
बांग्लादेश में गुरुवार को हुए आम चुनाव में Bangladesh Nationalist Party (BNP) ने बड़ी जीत दर्ज की है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार 299 संसदीय सीटों में से 297 के परिणाम घोषित हो चुके हैं, जिनमें BNP और उसके सहयोगी दलों ने 212 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल कर लिया है। बहुमत के लिए 150 सीटों की आवश्यकता थी, जिसे पार्टी ने आराम से पार कर लिया। इस जीत के साथ देश में करीब 20 वर्षों बाद BNP की सरकार बनना तय माना जा रहा है।
2008 से 2024 तक बांग्लादेश की सत्ता पर Awami League का नियंत्रण रहा। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के नेतृत्व में आवामी लीग लंबे समय तक शासन में रही, लेकिन इस बार जनता ने सत्ता परिवर्तन का फैसला किया।
तारिक रहमान की वापसी
BNP अध्यक्ष तारिक रहमान ने दो सीटों से चुनाव लड़ा था और दोनों पर जीत दर्ज की है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी पार्टी की भारी जीत के बाद उनका प्रधानमंत्री बनना लगभग तय है। यदि ऐसा होता है, तो बांग्लादेश को 35 वर्षों बाद कोई पुरुष प्रधानमंत्री मिलेगा। इससे पहले 1988 में काजी जफर अहमद इस पद पर आसीन हुए थे। उसके बाद देश की राजनीति में शेख हसीना और खालिदा जिया का दबदबा रहा।
तारिक रहमान की जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बधाई संदेश जारी किया। उन्होंने उन्हें “मेरे भाई तारिक” कहकर संबोधित किया और उनकी टीम को जीत की शुभकामनाएं दीं।
जमात-ए-इस्लामी और अन्य दलों को झटका
कट्टरपंथी दल Jamaat-e-Islami के नेतृत्व वाले 11 दलों के गठबंधन को केवल 77 सीटें मिलीं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जमात के अतीत—विशेषकर बांग्लादेश के मुक्ति संग्राम के दौरान उसके रुख—ने मतदाताओं को प्रभावित किया।
वहीं, शेख हसीना सरकार के विरोध में उभरी छात्र संगठन समर्थित National Citizen Party (NCP) भी उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। आंतरिक मतभेद और जमात से गठबंधन को इसके कमजोर प्रदर्शन का कारण बताया जा रहा है।
BNP की जीत के पीछे कारण
विशेषज्ञ BNP की एकतरफा जीत के पीछे तीन प्रमुख कारण बताते हैं। पहला, आवामी लीग के पारंपरिक वोट बैंक, खासकर हिंदू मतदाताओं का झुकाव इस बार BNP की ओर देखने को मिला। गोपालगंज जैसे पारंपरिक गढ़ के अलावा खुलना, सिलहट, चटगांव और ठाकुरगंज में भी BNP को सफलता मिली।
दूसरा, जमात-ए-इस्लामी के ऐतिहासिक विवादों ने मतदाताओं को दूर रखा। तीसरा, विपक्षी दलों के बीच एकजुटता की कमी ने BNP को फायदा पहुंचाया।
मतदान के दौरान झड़पें
हालांकि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण नहीं रही। खुलना में एक मतदान केंद्र के बाहर जमात-ए-इस्लामी कार्यकर्ताओं के साथ झड़प में BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई।
मुंशीगंज-3 और गोपालगंज सदर क्षेत्र में मतदान केंद्रों के बाहर देसी बम फेंके जाने की घटनाएं सामने आईं, जिनमें कुछ लोग घायल हुए। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए थे।
भारत की प्रतिक्रिया
बांग्लादेश के चुनाव परिणामों पर भारत ने संयमित प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत परिणामों का इंतजार कर रहा है और जनादेश स्पष्ट होने के बाद ही आगे की स्थिति पर टिप्पणी करेगा।
बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन का यह दौर दक्षिण एशियाई राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नई सरकार के सामने आर्थिक चुनौतियों, क्षेत्रीय संतुलन और आंतरिक स्थिरता बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। BNP की यह जीत न केवल देश की राजनीतिक दिशा बदल सकती है, बल्कि क्षेत्रीय कूटनीति पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता है।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







