
छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में धान खरीदी व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक उपार्जन केंद्र से 2.54 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य का धान गायब पाया गया है। प्रशासनिक जांच में रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच भारी अंतर सामने आने के बाद खरीदी प्रभारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इस घटना ने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राज्य की धान खरीदी प्रणाली की पारदर्शिता पर भी गंभीर चिंता उत्पन्न कर दी है।
निरीक्षण में उजागर हुई बड़ी अनियमितता
यह पूरा मामला मुंगेली थाना क्षेत्र के हथनीकला स्थित धान उपार्जन केंद्र का है। जानकारी के अनुसार, प्रशासन की संयुक्त टीम द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड में दर्ज 8,216 क्विंटल धान मौके पर नहीं मिला। जब टीम ने भौतिक सत्यापन किया, तो इतनी बड़ी मात्रा में धान का अभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। इसे गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक अनियमितता मानते हुए तत्काल उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया।
इस गायब धान की अनुमानित कीमत 2 करोड़ 54 लाख 70 हजार रुपये से अधिक आंकी गई है, जो इस मामले को एक बड़े आर्थिक घोटाले के रूप में स्थापित करता है। प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिले हैं कि यह गड़बड़ी लंबे समय से चल रही थी, जिसे नियमित निगरानी में कमी के कारण समय रहते पकड़ा नहीं जा सका।
संयुक्त टीम की जांच में सामने आई सच्चाई
जांच के लिए गठित टीम में राजस्व, खाद्य एवं सहकारिता विभाग के अधिकारी और नोडल सीसीबी के प्रतिनिधि शामिल थे। टीम ने रिकॉर्ड का गहन परीक्षण करने के बाद पाया कि दस्तावेजों में धान का पूरा विवरण दर्ज है, लेकिन वास्तविकता में स्टॉक मौजूद नहीं है। इस विसंगति ने प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि उपार्जन केंद्र के खरीदी प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत 29 मार्च से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं। उनकी गैरमौजूदगी ने मामले को और संदिग्ध बना दिया है। अधिकारियों का मानना है कि इस अनियमितता में उनकी भूमिका की गहन जांच की आवश्यकता है।
धान खरीदी प्रक्रिया और उठाव की स्थिति
खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के तहत जिले में धान खरीदी का कार्य बड़े स्तर पर किया गया है। कुल 66 समितियों के अंतर्गत 105 उपार्जन केंद्रों में लगभग 53 लाख क्विंटल धान की खरीदी हुई। इनमें से 90 केंद्रों से 52.82 लाख क्विंटल से अधिक धान का शत-प्रतिशत उठाव पूरा हो चुका है, जबकि शेष केंद्रों में प्रक्रिया जारी है।
इस परिप्रेक्ष्य में हथनीकला केंद्र से इतनी बड़ी मात्रा में धान का गायब होना न केवल प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है, बल्कि इससे पूरी सप्लाई चेन और वितरण प्रणाली की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठते हैं।
कलेक्टर के सख्त निर्देश, FIR दर्ज
मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर कुंदन कुमार ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उनके आदेश पर खरीदी प्रभारी विक्रम सिंह राजपूत के खिलाफ मुंगेली थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इसके साथ ही कलेक्टर ने विभागीय जांच शुरू करने और आरोपी को पद से हटाने के भी निर्देश जारी किए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरी पारदर्शिता के साथ जांच की जाएगी।
व्यवस्था पर उठे सवाल और आगे की राह
यह मामला राज्य में धान खरीदी और भंडारण व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी की आवश्यकता को उजागर करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ट्रैकिंग, नियमित ऑडिट और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय किए बिना इस तरह की घटनाओं को रोका नहीं जा सकता।
मुंगेली की यह घटना एक चेतावनी के रूप में सामने आई है, जो यह दर्शाती है कि यदि समय रहते सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो इस तरह के आर्थिक नुकसान भविष्य में और भी गंभीर रूप ले सकते हैं।
Author: THE CG NEWS
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