गैस और तेल संकट को लेकर सरकार की सफाई: घबराहट में बढ़ी सिलेंडर बुकिंग, देश में ईंधन की कमी नहीं

SHARE:

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच भारत में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता को लेकर बढ़ती चिंताओं पर केंद्र सरकार ने गुरुवार को संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस की। विदेश मंत्रालय, शिपिंग मंत्रालय, पेट्रोलियम मंत्रालय और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधिकारियों ने मिलकर स्थिति पर विस्तार से जानकारी दी। सरकार ने माना कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण लोगों में घबराहट बढ़ी है, जिसके चलते देशभर में गैस सिलेंडर की बुकिंग में अचानक कई गुना वृद्धि देखी गई है। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई फिलहाल संतोषजनक है और ईंधन की कमी जैसी स्थिति नहीं है।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय में संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते आती है। वर्तमान परिस्थितियों के बावजूद देश में रोजाना लगभग 50 लाख एलपीजी सिलेंडर की डिलीवरी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार सप्लाई चेन की निगरानी कर रही है ताकि देश में किसी भी प्रकार की कमी न होने पाए।

पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कोई कमी नहीं

सरकार ने स्पष्ट किया कि देश में करीब एक लाख पेट्रोल पंप हैं और इनमें से किसी भी पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म होने की स्थिति नहीं बनी है। सुजाता शर्मा ने कहा कि भारत रोजाना लगभग 55 लाख बैरल कच्चे तेल का उपयोग करता है और दुनिया के प्रमुख रिफाइनिंग देशों में शामिल होने के कारण देश में पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।

उन्होंने बताया कि 9 मार्च को पेट्रोलियम मंत्रालय ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत सभी रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन अधिकतम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद घरेलू उत्पादन में वृद्धि हुई है और एलपीजी का घरेलू उत्पादन 25 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 28 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

घबराहट के कारण बढ़ी मांग

सरकार ने माना कि अंतरराष्ट्रीय तनाव और सप्लाई से जुड़ी खबरों के कारण आम लोगों में घबराहट की स्थिति बनी, जिसके चलते गैस सिलेंडर की बुकिंग अचानक बढ़ गई। देश के कई राज्यों में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी गईं और कुछ स्थानों पर सिलेंडरों की कालाबाजारी की भी खबरें सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार जहां घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत लगभग 900 रुपये है, वहीं कुछ जगहों पर इसे 1800 रुपये तक में बेचे जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं।

सरकार ने राज्यों से अपील की है कि वे वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखें और प्राथमिकता के आधार पर जरूरतमंद उपभोक्ताओं तक सिलेंडर पहुंचाना सुनिश्चित करें।

विदेश मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर दी जानकारी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार काम कर रहा है। भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते ईरान से बाहर निकलने में सहायता दी जा रही है, जहां से वे वाणिज्यिक उड़ानों के जरिए भारत लौट सकते हैं।

उन्होंने बताया कि दूतावास भारतीय नागरिकों को वीजा सुविधा और अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने में भी मदद कर रहा है। कई भारतीय नागरिक इस प्रक्रिया के जरिए सुरक्षित भारत लौट चुके हैं और अन्य लोगों से भी दूतावास द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की गई है।

समुद्री क्षेत्र में भारतीय जहाजों की सुरक्षा पर नजर

शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पर्शियन गल्फ क्षेत्र में फिलहाल 28 भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिनमें कुल 778 भारतीय नाविक सवार हैं। इनमें से 24 जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में हैं, जबकि चार जहाज पूर्वी हिस्से में मौजूद हैं। सरकार इन सभी जहाजों और उनके क्रू की सुरक्षा पर लगातार नजर बनाए हुए है।

सप्लाई संकट की दो प्रमुख वजहें

विशेषज्ञों के अनुसार मौजूदा संकट की दो बड़ी वजहें हैं। पहली वजह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का लगभग बंद हो जाना है। यह लगभग 167 किलोमीटर लंबा समुद्री मार्ग है, जो फारस की खाड़ी को अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया के कुल पेट्रोलियम व्यापार का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। भारत भी अपनी जरूरत का करीब आधा कच्चा तेल और बड़ी मात्रा में एलएनजी इसी रास्ते से आयात करता है।

दूसरी बड़ी वजह कतर में एलएनजी उत्पादन का प्रभावित होना है। हाल ही में क्षेत्र में हुए ड्रोन हमलों के बाद कतर के एक बड़े एलएनजी प्लांट का उत्पादन अस्थायी रूप से रोक दिया गया, जिससे भारत को मिलने वाली गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। भारत अपनी जरूरत की लगभग 40 प्रतिशत एलएनजी कतर से आयात करता है।

वैकल्पिक सप्लाई की तलाश में सरकार

इंडियन ऑयल के अधिकारियों का कहना है कि उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है और अनावश्यक रूप से गैस सिलेंडर बुक करने से बचना चाहिए। सरकार अब अमेरिका समेत अन्य देशों से वैकल्पिक कार्गो मंगाने के विकल्पों पर विचार कर रही है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऊर्जा संकट को नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं। जी-7 देशों के बीच इमरजेंसी तेल भंडार से अतिरिक्त सप्लाई जारी करने पर चर्चा हो रही है, जबकि रूस और अल्जीरिया से भी अतिरिक्त कच्चा तेल मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय स्थिति स्थिर होती है तो ऊर्जा बाजार में भी धीरेधीरे संतुलन लौट सकता है।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई