अहमदाबाद विमान हादसा: एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 क्रैश में 264 की मौत, पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी सवार – क्या थी वजह, कैसे हुआ हादसा

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हादसे की शुरुआत: टेक-ऑफ के कुछ सेकंड बाद टूटा संपर्क

12 जून 2025 की दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे से एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 ने लंदन के लिए उड़ान भरी। यह विमान बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर था, जिसमें कुल 241 लोग सवार थे। विमान के उड़ान भरते ही अचानक तकनीकी खराबी की आशंका जताई गई जब पायलट ने “Mayday” कॉल भेजा। विमान महज 625 फीट की ऊंचाई पर था, जब इसका संपर्क रडार से टूट गया और वह शहर के बीचोंबीच गिर गया। हादसे का स्थान बी.जे. मेडिकल कॉलेज का हॉस्टल परिसर था, जहां उस समय दर्जनों छात्र मौजूद थे। विमान में विस्फोट हुआ और आग की तेज लपटें फैल गईं, जिससे आसपास का इलाका दहशत में आ गया।

कितने लोग मारे गए, कौन-कौन थे सवार

हादसे में 240 यात्रियों और क्रू मेंबर्स की मौके पर ही मौत हो गई। एकमात्र जीवित बचे यात्री ब्रिटिश नागरिक विश्वश कुमार रमेश हैं, जिन्हें मामूली चोटें आईं और अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसके अलावा हॉस्टल पर मलबा गिरने के कारण 24 स्थानीय नागरिकों की भी मौत हो गई। कुल मिलाकर 264 लोगों की मौत इस हादसे में हो चुकी है। मारे गए लोगों में पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे, जो किसी निजी कार्यक्रम के लिए लंदन जा रहे थे। उनकी मौत की पुष्टि भाजपा अध्यक्ष सी.आर. पाटिल ने की। विमान में ब्रिटेन के 53 नागरिक, कनाडा की जानी-मानी डेंटिस्ट नीराली पटेल, पुर्तगाल के 7 यात्री और भारत के कई कारोबारी व छात्र सवार थे। हॉस्टल में मरने वालों में 5 मेडिकल छात्र भी शामिल हैं।

हादसे की संभावित वजह – तकनीकी चूक या बर्ड स्ट्राइक

प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि टेक-ऑफ के दौरान विमान के इंजन में अचानक खराबी आ गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यह थ्रस्ट लॉस का मामला हो सकता है या फिर पक्षियों से टकराव के कारण इंजन फेल हुआ होगा। अहमदाबाद एयरपोर्ट के आसपास बर्ड स्ट्राइक की घटनाएं पहले भी सामने आई हैं, जिससे यह आशंका और मजबूत हो गई है। पायलट द्वारा भेजा गया “Mayday” सिग्नल इसी तकनीकी संकट की ओर इशारा करता है। अब तक एक ब्लैक बॉक्स बरामद किया गया है, जिसमें कॉकपिट की अंतिम रिकॉर्डिंग और तकनीकी डेटा मौजूद है। दूसरा ब्लैक बॉक्स (फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर) अभी खोजा जा रहा है।

जांच में शामिल एजेंसियां और अंतरराष्ट्रीय सहयोग

इस भयावह हादसे की जांच के लिए भारत की DGCA ने विशेष टीम गठित की है। साथ ही अमेरिका की NTSB और ब्रिटेन की AAIB को भी जांच में शामिल किया गया है, क्योंकि विमान अमेरिकी निर्माण का था और उसमें विदेशी नागरिक भी सवार थे। विमान निर्माता कंपनी बोइंग और इंजन निर्माता GE Aerospace की तकनीकी टीमें भी भारत पहुंच चुकी हैं और जांच में सहयोग कर रही हैं। हादसे के बाद सभी बोइंग 787-8 विमानों की उड़ानों पर अस्थायी रूप से रोक लगाई गई है और उनकी सुरक्षा जांच का आदेश दिया गया है।

राहत कार्य और प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया

घटना की जानकारी मिलते ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की निगरानी शुरू की और अहमदाबाद में राहत कार्य का जायज़ा लेने पहुंचे। गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा प्रबंधन बलों को निर्देश दिया कि राहत व बचाव कार्य में कोई कमी न हो। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने के साथ मलबे से शवों को बाहर निकालना शुरू किया। राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को 15 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की है, वहीं एयर इंडिया की मालिक टाटा समूह ने प्रति मृतक परिवार को 1 करोड़ रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। विदेशी नागरिकों के शवों को उनके देश भेजने के लिए विदेश मंत्रालय दूतावासों के संपर्क में है।

विमान सुरक्षा पर बड़ा सवाल

यह हादसा भारत के विमानन इतिहास की सबसे बड़ी त्रासदियों में गिना जा रहा है। इससे पहले 1996 में छारखी दादरी में दो विमानों की टक्कर में 349 लोग मारे गए थे। अहमदाबाद हादसे ने यह स्पष्ट कर दिया है कि देश में हवाई सुरक्षा और आपात प्रबंधन व्यवस्था को लेकर अब और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। यदि यह बर्ड स्ट्राइक था, तो हवाईअड्डों के आसपास के पर्यावरणीय प्रबंधन पर फिर से विचार करना होगा। यदि तकनीकी चूक थी, तो एयरलाइनों की निरीक्षण प्रक्रिया की समीक्षा आवश्यक हो जाएगी।

निष्कर्ष

इस हादसे ने देश और दुनिया को झकझोर दिया है। एक साथ 264 लोगों की मौत ने न सिर्फ सैकड़ों परिवारों को शोक में डुबोया, बल्कि विमानन उद्योग को भी एक कड़े आत्मनिरीक्षण के मोड़ पर ला खड़ा किया है। इस त्रासदी के पीछे की सच्चाई क्या है, यह आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट के बाद सामने आएगी। लेकिन फिलहाल पूरा देश गम और संवेदना में डूबा है, और हर कोई यही सवाल पूछ रहा है – यह हादसा टल क्यों नहीं पाया?

 

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

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