
छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने पूरक चार्जशीट दाखिल कर बड़ा खुलासा किया है। इस चार्जशीट में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को घोटाले का प्रमुख संचालक बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उन्होंने ₹1000 करोड़ से अधिक की अवैध कमाई को नियंत्रित किया। ED ने दावा किया कि इस पूरे घोटाले का नेटवर्क व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से संचालित होता था, जिसमें सौम्या चौरसिया, अनवर ढेबर, पुष्पक समेत कई लोग सक्रिय थे।
व्हाट्सएप ग्रुप में होती थी सौदेबाजी
ED की चार्जशीट के अनुसार, चैतन्य बघेल शराब सिंडिकेट से जुड़े उन समूहों का हिस्सा थे, जहां अवैध वसूली, पैसों के वितरण और लेन-देन की योजना बनाई जाती थी। ‘Big-Boss’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में नकदी के लेन-देन को लेकर लगातार बातचीत होती थी। इस ग्रुप में सौम्या चौरसिया (तत्कालीन उप सचिव, मुख्यमंत्री कार्यालय), अनवर ढेबर और पुष्पक के नाम प्रमुख रूप से सामने आए हैं।
चार्जशीट में उल्लेख है कि इन चैट्स में पैसों के वितरण और कालाधन छुपाने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल किया जाता था। जैसे, ‘सामान भेजेंगे’ या ‘बैठक तय करें’ जैसे संदेश सीधे-सीधे करोड़ों रुपये के लेन-देन की ओर इशारा करते हैं।
1000 करोड़ से ज्यादा की कमाई का आरोप
ED ने अदालत को बताया कि 2019 से 2022 तक यह सिंडिकेट सक्रिय रहा और इस दौरान करीब ₹1000 करोड़ की अवैध आय उत्पन्न हुई। इस राशि को रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और अन्य निवेशों में लगाया गया। चार्जशीट में यह भी कहा गया है कि लगभग ₹18.9 करोड़ की राशि चैतन्य बघेल द्वारा एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट में निवेश की गई।
गवाहों के बयानों में सामने आया है कि ‘पप्पू’ नामक व्यक्ति ने चैतन्य के निर्देश पर रकम इकट्ठा कर उसे कांग्रेस के कुछ नेताओं तक पहुंचाया। यह रकम पार्टी के वित्तीय प्रबंधन में भी इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है।
डिजिटल साक्ष्य और गवाहों के बयान
ED ने अपनी 7039 पन्नों की चार्जशीट में डिजिटल साक्ष्य, मोबाइल चैट्स, बैंक लेन-देन और गवाहों के बयान शामिल किए हैं। व्हाट्सएप चैट्स में पैसे के लेन-देन की पूरी रूपरेखा सामने आई है। जांच एजेंसी का कहना है कि इस नेटवर्क के जरिए व्यवस्थित तरीके से वसूली और वितरण का काम किया जाता था।
गवाहों ने यह भी स्वीकार किया है कि चैतन्य बघेल सिंडिकेट की बैठकों में शामिल रहते थे और पैसों की हेरफेर पर उनका सीधा नियंत्रण था।
कानूनी कार्रवाई और राजनीतिक प्रतिक्रिया
ED ने चैतन्य बघेल को जुलाई में गिरफ्तार किया था और वे वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की सुनवाई अदालत में होगी।
वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि केंद्र सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है और यह कार्रवाई पूरी तरह बदले की राजनीति का हिस्सा है।
दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस पर तीखे हमले किए हैं और कहा है कि छत्तीसगढ़ की जनता के पैसे का दुरुपयोग कर इसे नेताओं और उनके परिवारों की जेब भरने में खर्च किया गया।
निष्कर्ष
छत्तीसगढ़ का यह शराब घोटाला अब राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा मुद्दा बन चुका है। ED की चार्जशीट ने न सिर्फ बड़े वित्तीय घोटाले का खुलासा किया है, बल्कि यह भी दिखाया है कि कैसे सत्ता और प्रशासनिक स्तर पर गठजोड़ के जरिए संगठित भ्रष्टाचार किया गया। अदालत में सुनवाई के साथ आने वाले दिनों में यह मामला और भी राजनीतिक हलचल पैदा करेगा।
Author: THE CG NEWS
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