
लद्दाख के प्रख्यात पर्यावरणविद् और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. अंगमो ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत पत्र लिखकर अपने पति की तत्काल रिहाई की अपील की है। उन्होंने कहा कि लद्दाख के लोग आदिवासी समुदाय से आते हैं और राष्ट्रपति स्वयं आदिवासी होने के कारण उनकी भावनाओं को बेहतर ढंग से समझ सकती हैं। गीतांजलि ने पत्र में वांगचुक की गिरफ्तारी को “अनुचित” बताते हुए इसे क्षेत्र की आवाज़ दबाने का प्रयास करार दिया।
गिरफ्तारी और NSA के तहत कार्रवाई
लद्दाख में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद 26 सितंबर को पुलिस ने सोनम वांगचुक को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) की धारा 3(2) के तहत गिरफ्तार किया था। प्रशासन का आरोप है कि वांगचुक ने प्रदर्शनकारियों को भड़काने और राज्य की शांति व्यवस्था को प्रभावित करने का काम किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया, जहां वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।
वांगचुक की गिरफ्तारी के बाद से लेह और कारगिल में व्यापक विरोध जारी है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वांगचुक को सिर्फ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वे लद्दाख के लिए संवैधानिक सुरक्षा और राज्य का दर्जा मांग रहे थे।
गीतांजलि अंगमो का राष्ट्रपति को भावनात्मक पत्र
गीतांजलि अंगमो ने अपने पत्र में लिखा, “मैं अपने पति से अब तक बात नहीं कर पाई हूँ। मुझे यह भी नहीं बताया गया कि उन्हें किस हालत में रखा गया है या क्या उन्हें दवाएं और जरूरी चीजें मिल रही हैं। एक नागरिक और पत्नी होने के नाते क्या मुझे यह जानने का अधिकार नहीं है?”
उन्होंने आगे लिखा कि सोनम वांगचुक हमेशा शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय विकास के लिए काम करते रहे हैं। उनके अनुसार, “अगर वे देशविरोधी होते, तो उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार और अंतरराष्ट्रीय सम्मान क्यों दिए जाते?”
पत्र में गीतांजलि ने यह भी कहा कि लद्दाख के लोग आदिवासी समुदाय से हैं, जो दशकों से अपनी भूमि, जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि वे अपने संवैधानिक अधिकारों का उपयोग कर इस मामले में हस्तक्षेप करें और वांगचुक की निर्विवाद रिहाई सुनिश्चित करें।
लद्दाख में आंदोलन और विवाद की पृष्ठभूमि
लद्दाख में पिछले कई महीनों से राज्य का दर्जा और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है। सोनम वांगचुक इस आंदोलन के प्रमुख चेहरों में से एक रहे हैं। उन्होंने कहा था कि केंद्र सरकार लद्दाख के लोगों को उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित कर रही है और क्षेत्र के पर्यावरण को खतरे में डाल रही है।
24 सितंबर को लेह में हुए एक प्रदर्शन के दौरान स्थिति हिंसक हो गई थी, जिसमें चार लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए। इसके बाद प्रशासन ने कई नेताओं को हिरासत में लिया, जिनमें वांगचुक का नाम भी शामिल है।
केंद्र और राज्य की प्रतिक्रिया
केंद्र सरकार ने इस मामले में अब तक कोई औपचारिक बयान नहीं दिया है, जबकि लद्दाख प्रशासन का कहना है कि वांगचुक की गिरफ्तारी पूरी तरह “कानूनी प्रक्रिया” के तहत की गई है। प्रशासन के अनुसार, उनका भाषण और सोशल मीडिया पोस्ट हिंसा को बढ़ावा देने वाले माने गए।
वहीं, मानवाधिकार संगठनों, छात्र समूहों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला बताया है। दिल्ली, जयपुर, हैदराबाद और श्रीनगर में भी वांगचुक की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं।
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया
कांग्रेस, आप और कई क्षेत्रीय दलों ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी की आलोचना की है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि “यह गिरफ्तारी लोकतंत्र के उस हिस्से पर हमला है, जो सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने की अनुमति देता है।” वहीं, आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट किया कि “सोनम वांगचुक जैसे राष्ट्रनिर्माताओं को जेल में डालना देश के लिए शर्मनाक है।”
आगे की राह
सोनम वांगचुक के समर्थन में अब लद्दाख से लेकर दिल्ली तक आवाजें उठ रही हैं। गीतांजलि अंगमो के पत्र के बाद यह मामला और संवेदनशील हो गया है। राष्ट्रपति भवन ने फिलहाल पत्र की प्राप्ति की पुष्टि की है, लेकिन किसी आधिकारिक प्रतिक्रिया की जानकारी नहीं दी गई है।
इस बीच, वांगचुक के वकीलों ने जोधपुर हाईकोर्ट में उनकी हिरासत को चुनौती दी है। अदालत से अगले सप्ताह इस मामले की सुनवाई की उम्मीद है।
निष्कर्ष
लद्दाख में जारी यह विवाद सिर्फ एक व्यक्ति की गिरफ्तारी का मामला नहीं रहा, बल्कि यह आदिवासी अधिकार, पर्यावरण सुरक्षा और लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी बड़ी बहस का रूप ले चुका है।
गीतांजलि अंगमो का यह पत्र अब पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रपति और केंद्र सरकार इस संवेदनशील अपील पर क्या रुख अपनाते हैं।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







