
देशभर के छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। अब जीएसटी (GST) रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को सरल बनाते हुए सरकार ने घोषणा की है कि कम जोखिम वाले और छोटे कारोबारियों को सिर्फ 3 कारोबारी दिनों में रजिस्ट्रेशन मिल जाएगा। यह सुविधा आज यानी 1 नवंबर 2025 से लागू हो गई है। इस स्कीम का लाभ उन व्यापारियों को मिलेगा जिनका मंथली जीएसटी आउटपुट टैक्स ₹2.5 लाख से कम है।
नई व्यवस्था के साथ ही सरकार ने अक्टूबर 2025 के GST कलेक्शन आंकड़े भी जारी किए, जिसमें रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। अक्टूबर में ₹1.96 लाख करोड़ रुपए का GST संग्रह हुआ, जो सालाना आधार पर 4.6% की बढ़ोतरी दर्शाता है।
छोटे कारोबारियों को अब मिलेगी तेजी से सुविधा
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने गाजियाबाद में नए CGST भवन के उद्घाटन समारोह में कहा कि यह नई स्कीम छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए क्रांतिकारी बदलाव साबित होगी। उन्होंने कहा कि नई प्रक्रिया के तहत करीब 96% नए आवेदक तीन दिन में रजिस्ट्रेशन प्राप्त कर सकेंगे।
सीतारमण ने कहा, “हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि रजिस्ट्रेशन में किसी तरह की देरी या परेशानी न आए। छोटे कारोबारियों को औपचारिक अर्थव्यवस्था में जल्दी जोड़ना हमारी प्राथमिकता है।”
नया प्रोसेस और पात्रता क्या है
सितंबर 2025 में हुई GST काउंसिल की बैठक में इस स्कीम को मंजूरी दी गई थी। इसे Simplified GST Registration Scheme नाम दिया गया है। इस योजना के तहत छोटे या Low-Risk कारोबारियों को आसान और तेज प्रक्रिया के माध्यम से जीएसटी रजिस्ट्रेशन मिलेगा।
इसके लिए आवेदक को केवल एक Self-Declaration देनी होगी जिसमें यह उल्लेख होगा कि उसकी मासिक टैक्स देनदारी ₹2.5 लाख रुपए से कम है। इसके अलावा जीएसटी सिस्टम अपने डेटा एनालिसिस के जरिए भी यह पहचान करेगा कि कौन-से व्यापारी कम जोखिम श्रेणी में आते हैं।
फिलहाल देश में 1.54 करोड़ से अधिक व्यवसाय GST के अंतर्गत रजिस्टर्ड हैं। अब यह नया रूट नए और छोटे अप्लिकेंट्स को तेजी से सिस्टम में शामिल करेगा। इससे छोटे दुकानदारों, सेवा प्रदाताओं और स्टार्टअप्स को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जुड़ने में आसानी होगी।
क्यों लाया गया यह बदलाव
अब तक जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया कई बार 7 से 15 दिनों तक खिंच जाती थी। इससे छोटे व्यापारियों को बिजनेस शुरू करने में देरी होती थी। कई स्टार्टअप्स और उद्यमियों को शुरुआती कामकाज में परेशानी आती थी।
अब नई व्यवस्था में PAN-बेस्ड रजिस्ट्रेशन केवल तीन कार्य दिवसों में पूरा होगा। इससे छोटे व्यापारी जल्दी से टैक्स नेटवर्क में आ पाएंगे और सरकार के राजस्व संग्रह में पारदर्शिता भी बढ़ेगी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह पहल ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ाने और छोटे कारोबारों को सशक्त बनाने की दिशा में एक और बड़ा कदम है।
अक्टूबर में ₹1.96 लाख करोड़ का GST कलेक्शन
सरकार ने अक्टूबर 2025 का जीएसटी कलेक्शन डेटा जारी किया है, जिसके मुताबिक इस माह ₹1.96 लाख करोड़ रुपए का कुल संग्रह हुआ। यह अक्टूबर 2024 के ₹1.87 लाख करोड़ रुपए की तुलना में 4.6% अधिक है।
सितंबर 2025 में सरकार ने ₹1.89 लाख करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था, यानी अक्टूबर में ₹7 हजार करोड़ की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं अप्रैल 2025 में रिकॉर्ड ₹2.37 लाख करोड़ रुपए, जबकि मई में ₹2.01 लाख करोड़ रुपए का जीएसटी कलेक्शन हुआ था।
KPMG के टैक्स एक्सपर्ट अभिषेक जैन ने कहा, “लगातार बढ़ता जीएसटी कलेक्शन इस बात का संकेत है कि घरेलू मांग, औद्योगिक गतिविधियां और टैक्स अनुपालन मजबूत हैं। यह भारत की अर्थव्यवस्था की स्वस्थ स्थिति को दर्शाता है।”
22 सितंबर से लागू हुई थीं नई GST दरें
इससे पहले सरकार ने 22 सितंबर 2025 से GST दरों को दो मुख्य स्लैब — 5% और 18% — में सीमित कर दिया था। इससे टैक्स स्ट्रक्चर को सरल किया गया और कई वस्तुएं सस्ती हुईं।
नए रेट लागू होने के बाद UHT दूध, पनीर, घी, साबुन, शैंपू, AC और कार जैसी वस्तुओं पर टैक्स दरों में कमी आई है। सरकार का उद्देश्य टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और व्यवसाय-अनुकूल बनाना है।
जीएसटी: सात साल की यात्रा
देश में जीएसटी प्रणाली 1 जुलाई 2017 को लागू हुई थी। इसने केंद्र और राज्य सरकारों के कुल 17 टैक्स और 13 उपकरों को समाप्त कर दिया था। वर्तमान में जीएसटी में 5%, 12%, 18% और 28% के चार टैक्स स्लैब हैं।
जीएसटी को चार हिस्सों में बांटा गया है —
CGST (केंद्रीय जीएसटी): केंद्र सरकार के हिस्से का टैक्स।
SGST (राज्य जीएसटी): राज्य सरकार के हिस्से का टैक्स।
IGST (एकीकृत जीएसटी): अंतरराज्यीय लेनदेन पर लागू टैक्स।
उपकर (Cess): विशेष वस्तुओं जैसे लग्जरी आइटम्स और तंबाकू पर लगाया जाने वाला अतिरिक्त टैक्स।
निष्कर्ष
सरकार की यह नई पहल छोटे और मध्यम कारोबारियों के लिए बड़ी राहत है। तीन दिन में GST रजिस्ट्रेशन मिलने से न केवल व्यापार शुरू करने में आसानी होगी, बल्कि सिस्टम में पारदर्शिता और विश्वास भी बढ़ेगा। अक्टूबर में ₹1.96 लाख करोड़ रुपए का कलेक्शन यह दिखाता है कि भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत दिशा में आगे बढ़ रही है।
नई स्कीम से छोटे व्यवसायों को कम समय, कम झंझट और ज्यादा सुविधा के साथ औपचारिक टैक्स ढांचे में शामिल होने का मौका मिलेगा — जिससे “Ease of Doing Business” का लक्ष्य और भी सशक्त होगा।
Author: THE CG NEWS
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