कक्षा 10वीं में AI-रॉबोटिक्स पढ़ाई की शुरुआत: केरल में तकनीकी शिक्षा की अनोखी पहल

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तिरुवनंतपुरम, 22 जून 2025:

भारत में शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ी क्रांति की शुरुआत हो चुकी है। केरल सरकार ने देश में पहली बार कक्षा 10वीं के छात्रों के लिए AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और रोबोटिक्स को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। यह पहल केरल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड टेक्नोलॉजी फॉर एजुकेशन (KITE) द्वारा संचालित ‘लिटिल KITES’ कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई है। इसके माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य है कि छात्र कम उम्र से ही तकनीकी दुनिया के प्रति जागरूक और सक्षम बनें।

शिक्षा में तकनीकी क्रांति की शुरुआत

इस नई व्यवस्था के तहत केरल के विभिन्न स्कूलों में कक्षा 10वीं के छात्रों को AI, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स और संबंधित तकनीकी विषयों की प्रारंभिक शिक्षा दी जा रही है। KITE के अधिकारियों के अनुसार, इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों में डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देना और उन्हें भविष्य की नौकरियों और तकनीकी चुनौतियों के लिए तैयार करना है।

KITE के निदेशक ने बताया कि राज्य के 196 स्कूलों में लिटिल KITES क्लब बनाए गए हैं, जिनमें करीब 390 छात्र वर्तमान में इस तकनीकी शिक्षा में भाग ले रहे हैं। इन छात्रों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी दी जा रही है बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल रोबोटिक्स प्रोजेक्ट और AI आधारित मॉडल बनाने का भी मौका मिल रहा है।

छात्रों को मिल रहा वास्तविक प्रायोगिक अनुभव

KITE के इस कार्यक्रम में छात्रों को AI सॉफ्टवेयर, रोबोटिक्स किट, सेंसर्स और प्रोग्रामिंग प्लेटफॉर्म्स का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। विद्यार्थी रोबोट डिजाइन करना, उसे प्रोग्राम करना और AI आधारित समस्याओं का समाधान खोजने की तकनीक सीख रहे हैं। इस पहल के अंतर्गत छात्रों को रोबोटिक्स वर्कशॉप्स, AI प्रयोगशालाओं और डिजिटल सिमुलेशन जैसे व्यावहारिक सेशन्स भी कराए जा रहे हैं।

KITE के विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल छात्रों को स्कूल स्तर पर ही तकनीकी रूप से मजबूत बनाएगी, जिससे वे आगे चलकर बड़े प्रोजेक्ट्स और प्रतियोगिताओं में भी शानदार प्रदर्शन कर सकेंगे। छात्रों में भी इस नई शिक्षा के प्रति गजब का उत्साह देखा जा रहा है।

भविष्य के लिए मील का पत्थर

राज्य सरकार का कहना है कि आने वाले समय में यह कार्यक्रम केरल के सभी सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में लागू किया जाएगा। शिक्षा मंत्री ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स जैसी तकनीकें केवल उच्च शिक्षा तक सीमित नहीं रहनी चाहिए। अगर छात्र इसे स्कूल स्तर पर सीखेंगे तो भविष्य में उनकी करियर संभावनाएँ कई गुना बढ़ जाएंगी।

शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि AI और रोबोटिक्स जैसी तकनीकों के प्रति छात्रों में रुचि बढ़ाने के लिए राज्य भर में प्रतियोगिताओं, टेक्निकल फेस्ट और प्रोजेक्ट प्रदर्शनी आयोजित की जाएंगी।

भारत के लिए एक आदर्श मॉडल

केरल की यह पहल पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन सकती है। वर्तमान में भारत के अधिकांश राज्यों में AI और रोबोटिक्स जैसे विषय उच्च शिक्षा या विशेष कोर्स तक ही सीमित हैं। लेकिन केरल ने यह दिखाया है कि तकनीकी शिक्षा यदि स्कूली स्तर से दी जाए तो बच्चों को भविष्य की नई तकनीकों में महारत हासिल कराई जा सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह मॉडल अगर पूरे देश में लागू किया जाए तो भारत तकनीकी रूप से और अधिक आत्मनिर्भर बन सकता है। इससे छात्रों में वैज्ञानिक सोच, विश्लेषण क्षमता और समस्या समाधान करने की योग्यता भी विकसित होगी।

निष्कर्ष

KITE का यह कार्यक्रम केरल की शिक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक बदलाव लेकर आया है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने से छात्र न केवल टेक्नोलॉजी की दुनिया में कदम रख पाएंगे बल्कि भविष्य में देश के डिजिटल विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे। यह पहल भारत की शिक्षा प्रणाली में तकनीकी समावेशन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

 

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

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