
जब बात ओडिशा के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों की होती है, तो सबसे पहला नाम जगन्नाथ पुरी मंदिर का ही आता है। यह मंदिर न केवल ओडिशा बल्कि पूरे भारत के प्रमुख तीर्थ स्थलों में गिना जाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ओडिशा में और भी ऐसे कई ऐतिहासिक और भव्य मंदिर हैं, जो धार्मिक, स्थापत्य और ऐतिहासिक दृष्टि से बेहद खास हैं? इस रिपोर्ट में हम ओडिशा के 5 प्रसिद्ध मंदिरों के बारे में जानेंगे, जो पर्यटकों और श्रद्धालुओं के बीच खास पहचान रखते हैं।
1. कोणार्क सूर्य मंदिर – वास्तुकला की अद्भुत मिसाल
कोणार्क का सूर्य मंदिर, जिसे “ब्लैक पगोडा” भी कहा जाता है, यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट में शामिल है। यह 13वीं सदी का मंदिर सूर्य भगवान को समर्पित है। इसका निर्माण गंगा वंश के राजा नरसिंहदेव प्रथम ने करवाया था। मंदिर की बनावट एक विशाल रथ की तरह है, जिसे पत्थर के 24 पहियों और सात घोड़ों द्वारा खींचते हुए दिखाया गया है। इसकी दीवारों पर उकेरी गई मूर्तियाँ और नक्काशियाँ अद्भुत शिल्प कौशल का उदाहरण हैं।
यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है बल्कि स्थापत्य कला में रुचि रखने वालों के लिए भी आकर्षण का बड़ा केंद्र है।
2. लिंगराज मंदिर – शिवभक्तों की आस्था का गढ़
भुवनेश्वर स्थित लिंगराज मंदिर भगवान शिव को समर्पित है और यह मंदिर “कृतिकालीन” शैली का उत्कृष्ट उदाहरण माना जाता है। यह मंदिर 11वीं शताब्दी में बनाया गया था और इसकी ऊंचाई लगभग 180 फीट है। यहां पर भगवान शिव को ‘हरिहर’ रूप में पूजा जाता है, जो विष्णु और शिव का सम्मिलन है।
लिंगराज मंदिर का गर्भगृह, मंडप और विशाल प्रवेशद्वार देखने योग्य हैं। हर साल यहां हजारों की संख्या में श्रद्धालु महाशिवरात्रि और सावन के महीने में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
3. राजारानी मंदिर – संगीत और प्रेम की मूर्तिमय गाथा
भुवनेश्वर के शांत वातावरण में स्थित राजारानी मंदिर का इतिहास 11वीं शताब्दी से जुड़ा है। इस मंदिर की खासियत यह है कि इसमें किसी देवी-देवता की मूर्ति नहीं है, जिससे यह मंदिर अन्य मंदिरों से अलग बनता है। इसकी दीवारों पर प्रेम, संगीत और नृत्य को दर्शाती मूर्तियाँ बनी हैं जो इसे एक अनूठा रूप देती हैं।
इस मंदिर का नाम ‘राजारानी’ इसलिए पड़ा क्योंकि इसका निर्माण ‘राजा रानी’ नामक लाल और पीले बलुआ पत्थर से किया गया है। यह स्थान खास तौर पर उन पर्यटकों को पसंद आता है जो इतिहास और कला में रुचि रखते हैं।
4. मुक्तेश्वर मंदिर – शिल्पकला की कोमलता का प्रतीक
10वीं सदी में बना मुक्तेश्वर मंदिर ओडिशा की मंदिर निर्माण कला का एक बेहतरीन उदाहरण है। यह मंदिर भुवनेश्वर में स्थित है और भगवान शिव को समर्पित है। इसकी स्थापत्य शैली इतनी आकर्षक है कि इसे “मंदिर वास्तुकला का रत्न” कहा जाता है। मंदिर का तोरण (आर्च) इसकी प्रमुख पहचान है जो बेहद जटिल और सुंदर नक्काशी से सजा हुआ है।
यह मंदिर भले ही आकार में छोटा है, लेकिन इसकी नक्काशियाँ और वास्तुशिल्प इसे सबसे अलग बनाती हैं। फोटोग्राफर और वास्तु प्रेमियों के लिए यह जगह किसी खजाने से कम नहीं।
5. तारतारिणी मंदिर – शक्ति की उपासना का प्रमुख केंद्र
गंजाम जिले में ब्रह्मपुर के पास स्थित तारतारिणी मंदिर शक्ति की उपासना का एक प्राचीन स्थल है। यह मंदिर देवी तारिणी और तार (द्वि-शक्ति रूप) को समर्पित है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है, जहां 999 सीढ़ियाँ चढ़कर पहुंचा जाता है। यहाँ की नवरात्रि बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है, जब देशभर से श्रद्धालु मां के दर्शन को आते हैं।
इस मंदिर को ओडिशा के चार प्रमुख शक्ति पीठों में से एक माना जाता है और यह स्थान विशेष रूप से महिलाओं और नवविवाहितों के लिए शुभ माना जाता है।
निष्कर्ष: ओडिशा है देवभूमि का गौरव
ओडिशा को यूं ही मंदिरों की भूमि नहीं कहा जाता। यहां हर मंदिर अपने भीतर एक गहरा इतिहास, समृद्ध संस्कृति और अद्वितीय वास्तुकला समेटे हुए है। जगन्नाथ पुरी भले ही सबसे प्रसिद्ध मंदिर हो, लेकिन कोणार्क, लिंगराज, राजारानी, मुक्तेश्वर और तारतारिणी जैसे मंदिर भी श्रद्धा, कला और विरासत का बेजोड़ संगम हैं। यदि आप कभी ओडिशा जाएं, तो इन मंदिरों की यात्रा ज़रूर करें — यह धार्मिक के साथ-साथ एक सांस्कृतिक अनुभव भी होगा।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







