
मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर बनी चिंता को सरकार ने दूर करने की कोशिश की है। सरकारी सूत्रों के अनुसार फिलहाल देश में पेट्रोल और डीजल के दाम नहीं बढ़ाए जाएंगे। सरकार का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बावजूद भारत के पास पर्याप्त भंडार मौजूद है और सप्लाई व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए वैकल्पिक कदम उठाए गए हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रभावित होने के बाद भारत ने कच्चे तेल के आयात के लिए नए समुद्री रास्तों का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। इसी रणनीति के तहत सरकार ने उन मार्गों से आने वाले कच्चे तेल के आयात में लगभग 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी की है, जो होर्मुज रूट पर निर्भर नहीं हैं।
नए रास्तों से आयात बढ़ाकर जोखिम कम करने की रणनीति
भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से आयात करता है। सामान्य परिस्थितियों में देश अपनी जरूरत का लगभग 50 प्रतिशत कच्चा तेल और करीब 54 प्रतिशत एलएनजी फारस की खाड़ी क्षेत्र से, विशेषकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते मंगाता रहा है। लेकिन हालिया तनाव के कारण यह मार्ग असुरक्षित माना जा रहा है।
ऐसे में सरकार ने आयात रणनीति में बदलाव करते हुए अन्य समुद्री मार्गों और वैकल्पिक सप्लाई स्रोतों पर निर्भरता बढ़ा दी है। पहले भारत अपनी कुल जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज के अलावा अन्य रास्तों से मंगाता था, जिसे अब बढ़ाकर लगभग 70 प्रतिशत कर दिया गया है। इस कदम से खाड़ी क्षेत्र में चल रहे तनाव का असर भारत की ऊर्जा सप्लाई पर कम पड़ेगा।
भारत अपनी कुल कच्चे तेल की जरूरत का करीब 85 से 90 प्रतिशत हिस्सा 40 से अधिक देशों से आयात करता है। यही विविधता भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाने में मदद कर रही है।
सरकार का भरोसा: कीमतों में बढ़ोतरी नहीं होगी
सरकारी सूत्रों ने स्पष्ट रूप से कहा है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की जाएगी। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद देश के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार मौजूद है और सप्लाई चेन को बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
सरकार के अनुसार हालिया समीक्षा बैठकों में यह पाया गया है कि भारत का ऊर्जा स्टॉक पहले की तुलना में बेहतर स्थिति में है। इससे सरकार को भरोसा है कि मौजूदा संकट के बावजूद देश में ईंधन की आपूर्ति सामान्य बनी रहेगी।
होर्मुज संकट से वैश्विक बाजार में उछाल
मिडिल ईस्ट में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास गतिविधियों को सीमित करने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है।
पिछले आठ दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 27 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत करीब 92.69 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई, जो अप्रैल 2024 के बाद का सबसे ऊंचा स्तर है।
28 फरवरी को जब क्षेत्र में तनाव बढ़ना शुरू हुआ था, उस समय कच्चे तेल की कीमत लगभग 72.87 डॉलर प्रति बैरल थी। इसके बाद एक सप्ताह के भीतर ही कीमतों में लगभग 20 डॉलर प्रति बैरल की बढ़ोतरी हो गई।
ईरान ने जल्द जहाजों की आवाजाही शुरू होने का संकेत दिया
सरकारी सूत्रों के अनुसार ईरान की ओर से संकेत मिले हैं कि होर्मुज क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही जल्द सामान्य हो सकती है। बताया जा रहा है कि ईरान ने अपने पड़ोसी देशों को भरोसा दिया है कि जब तक उनके क्षेत्र से ईरान पर हमला नहीं किया जाता, तब तक वह उन्हें निशाना नहीं बनाएगा।
इसके अलावा कई अन्य देशों ने भी भारत को कच्चा तेल और एलएनजी सप्लाई करने में रुचि दिखाई है। इससे भारत के पास ऊर्जा आयात के कई विकल्प मौजूद हैं।
LPG को लेकर राजनीतिक बयानबाजी
सरकार ने रसोई गैस यानी LPG की कीमतों को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों को भी खारिज किया है। सरकारी सूत्रों का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों को स्थिर रखने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन यह LPG पर लागू नहीं होता।
सरकार का कहना है कि कुछ समय पहले LPG स्टॉक को लेकर चिंता जरूर थी, लेकिन अब स्थिति काफी बेहतर हो गई है और उपभोक्ताओं के लिए गैस सप्लाई में किसी तरह की कमी नहीं है।
ऊर्जा सुरक्षा को लेकर सरकार का भरोसा
ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि आयात के स्रोतों में विविधता और वैकल्पिक सप्लाई मार्गों का इस्तेमाल भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाता है। मौजूदा संकट के दौरान सरकार द्वारा उठाए गए कदम यह दिखाते हैं कि भारत वैश्विक ऊर्जा बाजार की अनिश्चितताओं से निपटने के लिए रणनीतिक तैयारी कर रहा है।
सरकार का कहना है कि फिलहाल देश में ईंधन की उपलब्धता पर्याप्त है और आम उपभोक्ताओं को पेट्रोल–डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
Author: THE CG NEWS
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