NEET आंदोलन: छात्रों को बारिश से बचाने के लिए पुलिस के पैर पकड़ने लगे CJP संस्थापक अभिजीत दीपके

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राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में कथित पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता की मांग को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी विरोध प्रदर्शन गुरुवार को एक भावुक मोड़ पर पहुंच गया। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें वे पुलिस अधिकारियों के सामने हाथ जोड़ते और उनके पैर पकड़कर प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए टेंट लगाने की अनुमति देने की अपील करते दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना था कि लगातार हो रही बारिश के बीच भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों की तबीयत बिगड़ सकती है और उन्हें बारिश से बचाने के लिए अस्थायी टेंट की अनुमति दी जानी चाहिए।

अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए लिखा कि जंतर-मंतर पर कई छात्र लंबे समय से भूख हड़ताल पर बैठे हैं और लगातार बारिश के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और उनका उद्देश्य केवल छात्रों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल या टेंट लगाने की अनुमति प्राप्त करना था। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया और बड़ी संख्या में लोगों ने इस पर अपनी प्रतिक्रियाएं दीं।

तिरपाल लगाने को लेकर पुलिस पर लगाए दुर्व्यवहार के आरोप

अभिजीत दीपके ने एक अन्य वीडियो भी साझा किया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारी छात्र जब तिरपाल लेकर जंतर-मंतर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। उन्होंने दावा किया कि इस दौरान कुछ छात्रों के साथ धक्का-मुक्की हुई और महिला प्रदर्शनकारियों के साथ भी पुरुष पुलिसकर्मियों ने अभद्र व्यवहार किया। हालांकि दिल्ली पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और वे केवल अपनी मांगों को लोकतांत्रिक तरीके से सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।

शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़ा प्रदर्शन

कॉकरोच जनता पार्टी और आंदोलन में शामिल छात्र संगठनों की प्रमुख मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित किया है। उनका कहना है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार, जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए।

सोनम वांगचुक भी आंदोलन में शामिल

इस आंदोलन में प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी शामिल हैं। वे 28 जून से भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। चिकित्सकों के अनुसार लगातार अनशन के कारण उनके स्वास्थ्य पर असर पड़ा है और उनका वजन काफी कम हो गया है। डॉक्टर नियमित रूप से उनके स्वास्थ्य की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के सदस्य और पूर्व जेएनयू छात्र नेता ऋषिकेश की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें दिल्ली के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। सीने में दर्द और हाथ-पैर सुन्न होने की शिकायत के बाद उनका इलाज शुरू किया गया, जिसके साथ उनकी भूख हड़ताल समाप्त हुई। हालांकि संगठन के अन्य कई छात्र अब भी अनशन जारी रखे हुए हैं।

CJP की शुरुआत कैसे हुई

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की शुरुआत मई 2026 में उस समय हुई, जब भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की एक टिप्पणी को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक बहस छिड़ गई। इसी टिप्पणी के विरोध में अमेरिका में पढ़ाई कर रहे अभिजीत दीपके ने CJP नाम से एक डिजिटल अभियान शुरू किया। इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पार्टी के आधिकारिक अकाउंट बनाए गए और विभिन्न मुद्दों पर ऑनलाइन अभियान चलाए गए। शुरुआत के कुछ ही समय में पार्टी को सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का समर्थन मिलने लगा और इसके इंस्टाग्राम व एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट तेजी से लोकप्रिय हुए।

कौन हैं अभिजीत दीपके

करीब 30 वर्षीय अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के संभाजीनगर के निवासी हैं और पेशे से डिजिटल मीडिया रणनीतिकार हैं। उन्होंने पुणे से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वर्तमान में अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी में पब्लिक रिलेशंस विषय में मास्टर्स कर रहे हैं। इससे पहले वे आम आदमी पार्टी के लिए डिजिटल रणनीति से जुड़े कार्यों में भी भूमिका निभा चुके हैं। हाल के महीनों में वे प्रतियोगी परीक्षाओं, युवाओं और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर सक्रिय रूप से अभियान चला रहे हैं।

आंदोलन पर देशभर की नजर

जंतरमंतर पर चल रहा यह प्रदर्शन अब केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रह गया है। विभिन्न छात्र संगठन और सामाजिक कार्यकर्ता इस आंदोलन के समर्थन में सामने आए हैं। प्रदर्शनकारी सरकार से निष्पक्ष जांच, परीक्षा प्रणाली में सुधार और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और लगातार सामने आ रही प्रतिक्रियाओं के कारण यह मुद्दा राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। आने वाले दिनों में सरकार और प्रशासन की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर छात्रों और पूरे देश की नजर बनी हुई है।

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Author: THE CG NEWS

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