हरिद्वार मनसा देवी मंदिर मार्ग पर भगदड़: 6 श्रद्धालुओं की मौत, 34 घायल — CM धामी ने किया अस्पताल का दौरा, हेल्पलाइन जारी

SHARE:

श्रावण मास की रविवार को हरिद्वार के प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में भक्ति का उत्सव उस समय मातम में बदल गया जब मंदिर मार्ग पर अचानक भगदड़ मच गई। इस दर्दनाक घटना में अब तक 6 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 35 से अधिक लोग घायल हुए हैं। घटना रविवार 27 जुलाई की सुबह लगभग 9 बजे घटी जब मंदिर के मुख्य सीढ़ी मार्ग पर अचानक भीड़ बेकाबू हो गई।

हादसे के पीछे करंट की अफवाह बनी वजह

प्रशासनिक जांच और चश्मदीदों के अनुसार, भगदड़ की मुख्य वजह एक अफवाह रही जिसमें कहा गया कि मंदिर मार्ग पर बिजली का तार गिर गया है और करंट फैल गया है। इस झूठी सूचना से श्रद्धालुओं में अफरातफरी मच गई। लोग खुद को बचाने के प्रयास में एक-दूसरे पर चढ़ते-कूदते हुए सीढ़ियों से गिरने लगे। संकरी सीढ़ियों और भारी भीड़ की वजह से कई लोग कुचल गए और कुछ लोग दम घुटने से बेहोश हो गए। हालांकि बिजली विभाग ने स्पष्ट किया कि करंट फैलने या तार गिरने जैसी कोई घटना नहीं हुई।

राहत और बचाव कार्य में तेजी

घटना की सूचना मिलते ही हरिद्वार पुलिस, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंच गई। रेस्क्यू ऑपरेशन तत्काल शुरू किया गया और घायलों को नजदीकी जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। कुछ गंभीर रूप से घायल श्रद्धालुओं को ऋषिकेश और देहरादून रेफर भी किया गया। अधिकारियों के अनुसार, घायलों में से कई की हालत अब स्थिर है।

मुख्यमंत्री धामी ने किया अस्पताल का दौरा

घटना के कुछ ही घंटों बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिद्वार जिला अस्पताल पहुंचकर घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस पूरे घटनाक्रम की मजिस्ट्रियल जांच कराई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।

भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा पर उठे सवाल

इस हादसे ने एक बार फिर धार्मिक स्थलों पर भीड़ नियंत्रण की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। श्रावण मास में लाखों की संख्या में श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचते हैं और मनसा देवी मंदिर प्रमुख आकर्षण का केंद्र होता है। ऐसे में मंदिर मार्ग की संकरी सीढ़ियां, अपर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, दिशा-निर्देशों की कमी और अफवाहों पर नियंत्रण का अभाव हादसे को आमंत्रित करता है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने माना कि भारी भीड़ को नियंत्रण में रखने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग और भीड़ नियंत्रण टीमों की तैनाती नहीं थी। साथ ही, मंदिर मार्ग पर सीसीटीवी की संख्या भी बहुत सीमित है जिससे निगरानी में बाधा आती है। इसके अलावा, आपातकालीन निकासी मार्ग की गैरमौजूदगी ने भी स्थिति को और खराब कर दिया।

हेल्पलाइन नंबर जारी, जांच शुरू

घटना के बाद उत्तराखंड पुलिस ने श्रद्धालुओं और परिजनों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 112 और स्थानीय कंट्रोल रूम के नंबर जारी किए हैं। प्रशासन ने इस घटना की गहन जांच के आदेश दे दिए हैं। यह जांच यह भी पता लगाएगी कि अफवाह किसने फैलाई और क्या पहले से कोई चूक सुरक्षा व्यवस्था में थी।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल अफवाह के दुष्परिणामों को उजागर करती है, बल्कि धार्मिक स्थलों पर भीड़ प्रबंधन और आपात स्थितियों से निपटने की तैयारी की कमी को भी सामने लाती है। सरकार और स्थानीय प्रशासन को इस घटना से सबक लेते हुए तीर्थस्थलों पर स्मार्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर आस्था प्रकट कर सकें।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई