
छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में अवैध नेटवर्क मार्केटिंग और फर्जी कृषि-दवाइयों के कारोबार का बड़ा मामला सामने आया है। ग्राम धनोरा स्थित ड्रेकी मार्केटिंग प्राइवेट लिमिटेड (DMPL) पर बिना वैधानिक अनुमति बायो-स्टिमुलेंट और अन्य उत्पादों की बिक्री करने का आरोप है। शिकायतों के बाद कृषि विभाग की संयुक्त जांच टीम ने कार्रवाई करते हुए करीब 2 करोड़ 84 लाख रुपए मूल्य के बायो-स्टिमुलेंट जब्त किए हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले में अवैध नेटवर्क मार्केटिंग और नकली लेबलिंग के जरिए किसानों और आम लोगों को ठगने के पूरे नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए हैं।
फर्जी लेबलिंग से कई गुना महंगे दामों पर बिक्री का आरोप
शिकायतकर्ताओं के अनुसार DMPL कंपनी अपने ही नाम से एक फर्जी फार्म दिखाकर कृषि और हेल्थ केयर से जुड़े उत्पादों का निर्माण दर्शा रही थी। इन उत्पादों की न तो गुणवत्ता जांच कराई गई और न ही किसी सक्षम विभाग से वैधानिक अनुमति ली गई। जांच में सामने आया है कि कई उत्पाद दूसरे निर्माताओं से कम कीमत पर खरीदे गए और उन पर DMPL का लेबल लगाकर बाजार में बेचा गया। जिन उत्पादों की वास्तविक कीमत 500 से 700 रुपए के बीच थी, उन्हें 3000 से 3200 रुपए तक में बेचा जा रहा था। इससे किसानों और उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
नेटवर्क मार्केटिंग के जरिए बनाया गया चेन सिस्टम
जानकारी के मुताबिक कंपनी नेटवर्क मार्केटिंग मॉडल पर काम कर रही थी। लोगों को 1600 रुपए की शुरुआती राशि देकर नेटवर्क से जोड़ा जाता था और दो नए सदस्य जोड़ने पर कमीशन का लालच दिया जाता था। यह मॉडल धीरे-धीरे चेन सिस्टम में बदल गया, जिसमें जुड़े लोग अपनी राशि निकालने के लिए और अधिक लोगों को जोड़ते चले गए। इसी नेटवर्क के माध्यम से कृषि उत्पादों और हेल्थ केयर आइटम्स की बड़े पैमाने पर बिक्री की जा रही थी। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि यह पूरा सिस्टम अवैध पिरामिड स्कीम की तरह संचालित किया जा रहा था।
बिना लाइसेंस बायो-स्टिमुलेंट का भंडारण और विक्रय
जांच में यह भी सामने आया कि कंपनी किसानों को जैव प्रेरक ह्यूमिक एसिड और अन्य कृषि उत्पाद बिना किसी वैध लाइसेंस के बेच रही थी। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के तहत जैव प्रेरकों के भंडारण और विक्रय के लिए संचालनालय कृषि या जिला उप संचालक कार्यालय से अनुमति अनिवार्य होती है। जांच के दौरान कंपनी प्रभारी कोई भी वैध लाइसेंस, विक्रय प्रमाण पत्र या अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।
संयुक्त जांच टीम की दबिश और बड़ी जब्ती
संभागीय संयुक्त संचालक कृषि दुर्ग के निर्देश पर 15 दिसंबर को संभाग स्तरीय कृषि विभाग की संयुक्त जांच टीम ने ग्राम पंचायत धनोरा के आनंद नगर स्थित DMPL के गोदाम पर छापेमारी की। जांच टीम में निरीक्षक हेमंत कुमार बघेल, निरीक्षक सुचित्रा दरबारी, उर्वरक निरीक्षक नवीन खोब्रागढ़े, ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी सोनाली कुजूर और अजय यादव शामिल रहे।
निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान प्रभारी धनेश साहू ने स्वीकार किया कि ह्यूमिक एसिड का विक्रय प्रदेश के कई जिलों में एजेंटों के माध्यम से किया जा रहा था। जब टीम ने प्राधिकार पत्र, बिल बुक और स्टॉक रजिस्टर की मांग की, तो कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
स्टॉक में भारी गड़बड़ी का खुलासा
जांच में सामने आया कि 1 जनवरी से 15 दिसंबर के बीच 49,360 बोतल (एक लीटर) ह्यूमिक एसिड का भंडारण दर्शाया गया था, जिसमें से 38,668 बोतल बिक चुकी बताई गईं। रिकॉर्ड के अनुसार शेष स्टॉक 1326 बोतल होना चाहिए था, लेकिन जांच के दौरान पहले तल के गोदाम से 630 पेटियों में रखी 7560 अतिरिक्त बोतलें बरामद की गईं। इस तरह कुल 8886 बोतल अवैध जैव प्रेरक ह्यूमिक एसिड जब्त किया गया। अधिकतम खुदरा मूल्य के आधार पर इसकी कुल कीमत करीब 2 करोड़ 84 लाख 35 हजार 200 रुपए आंकी गई।
गोदाम सील, नोटिस जारी और जांच आगे बढ़ी
संयुक्त जांच टीम ने अवैध रूप से भंडारित उत्पाद जब्त कर गोदाम को सील कर दिया है। विक्रय से जुड़े इनवॉयस, रजिस्टर और कच्ची बिल बुक भी जब्त की गई हैं। ह्यूमिक एसिड के नमूने प्रयोगशाला जांच के लिए भेजे गए हैं। कंपनी प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर तीन दिन में जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।
कृषि उप संचालक संदीप भोई ने बताया कि बिना लाइसेंस और विक्रय प्रमाण पत्र के बायो-स्टिमुलेंट का भंडारण पाए जाने पर उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। गुणवत्ता को लेकर अंतिम स्थिति प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी।
मुख्य सचिव और कलेक्टर से FIR की मांग
मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ताओं ने छत्तीसगढ़ शासन के मुख्य सचिव और दुर्ग कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए DMPL को पूरी तरह सील करने और संबंधित फार्म संचालकों व नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। जांच के दायरे में आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
Author: THE CG NEWS
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