
28 मई 2025 — एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स को अंतरिक्ष तकनीक के क्षेत्र में एक और बड़ा झटका तब लगा जब उसकी सबसे शक्तिशाली और महत्वाकांक्षी परियोजना स्टारशिप रॉकेट की 9वीं परीक्षण उड़ान विफल हो गई। यह घटना तब हुई जब रॉकेट के ऊपरी चरण ने धरती के वायुमंडल में पुनः प्रवेश करते समय नियंत्रण खो दिया और भारतीय महासागर के ऊपर ही बिखर गया।
क्या हुआ इस मिशन में?
मंगलवार को टेक्सास स्थित स्पेसएक्स के लॉन्चपैड “स्टारबेस” से स्टारशिप का प्रक्षेपण किया गया। प्रारंभिक उड़ान चरण सफल रहा—रॉकेट ने धरती की कक्षा पार की और नकली स्टारलिंक सैटेलाइट्स को तैनात करने का प्रयास किया।
हालांकि, रॉकेट के ऊपरी हिस्से में ईंधन रिसाव (fuel leak) और थर्मल शील्ड (thermal shield) की विफलता के कारण अत्यधिक गर्मी उत्पन्न हुई और सिस्टम ने नियंत्रण खो दिया।
स्पेसएक्स के अनुसार, यह एक “तेज और अनिर्धारित विघटन” (rapid unscheduled disassembly) था — एक वाक्यांश जो अब उनकी परीक्षण असफलताओं का पर्याय बन चुका है।
स्टारशिप की महत्ता क्या है?
स्टारशिप रॉकेट न केवल दुनिया का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली रॉकेट है, बल्कि यह भविष्य की अंतरग्रहीय यात्रा का केंद्र भी है। इसकी सफलता से न केवल चंद्रमा मिशन “आर्टेमिस” में मदद मिलेगी, बल्कि एलन मस्क का अंतिम लक्ष्य — मंगल ग्रह पर मानव बस्ती बसाना — भी साकार हो सकेगा। स्टारशिप को पूरी तरह से पुनः उपयोग में लाए जाने वाला रॉकेट बनाया गया है, ताकि अंतरिक्ष यात्रा की लागत में भारी कमी आए और एक नियमित, व्यावसायिक अंतरिक्ष परिवहन प्रणाली विकसित हो सके।
यह लगातार तीसरी बार है जब स्टारशिप की उड़ान पूरी तरह से सफल नहीं रही।
- जनवरी 2025: रॉकेट इंजन फेल हुआ।
- मार्च 2025: रॉकेट ने कक्षा तो हासिल की, लेकिन पुनः प्रविष्टि पर जलकर विघटित हो गया।
- मई 2025: थर्मल सुरक्षा और नियंत्रण प्रणाली की विफलता।
हालांकि आलोचना हो रही है, लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि यह स्पेसएक्स की रणनीति का हिस्सा है — बार-बार परीक्षण, त्वरित सुधार और उच्च गति से नवाचार।
स्पेसएक्स और एलन मस्क की प्रतिक्रिया
एलन मस्क ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा:
“हमें इस परीक्षण से बहुत कुछ सीखने को मिला। अगली उड़ान में हम और मजबूत होकर लौटेंगे। मंगल अब भी हमारा लक्ष्य है।”
स्पेसएक्स ने भी अपनी वेबसाइट पर बताया कि रॉकेट की कुछ प्रणालियाँ पहले से बेहतर काम कर रही थीं — विशेषकर पहले चरण की पुनर्प्राप्ति क्षमता और सटीक लॉन्च प्रोफाइल।
अब आगे क्या?
स्पेसएक्स ने कहा है कि वह जल्द ही अगली उड़ान के लिए तैयार होगा।
उनकी योजना है कि 2026 तक स्टारशिप को नासा के आर्टेमिस मिशन में उपयोग किया जाए और 2027 से पहले पहली मानव रहित मंगल उड़ान की तैयारी हो।
विडियो रिपोर्ट और लाइव फीड
इस मिशन की लाइव स्ट्रीमिंग को लाखों दर्शकों ने देखा। अंतिम क्षणों में जब रॉकेट विघटित हुआ, तब दर्शकों और स्पेसएक्स कंट्रोल रूम की प्रतिक्रिया मिश्रित रही — कुछ उत्साहजनक, कुछ चिंताजनक।
Author: THE CG NEWS
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