गांजा तस्करी का नया कॉरिडोर बना दुर्ग, ओडिशा से निकलकर उत्तर और दक्षिण भारत तक पहुँच रहा नशे का जाल

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छत्तीसगढ़ का दुर्ग जिला अब नशे के कारोबारियों के लिए एक बड़े कॉरिडोर के रूप में उभर रहा है। ओडिशा से निकलकर गांजे की खेपें यहीं से गुजरते हुए उत्तर और दक्षिण भारत के कई बड़े शहरों तक भेजी जा रही हैं। हाल ही में पुलिस और विशेष सुरक्षा एजेंसियों की संयुक्त कार्रवाई ने इस बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है।

ओडिशा से दुर्ग तक का रास्ता

जानकारी के मुताबिक, ओडिशा में बैठे एजेंट्स बड़े पैमाने पर ऑर्डर लेते हैं और फिर वाहन की व्यवस्था कर गांजे की खेपों को सड़क मार्ग से दुर्ग लाया जाता है। यहाँ से इसे उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, दिल्ली और दक्षिण भारत के राज्यों तक सप्लाई किया जाता है। पुलिस का कहना है कि तस्करों ने दुर्ग को एक सुरक्षित ट्रांजिट प्वॉइंट बना लिया है, ताकि पुलिस की निगरानी से बचा जा सके।

पुलिस की लगातार कार्रवाई

कुंदरसी थाना क्षेत्र में हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई ने इस नेटवर्क की जड़ें हिला दी हैं। कार्रवाई के दौरान कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनसे भारी मात्रा में गांजा जब्त किया गया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, पकड़ा गया एक आरोपी नागपुर में भी लंबे समय से सक्रिय था और वह विभिन्न राज्यों में गांजे की डिलीवरी कराता था।

सेवानिवृत्त एसएसआई की संलिप्तता

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि ओडिशा पुलिस का एक सेवानिवृत्त एसएसआई स्वयं सीमावर्ती क्षेत्रों से खेप को सुरक्षित रूप से निकालने में मदद करता था। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस वजह से लंबे समय तक यह तस्करी बिना बाधा के चलती रही। यह नेटवर्क ओडिशा के नक्सल प्रभावित इलाकों से लेकर दुर्ग तक सक्रिय है और यहां से गांजा कई राज्यों में पहुँच रहा है।

तीन बड़े मामले उजागर

पिछले कुछ महीनों में दुर्ग पुलिस ने तीन बड़े मामलों में गांजा तस्करी का खुलासा किया है।

केस 1: 15 जुलाई 2024 को कुंदरसी पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया, जो पुलिस की वर्दी पहनकर वाहन में बैठा था ताकि किसी को शक न हो। तलाशी में उसके पास से 20 किलो गांजा बरामद हुआ।

केस 2: 5 अगस्त 2024 को दुर्ग पुलिस ने नागपुर जा रही दो गाड़ियों को रोका। जांच में करीब 150 किलो गांजा पकड़ा गया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने वाहनों पर एक जैसे नंबर प्लेट लगाए थे, ताकि आसानी से बॉर्डर क्रॉस किया जा सके।

केस 3: 13 अगस्त 2024 को जैंजरा-सिरसा चौकी क्षेत्र से गुजर रही गाड़ी से 112 किलो गांजा जब्त किया गया। यह खेप ओडिशा से निकलकर उत्तर भारत ले जाई जा रही थी। आरोपियों ने कबर्डी और बेमेतरा के रास्ते का इस्तेमाल किया था, ताकि मुख्य हाइवे पर पुलिस की नजर न पड़े।

पुलिस की चुनौती और आगामी कदम

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तस्कर अब आधुनिक तकनीक और चालाक तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। वाहनों में विशेष रूप से डिजाइन किए गए केबिन, डुप्लीकेट नंबर प्लेट और फर्जी कागजों की मदद से गांजे की खेपें निकाली जाती हैं। लगातार दबिश के बावजूद यह नेटवर्क अभी पूरी तरह ध्वस्त नहीं हो पाया है।

दुर्ग पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) गठित की है। टीम को आदेश दिया गया है कि गांजा तस्करी में शामिल हर बड़े नेटवर्क तक पहुँचा जाए और इसके मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया जाए।

नशे के खिलाफ अभियान

प्रदेश सरकार पहले से ही नशामुक्त छत्तीसगढ़ अभियान चला रही है। अधिकारियों का कहना है कि गांजा तस्करी की बढ़ती घटनाएँ इस अभियान के लिए बड़ी चुनौती हैं। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि अगर उन्हें कहीं संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दें।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

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