जनगणना और ‘मन की बात’ पर सियासत तेज: भूपेश बघेल ने पीएम मोदी पर साधा निशाना

SHARE:

छत्तीसगढ़ की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में काले हिरण के उल्लेख के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की नीतियों और मंशा पर सवाल उठाए हैं। रायपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान बघेल ने जहां वन्यजीव संरक्षण के मुद्दे पर तंज कसा, वहीं जनगणना को लेकर भी सरकार की नीयत पर संदेह जताया।

भूपेश बघेल ने कहा कि काले हिरण के संरक्षण की बात करने वाले प्रधानमंत्री उन लोगों के साथ नजर आते हैं, जिन पर कभी इसके शिकार के आरोप लगे थे। उन्होंने अप्रत्यक्ष रूप से सलमान खान का जिक्र करते हुए कहा कि यह विरोधाभास दर्शाता है कि केंद्र सरकार की कथनी और करनी में अंतर है। बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण पहले से ही प्रभावी तरीके से हो रहा है और यहां हिरणों की कोई कमी नहीं है।

‘मन की बात’ में काले हिरण का जिक्र और उसका प्रभाव

दरअसल, 26 अप्रैल को प्रसारित ‘मन की बात’ के 133वें एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्य भारत में वन्यजीव संरक्षण की उपलब्धियों का जिक्र किया था। उन्होंने विशेष रूप से छत्तीसगढ़ में काले हिरण की वापसी को जैव विविधता के संरक्षण का सकारात्मक संकेत बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि कई वर्षों तक स्थानीय स्तर पर विलुप्त रहने के बाद अब काले हिरण फिर से खुले वातावरण में दिखाई देने लगे हैं, जो संरक्षण प्रयासों की सफलता का प्रतीक है।

इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया भी तेज हो गई। भूपेश बघेल ने इस बयान को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण कोई नई बात नहीं है, बल्कि यह लंबे समय से चल रही प्रक्रिया का हिस्सा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री का राज्य में आकर पिंजरे में बंद शेर के साथ फोटो खिंचवाना और संरक्षण की बात करना विरोधाभासी प्रतीत होता है।

बारनवापारा में पुनर्वास अभियान की पृष्ठभूमि

काले हिरणों की वापसी के पीछे राज्य में चलाए गए पुनर्वास कार्यक्रम की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य में पिछले कुछ वर्षों से विशेष अभियान चलाया गया, जिसके तहत काले हिरणों को दोबारा बसाने की कोशिश की गई। वर्ष 2017 में स्थानीय स्तर पर इन्हें विलुप्त घोषित किए जाने के बाद वन विभाग ने पुनर्प्रवेश योजना शुरू की थी।

इस योजना के तहत राष्ट्रीय प्राणि उद्यान और कानन पेंडारी प्राणि उद्यान से हिरणों को लाकर अभयारण्य में छोड़ा गया। वर्ष 2021 में शुरू इस अभियान के तहत बड़ी संख्या में हिरणों को स्थानांतरित किया गया, जिसके बाद अनुकूल वातावरण और निरंतर निगरानी के कारण उनकी संख्या में वृद्धि दर्ज की गई।

जनगणना को लेकर भी उठाए सवाल

भूपेश बघेल ने केवल वन्यजीव मुद्दे तक ही अपनी बात सीमित नहीं रखी, बल्कि जनगणना को लेकर भी केंद्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि देश में जनगणना 2021 से लंबित है और इसे लेकर सरकार की गंभीरता पर सवाल उठते हैं। बघेल ने कहा कि कुछ अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाएं तेजी से पूरी की जा सकती हैं, लेकिन जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य में देरी होना संदेह पैदा करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को जनगणना जैसे संवेदनशील मुद्दे पर पारदर्शिता और स्पष्टता दिखानी चाहिए, ताकि लोगों का विश्वास बना रहे। उनके अनुसार, जनगणना केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं है, बल्कि यह देश की नीतियों और योजनाओं की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण आधार है।

पीएम मोदी की अपील और डिजिटल जनगणना का नया स्वरूप

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में देशवासियों से आगामी जनगणना 2027 को सफल बनाने की अपील की। उन्होंने इसे दुनिया की सबसे बड़ी जनगणना बताते हुए कहा कि यह केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार जनगणना को पूरी तरह डिजिटल बनाया गया है, जिससे प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि नागरिक स्वयं भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसके लिए एक विशेष आईडी प्रदान की जाएगी, जिससे बाद में गणना कर्मचारियों के साथ जानकारी का मिलान किया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि इस डिजिटल पहल से समय की बचत होगी और डेटा की सटीकता भी बढ़ेगी।

राजनीतिक बयानबाजी से गरमाया माहौल

भूपेश बघेल के बयान के बाद छत्तीसगढ़ सहित राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। एक ओर जहां कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोल रही है, वहीं भाजपा की ओर से अभी तक इस पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीव संरक्षण और जनगणना जैसे विषयों पर राजनीतिक बयानबाजी आने वाले समय में और तेज हो सकती है। फिलहाल, यह स्पष्ट है कि इस मुद्दे ने एक नई राजनीतिक बहस को जन्म दे दिया है, जिसका असर आगामी समय में भी देखने को मिल सकता है।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पड़ गई