
देशभर में चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) अभियान के तहत बड़ा बदलाव सामने आया है। चुनाव आयोग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के मुताबिक 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों की अंतिम मतदाता सूची से कुल 6.08 करोड़ नाम हटाए गए हैं। इस प्रक्रिया के बाद कुल मतदाताओं की संख्या करीब 51 करोड़ से घटकर 44.92 करोड़ रह गई है। इस बड़े संशोधन का सबसे ज्यादा असर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे बड़े राज्यों में देखने को मिला है।
उत्तर प्रदेश और बंगाल में सबसे ज्यादा नाम कटे
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन के दूसरे चरण में जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक 2.04 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। इससे राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 13 प्रतिशत घटकर 13.39 करोड़ रह गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में भी इस प्रक्रिया के तहत करीब 90.83 लाख नाम मतदाता सूची से बाहर किए गए हैं। पहले यहां मतदाताओं की संख्या करीब 7.66 करोड़ थी, जो अब घटकर लगभग 7.04 करोड़ रह गई है। यह बदलाव आगामी चुनावों के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
12 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में पूरा हुआ दूसरा चरण
SIR के दूसरे चरण में उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, राजस्थान, छत्तीसगढ़, केरल, गुजरात, मध्य प्रदेश और गोवा जैसे राज्यों के साथ-साथ पुडुचेरी, अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप की अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है। इससे पहले पहले चरण में बिहार को कवर किया गया था। वहीं असम में अलग से स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया पूरी की गई थी। चुनाव आयोग के अनुसार यह अभियान चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में लागू किया जा रहा है।
अब तक 60 करोड़ मतदाता कवर, तीसरे चरण की तैयारी
चुनाव आयोग ने 24 जून 2025 को पूरे देश में SIR अभियान शुरू करने का आदेश दिया था। अब तक करीब 60 करोड़ मतदाताओं को इस प्रक्रिया के तहत कवर किया जा चुका है, जबकि अभी लगभग 39 करोड़ मतदाता बाकी हैं। तीसरे चरण में 17 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों को शामिल किया जाएगा। आयोग के मुताबिक इन क्षेत्रों में SIR प्रक्रिया आगामी विधानसभा चुनावों के बाद शुरू की जाएगी।
क्या है SIR और क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR चुनाव आयोग की एक विशेष प्रक्रिया है, जिसके तहत मतदाता सूची को पूरी तरह अपडेट किया जाता है। इसमें घर-घर जाकर ब्लॉक लेवल ऑफिसर (BLO) और बूथ लेवल एजेंट (BLA) द्वारा सत्यापन किया जाता है। इस दौरान नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा जाता है और मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट नामों को हटाया जाता है। इसके अलावा नाम, पते और अन्य विवरणों में हुई त्रुटियों को भी सुधारा जाता है।
इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी अयोग्य व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न रहे और कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न हो। पिछले दो दशकों में बड़े पैमाने पर जनसंख्या का स्थानांतरण, मृत्यु और अन्य बदलाव हुए हैं, जिन्हें ध्यान में रखते हुए यह संशोधन जरूरी माना गया।
राजनीतिक विवाद और कानूनी चुनौती
हालांकि इस प्रक्रिया को लेकर कुछ राज्यों में विवाद भी सामने आए हैं। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु में राजनीतिक दलों ने SIR की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। विपक्षी दलों का आरोप है कि बड़े पैमाने पर नाम हटाने से चुनावी समीकरण प्रभावित हो सकते हैं। वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और नियमों के तहत की जा रही है।
निष्कर्ष
देश में मतदाता सूची के इस बड़े अपडेट को चुनावी सुधार की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। हालांकि इससे जुड़े आंकड़े और विवाद यह भी दर्शाते हैं कि इस प्रक्रिया का प्रभाव व्यापक और गहरा है। आने वाले समय में तीसरे चरण के साथ यह अभियान और भी बड़े स्तर पर लागू होगा, जिससे देश की चुनावी व्यवस्था और अधिक सटीक और विश्वसनीय बनने की उम्मीद है।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







