
शहर के वार्ड-नंबर 36 स्थित टाटा लाइन क्षेत्र में पीलिया के दो मरीजों के मिलने के बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीम सक्रिय हो गई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, दोनों मरीजों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य है। इस मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर फैली मौत की अफवाह को प्रशासन ने स्पष्ट रूप से खारिज किया है।
जलस्रोतों की जांच के निर्देश
पीलिया के मरीजों के सामने आने के बाद नगर निगम की ओर से क्षेत्र में पेयजल की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी गई है। टैंक, पाइपलाइन और हैंडपंप से पानी के नमूने एकत्रित कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि पानी में किसी भी प्रकार के जीवाणु या वायरस की उपस्थिति की पुष्टि होने पर तत्काल क्लोरीन की गोलियां बांटी जाएंगी और वैकल्पिक जल आपूर्ति की व्यवस्था की जाएगी।
स्वास्थ्य विभाग ने किया क्षेत्र का निरीक्षण
मंगलवार को नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने वार्ड-36 का दौरा कर क्षेत्र की सफाई व्यवस्था, जल आपूर्ति की स्थिति और स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा की। दोनों मरीजों के घरों के आसपास सफाई अभियान चलाया गया और लोगों को उबालकर पानी पीने, हाथ धोने और खुले खाद्य पदार्थों से बचने की सलाह दी गई। साथ ही, क्षेत्रवासियों को पीलिया के लक्षणों और बचाव के उपायों की जानकारी भी दी गई।
मौत की अफवाहों को बताया बेबुनियाद
घटना के बाद सोशल मीडिया पर यह अफवाह फैलने लगी कि पीलिया के कारण दो लोगों की मौत हो चुकी है। इस पर स्वास्थ्य विभाग और निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह जानकारी पूरी तरह से भ्रामक और आधारहीन है। दोनों मरीजों का इलाज किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर है। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
संक्रमण को रोकने के लिए अभियान तेज
पीलिया फैलने की आशंका को देखते हुए निगम ने आसपास के क्षेत्रों में भी जल स्त्रोतों की सफाई और पानी की गुणवत्ता की जांच शुरू कर दी है। जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें क्षेत्र के अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है। क्षेत्र में जागरूकता के लिए माइकिंग और पोस्टर के माध्यम से लोगों को साफ-सफाई और सुरक्षित खानपान की जानकारी दी जा रही है।
विशेषज्ञों ने क्या कहा?
स्थानीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि पीलिया मुख्यतः दूषित पानी और अस्वच्छ खानपान के कारण फैलता है। ऐसे में आवश्यकता है कि नागरिक अपनी दिनचर्या में साफ-सफाई को प्राथमिकता दें और किसी भी लक्षण की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। समय पर इलाज से पीलिया को रोका और नियंत्रित किया जा सकता है।
प्रशासन पूरी तरह सतर्क
नगर निगम आयुक्त और स्वास्थ्य अधिकारी लगातार क्षेत्र का निरीक्षण कर रहे हैं और संक्रमण को सीमित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। टैंकरों से स्वच्छ जल आपूर्ति की व्यवस्था तैयार है, जो किसी आपात स्थिति में सक्रिय की जाएगी। क्षेत्रीय पार्षद ने भी जनता से अपील की है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा दिए जा रहे निर्देशों का पालन करें।
निष्कर्ष
भिलाई के वार्ड-36 में सामने आए पीलिया के मामलों को लेकर प्रशासन ने समय पर सतर्कता बरतते हुए उचित कदम उठाए हैं। स्वास्थ्य और जल आपूर्ति विभाग क्षेत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है और संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए हरसंभव प्रयास कर रहा है। जनता से भी आग्रह किया गया है कि वे स्वच्छता बनाए रखें और किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या की जानकारी तुरंत दें, ताकि समय रहते उपचार किया जा सके।
Author: THE CG NEWS
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