
आम आदमी की जेब पर राहत की सौगात देते हुए केंद्र सरकार अब उन जरूरी वस्तुओं की सूची तैयार कर रही है जिन पर वर्तमान में 12% वस्तु एवं सेवा कर (GST) लिया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो सरकार इन्हें 5% स्लैब में लाने की दिशा में विचार कर रही है। यह प्रस्ताव जुलाई में होने वाली GST परिषद (GST Council) की अगली बैठक में पेश किया जा सकता है।
यह कदम सीधे तौर पर मध्यम और निम्न आयवर्ग के करोड़ों उपभोक्ताओं को राहत देगा, साथ ही देश में घरेलू मांग को नई रफ्तार देने की योजना का हिस्सा है।
कौन-कौन से उत्पाद होंगे सस्ते?
सरकारी सूत्रों के अनुसार, जिन घरेलू उत्पादों को सस्ता किया जा सकता है, उनमें ये प्रमुख हैं:
टूथपेस्ट, टूथ पाउडर, हेयर ऑयल जैसे दैनिक उपयोग के उत्पाद
बर्तन, किचन कुकवेयर जैसे प्रेशर कुकर और सस्ते गीजर
सिलाई मशीन, छोटी वॉशिंग मशीन, इलेक्ट्रिक आयरन
500–1000 रुपये के जूते और 1000 रुपये से ऊपर के तैयार कपड़े
छाते, स्टेशनरी (जैसे ज्योमैट्री बॉक्स, नोटबुक्स), टाइल्स
साइकिल और कुछ चिकित्सा उपकरण जैसे डायग्नोस्टिक किट्स और वैक्सीन
वर्तमान में इन उत्पादों पर 12% GST लागू है, जिसे घटाकर 5% करने का प्रस्ताव है।
आम लोगों को कितनी राहत मिलेगी?
अगर यह प्रस्ताव लागू होता है तो इन उत्पादों की कीमतों में लगभग 5% से 7% तक की कमी आ सकती है। इसका सीधा फायदा उपभोक्ताओं को मिलेगा, खासकर उन वर्गों को जो सीमित बजट में जरूरी सामान खरीदते हैं।
उदाहरण: अगर कोई प्रेशर कुकर अभी 1,000 रुपये में मिलता है, तो GST कम होने पर उसकी कीमत करीब 940 रुपये तक आ सकती है। वहीं कपड़े और जूते खरीदना भी सस्ता हो जाएगा।
सरकार को राजस्व घाटे की आशंका लेकिन दीर्घकालिक फायदे की उम्मीद
वित्त मंत्रालय से जुड़े अधिकारियों का अनुमान है कि GST दर घटाने से वार्षिक राजस्व में ₹40,000–50,000 करोड़ का नुकसान हो सकता है, लेकिन सरकार इसे लघु अवधि का प्रभाव मान रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स दर कम होने से वस्तुओं की बिक्री बढ़ेगी, जिससे लंबे समय में कर संग्रहण में वृद्धि हो सकती है। साथ ही यह कदम आर्थिक गतिविधियों को तेज करने में मददगार साबित हो सकता है।
राज्यों की भूमिका और सहमति आवश्यक
GST परिषद एक संघीय संस्था है जिसमें केंद्र के साथ सभी राज्यों की सहमति जरूरी होती है। किसी भी स्लैब परिवर्तन के लिए कम से कम 15 राज्यों की मंजूरी अनिवार्य होती है।
हालांकि रिपोर्टों के मुताबिक कुछ राज्य जैसे केरल, पंजाब, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश ने इस प्रस्ताव पर आपत्ति जताई है। इनका तर्क है कि इससे राज्य के राजस्व में गिरावट आ सकती है।
वहीं कुछ राज्य जैसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात और हरियाणा ने इस कदम का स्वागत किया है और इसे उपभोक्ता हितैषी बताया है।
GST दरों को सरल बनाने की भी तैयारी
सरकार लंबे समय से GST संरचना को सरल बनाने की कोशिश में लगी है। फिलहाल भारत में चार प्रमुख GST स्लैब हैं – 5%, 12%, 18% और 28%। प्रस्तावित योजना के अनुसार, 12% स्लैब को समाप्त कर वस्तुओं को 5% या 18% स्लैब में डाला जाएगा। इससे GST प्रणाली को समझना और लागू करना आसान होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कुछ महीने पहले संकेत दिया था कि “GST को सरल, पारदर्शी और उपभोक्तामुखी बनाना सरकार की प्राथमिकता है।”
उद्योग जगत और व्यापारी समुदाय की प्रतिक्रिया
फुटवियर और वस्त्र उद्योग ने लंबे समय से इस बात की मांग की थी कि कम मूल्य वाले उत्पादों पर कर की दर कम की जाए, ताकि बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़े और उपभोक्ताओं का झुकाव कानूनी व्यापार की ओर हो।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने इस प्रस्ताव का स्वागत किया है और कहा है कि इससे व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और उपभोक्ताओं का विश्वास भी बढ़ेगा।
निष्कर्ष
GST में प्रस्तावित बदलाव अगर लागू होते हैं तो यह भारत के मध्यम वर्ग, निम्न आयवर्ग और छोटे व्यापारियों के लिए एक बड़ी राहत होगी। टूथपेस्ट, जूते, बर्तन, कपड़े जैसे दैनिक उपयोग के सामान की कीमतों में सीधी कटौती से आम जनता को आर्थिक राहत मिलेगी।
हालांकि इस पर अंतिम निर्णय GST परिषद की अगली बैठक में राज्यों की सहमति के आधार पर लिया जाएगा, लेकिन संकेत यही हैं कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने के लिए तैयार है।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







