॉर्म पर ड्राइवर को पूरी कमाई मिलेगी। ड्राइवरों को केवल एक सामान्य सदस्यता शुल्क देना होगा, जो दैनिक, साप्ताहिक या मासिक आधार पर तय किया जाएगा।
यात्रियों के लिए भी इस सेवा में राहत की व्यवस्था की गई है। पीक आवर या अधिक मांग के समय किराया बढ़ाने वाली सर्ज प्राइसिंग प्रणाली इसमें लागू नहीं होगी। इससे यात्रियों को तय और पारदर्शी किराए पर टैक्सी सेवा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार का मानना है कि इससे शहरी परिवहन में किराए की अनिश्चितता कम होगी।
ड्राइवरों के लिए बीमा और सामाजिक सुरक्षा
लॉन्च कार्यक्रम के दौरान एप के ट्रायल चरण में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छह ड्राइवरों, जिन्हें ‘सारथी’ कहा गया है, को सम्मानित किया गया। उन्हें कंपनी के शेयर सर्टिफिकेट भी प्रदान किए गए। इन ड्राइवरों को पांच लाख रुपए का दुर्घटना बीमा और पांच लाख रुपए का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा कवर दिया गया है।
इसके अलावा प्लेटफॉर्म से जुड़ने वाले ड्राइवरों के लिए रिटायरमेंट सेविंग्स, ड्राइवर सपोर्ट सिस्टम और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं भी जोड़ी गई हैं। महिला ड्राइवरों की भागीदारी बढ़ाने के लिए विशेष योजना भी बनाई गई है, जिसके तहत पहले चरण में 100 महिला सारथियों को जोड़ा जाएगा और आने वाले वर्षों में इस संख्या को बढ़ाकर 15 हजार करने का लक्ष्य रखा गया है।
सहकारी मॉडल पर आधारित संचालन
भारत टैक्सी का संचालन सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड द्वारा किया जाएगा, जिसकी स्थापना लगभग 300 करोड़ रुपए की पूंजी के साथ की गई है। यह सदस्यता आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा और इसे देश के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ जोड़ा जाएगा। संचालन परिषद में सहकारी क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों को शामिल किया गया है, जिससे सेवा का संचालन सामूहिक भागीदारी के आधार पर किया जा सके।
एप को हिंदी, गुजराती, मराठी और अंग्रेजी सहित कई भाषाओं में उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अलग-अलग राज्यों के उपयोगकर्ताओं को सुविधा मिल सके। दिल्ली में ड्राइवरों के लिए सात सपोर्ट सेंटर भी शुरू किए गए हैं, जहां तकनीकी और संचालन से जुड़ी सहायता दी जाएगी।
दो वर्षों में देशभर में विस्तार का लक्ष्य
भारत टैक्सी को अगले दो वर्षों में देश के प्रमुख शहरों और राज्यों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रारंभिक चरण में दिल्ली और राजकोट के सफल ट्रायल के बाद मुंबई, पुणे, लखनऊ, भोपाल और जयपुर जैसे शहरों में सेवा शुरू करने की योजना है। सरकार का लक्ष्य 2027-28 तक इसे 20 शहरों में 50 हजार ड्राइवरों के साथ शुरू करना और आगे चलकर जिला मुख्यालयों और ग्रामीण क्षेत्रों तक विस्तार करना है।
परिवहन क्षेत्र में सहकारिता आधारित इस नए प्रयोग को पारंपरिक कैब सेवाओं के विकल्प के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में यह मॉडल ड्राइवरों की आय, किराए की स्थिरता और शहरी परिवहन व्यवस्था पर कितना प्रभाव डालता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
Author: THE CG NEWS
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