
रूस के दूरपूर्वी क्षेत्र कामचटका प्रायद्वीप में सोमवार, 4 अगस्त 2025 को एक बार फिर भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। यह झटके बीते सप्ताह आए 8.8 तीव्रता के विनाशकारी भूकंप और ऐतिहासिक ज्वालामुखी विस्फोट के बाद महसूस किए गए, जिससे क्षेत्र में भूगर्भीय अस्थिरता को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
आफ्टरशॉक्स ने फिर डराया
स्थानीय समयानुसार सुबह 7:38 बजे पहला झटका 5.1 तीव्रता का आया, जिसका केंद्र पेर्टोपालोव्स्क-कामचात्स्की से करीब 188 किलोमीटर दूर प्रशांत महासागर में स्थित था और गहराई केवल 10 किलोमीटर थी। यह उथला भूकंप होने के कारण आसपास के इलाकों में कंपन ज्यादा महसूस किया गया। इसके बाद दोपहर 12:44 बजे 5.2 तीव्रता का एक और झटका आया, जिसकी गहराई लगभग 70 किलोमीटर थी। इसके अलावा दिन में 4.9 और 5.0 तीव्रता के दो और आफ्टरशॉक्स भी दर्ज किए गए।
विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह के शक्तिशाली भूकंप के बाद से कामचटका और इसके आसपास का इलाका लगातार आफ्टरशॉक्स झेल रहा है और इस स्थिति के आने वाले दिनों में जारी रहने की संभावना है।
कोई बड़े नुकसान की खबर नहीं
रूस के आपदा प्रबंधन विभाग के मुताबिक, सोमवार को आए झटकों से अब तक किसी तरह के बड़े जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, लोग सतर्क हैं और कई स्थानों पर प्रशासन ने समुद्र तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। शुरू में सुनामी की आशंका को देखते हुए चेतावनी जारी की गई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद इसे रद्द कर दिया गया।
पृष्ठभूमि: बड़ा भूकंप और 600 साल बाद ज्वालामुखी का विस्फोट
यह आफ्टरशॉक्स बीते 30 जुलाई को आए 8.8 तीव्रता के भूकंप के बाद हो रहे हैं, जिसने प्रशांत महासागर के कई देशों में सुनामी अलर्ट जारी करवाया था। इसी दौरान कामचटका के क्राशेनिनिकोव ज्वालामुखी ने लगभग 600 साल बाद पहली बार विस्फोट किया, जिससे राख का गुबार 6 किलोमीटर तक आसमान में फैल गया। इसके साथ ही, क्षेत्र के एक अन्य सक्रिय ज्वालामुखी क्ल्युचेव्स्कॉय में भी गतिविधि बढ़ी।
भूवैज्ञानिकों का मानना है कि शक्तिशाली भूकंप से उत्पन्न भूकंपीय दबाव ने ज्वालामुखीय प्रणाली को भी सक्रिय कर दिया, जिसके चलते ये ऐतिहासिक विस्फोट देखने को मिले। हालांकि, यह संबंध वैज्ञानिक जांच का विषय है और इसकी पुष्टि के लिए आगे के अध्ययन किए जा रहे हैं।
खतरे की चेतावनी जारी
अमेरिकी भूगर्भ सर्वेक्षण (USGS) ने चेतावनी दी है कि मुख्य भूकंप के बाद एक सप्ताह के भीतर 7.0 या उससे अधिक तीव्रता का झटका आने की संभावना 3 से 34% तक है, जबकि 5.0 या उससे अधिक तीव्रता के झटके आने की संभावना 99% से अधिक है। इसका मतलब है कि क्षेत्र में आने वाले दिनों में सतर्क रहना बेहद जरूरी है।
स्थानीय प्रभाव और प्रशासनिक कदम
कामचटका के शहर पेर्टोपालोव्स्क, विलियूचिंस्क और येलिज़ोवो में सोमवार को झटके स्पष्ट रूप से महसूस किए गए। कई इमारतों में हल्की दरारें आई हैं और समुद्र किनारे के इलाकों में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। हवाई यातायात पर भी ज्वालामुखीय राख के चलते असर पड़ा है और एयरलाइन कंपनियों को अपने रूट्स में बदलाव करना पड़ा है।
भूगर्भीय सक्रिय क्षेत्र में स्थित कामचटका
कामचटका प्रायद्वीप प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है, जो दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंप और ज्वालामुखी क्षेत्रों में से एक है। यहां हर साल सैकड़ों छोटे-बड़े भूकंप आते हैं और कई ज्वालामुखी सक्रिय रहते हैं। यही वजह है कि इस क्षेत्र के लोगों को प्राकृतिक आपदाओं से निपटने की विशेष तैयारी करनी पड़ती है।
निष्कर्ष
4 अगस्त को आए ये आफ्टरशॉक्स और हालिया ज्वालामुखी विस्फोट इस बात के संकेत हैं कि कामचटका प्रायद्वीप की भूगर्भीय स्थिति अभी भी अस्थिर है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यहां और झटके आ सकते हैं, इसलिए प्रशासन और आम जनता दोनों को सतर्क रहना होगा।
Author: THE CG NEWS
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