मानसून में आंतों को इन्फेक्शन से बचाने के लिए क्या करें: डॉक्टर ने बताए आसान और असरदार हेल्थ टिप्स

SHARE:

मानसून का मौसम जहां एक ओर गर्मी से राहत देता है, वहीं दूसरी ओर यह कई तरह की बीमारियों का कारण भी बन जाता है। खासकर पेट और आंतों से जुड़ी समस्याएं जैसे फूड पॉयजनिंग, डायरिया, टाइफाइड, गैस्ट्रोएंटेराइटिस आदि इस मौसम में तेजी से फैलती हैं। डॉक्टरों की मानें तो बारिश के दिनों में नमी और गंदगी के कारण बैक्टीरिया और वायरस का संक्रमण बढ़ता है, जिससे पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है।

गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉक्टर विवेक मिश्रा बताते हैं कि मानसून के दौरान पेट की सेहत को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। उन्होंने कुछ आसान लेकिन बेहद प्रभावी हेल्थ टिप्स साझा किए हैं, जिन्हें अपनाकर आप अपने आंतों को सुरक्षित रख सकते हैं।

1. हल्का, ताजा और घर का बना खाना खाएं

मानसून में बाहर का या स्ट्रीट फूड खाने से पूरी तरह बचना चाहिए। डॉक्टरों के अनुसार बारिश में नमी के कारण खाना जल्दी खराब होता है और उसमें बैक्टीरिया पनपते हैं। इसलिए ताजा पका हुआ और हल्का भोजन सबसे उपयुक्त होता है। भोजन में दाल, खिचड़ी, उबली सब्जियां, दही और छाछ को शामिल करें जो आंतों को ठंडक देते हैं।

2. साफ पानी और उबालकर पीना है जरूरी

मानसून में पानीborne बीमारियों का खतरा बहुत बढ़ जाता है। दूषित पानी से टाइफाइड, हेपेटाइटिस A, पेट दर्द और उल्टी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। इसलिए हमेशा उबला हुआ, फिल्टर या आरओ का पानी पीना चाहिए। बाहर जाते वक्त अपने साथ पानी की बोतल ज़रूर रखें।

3. हाइजीन का रखें खास ख्याल

डॉक्टर मिश्रा के अनुसार, हाथ धोना और सफाई रखना आंतों को इन्फेक्शन से बचाने का पहला और सबसे ज़रूरी तरीका है। खाना बनाने और खाने से पहले, टॉयलेट के बाद और बाहर से आने पर साबुन या सेनिटाइजर से हाथ धोना चाहिए। सब्जियों और फलों को अच्छे से धोकर ही इस्तेमाल करें।

4. प्रोबायोटिक फूड्स को करें डाइट में शामिल

दही, छाछ, लस्सी, सौंफ पानी, जीरा पानी जैसे प्रोबायोटिक और प्राकृतिक पेय पदार्थ पेट के लिए फायदेमंद होते हैं। ये आंतों में गुड बैक्टीरिया को बढ़ाते हैं और पाचन में सुधार करते हैं। डॉक्टर के अनुसार, दिन में कम से कम एक बार प्रोबायोटिक फूड लेना आंतों के लिए लाभकारी है।

5. तले-भुने और ज्यादा मसालेदार खाने से परहेज़ करें

मानसून में भारी, तला-भुना और ज्यादा तीखा खाना पाचन को खराब करता है और एसिडिटी, गैस, अपच जैसी दिक्कतें बढ़ा सकता है। तेल से भरे स्नैक्स जैसे समोसे, पकौड़े या नूडल्स से दूरी बनाएं। अगर बहुत मन हो, तो घर में साफ-सफाई के साथ सीमित मात्रा में बनाकर ही खाएं।

6. योग और फिजिकल एक्टिविटी भी है जरूरी

डॉक्टर बताते हैं कि बरसात के दिनों में लोग अक्सर फिजिकल एक्टिविटी बंद कर देते हैं जिससे पाचन धीमा पड़ता है। नियमित रूप से प्राणायाम, वज्रासन, पवनमुक्तासन जैसे योग आसन करने से गैस और कब्ज की समस्या नहीं होती और आंतें स्वस्थ रहती हैं।

7. किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें

अगर आपको बार-बार पेट दर्द, दस्त, उल्टी, या भूख न लगने जैसी समस्या हो रही है, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें। स्वयं दवाइयां लेने से इंफेक्शन बढ़ सकता है। खासकर बच्चों और बुजुर्गों में संक्रमण जल्दी फैलता है, इसलिए लापरवाही बिल्कुल न करें।

निष्कर्ष: जागरूकता और सावधानी ही है सुरक्षा की कुंजी

मानसून के इस मौसम में थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है। आंतों का संक्रमण धीरे-धीरे पूरे शरीर को प्रभावित करता है और इम्युनिटी को भी कमज़ोर कर देता है। डॉक्टरों की राय मानें तो साफ-सफाई, संतुलित भोजन और समय रहते सावधानी ही इस मौसम में आपको स्वस्थ बनाए रख सकती है।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई