
चीन की तेज़ी से बढ़ती गतिविधियों ने हिंद महासागर में भू-राजनीतिक चुनौतियों को नए आयाम दिए हैं। नौ मुख्य मोर्चों पर चीन ने अपनी पकड़ मजबूत की, तो वहीं भारत ने संयोजनात्मक रणनीति अपनाते हुए यूरोप, अरब देशों, अफ्रीका व दक्षिण-पूर्व एशिया में ‘डायमंड नेकलेस’ गठबंधन तैयार करने पर काम तेज किया है।
1. स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स रणनीति से भारत का घेरा
चीन ने पाकिस्तान के ग्वादर, श्रीलंका के हंबनटोटा, म्यांमार के क्यॉकपीयू जैसे बंदरगाहों पर भारी निवेश किया है। यह रणनीति समुद्री मार्गों के नियंत्रण पर केंद्रित है, जो हिंद महासागर में भारत की प्रभाव सीमा को चुनौती देती है।
2. अफ्रीका में सैन्य अड्डों का विस्तार
डिजीबुटी में चीन की पहली नौसैनिक स्थापना हिंद महासागर के पश्चिमी छोर पर भारत की रणनीति के मुकाबले एक बड़ा कदम है।
3. मालदीव में राजनयिक और आर्थिक दबदबा
मालदीव के हालिया करारों ने चीन की समुद्री पहुँच को और मजबूत किया है, जिससे भारत की पारंपरिक साझेदारी पर प्रश्न चिन्ह लगाया गया है।
4. श्रीलंका का रणनीतिक महत्व
99 साल के लीज समझौते के तहत हंबनटोटा पोर्ट पर चीन को नियंत्रण मिलने से भारत को अपनी सुरक्षा नीति पर पुनर्विचार करना पड़ा।
5. म्यांमार–बंगाल की रणनीति
चीन म्यांमार में क्यॉकपीयू पोर्ट के माध्यम से भारतीय खाड़ी तक अपनी पहुँच बनाना चाहता है, जिससे भारत की नीति पुनः प्रभावित हो सकती है।
6. द्वीप देशों में गतिविधियों में तेजी
कमोरोस, मेडागास्कर, मॉरिशस और सेशेल्स जैसे हिंद महासागर के द्वीपों में भी चीन अपनी प्रक्रियाएं मजबूत कर रहा है।
7. CPEC और पाकिस्तान में समेकन
चीन-पाकिस्तान आर्थिक मार्ग (CPEC) परियोजना से ग्वादर पोर्ट को चीन द्वारा नियंत्रित बनाया गया, जो भारत के रणनीतिक हितों को चुनौती देता है।
8. नौसैनिक बल-तैनाती
चीन ने हिंद महासागर में पनडुब्बियों और युद्धपोतों को एंटी-पाइरेसी ऑपरेशन के नाम पर तैनात किया, जो गुप्त सैन्य दबदबे का प्रतीक है।
9. डिजिटल मार्च और डेटा प्रभुत्व
बीआरआई के डिजिटल भाग में चीन ने सर्वर और सैटेलाइट नेटवर्क के जरिए समुद्री डेटा नियंत्रण पर काम तेज कर दिया है।
भारत ने अपनाया ‘डायमंड नेकलेस’ पलटवार
इन सब के जवाब में भारत ने ‘डायमंड नेकलेस’ रणनीति अपनाई है, जिसमें मालदीव, श्रीलंका, म्यांमार, अफ्रीका और इंडोनेशिया जैसे देशों के साथ साझेदारी बढ़ाई जा रही है। इस रणनीति की नींव 2011 में रखी गई थी। भारत ने सिंगापुर, इरान, ओमान एवं सेशेल्स जैसे देशों के बंदरगाहों को अपने रणनीतिक नेटवर्क में शामिल किया है।
नौसैनिक और रक्षा नेतृत्व की भूमिका
CDS जनरल अनिल चौहान ने स्पष्ट किया है कि भारत का भविष्य हिंद महासागर में ही तय होगा क्योंकि सीमाएँ निचले हिस्से में बँधी हैं । रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह कहा कि हिंद महासागर में भारत के वर्चस्व को बनाए रखने के लिए नौसेना को मजबूत बनाना आवश्यक है।
निष्कर्ष
चीन की नौ बिंदुओं पर घेराबंदी ने हिंद महासागर में राष्ट्रीय सामरिक संतुलन पर प्रश्न खड़े किए हैं। भारत ने कूटनीतिक गठबंधन, सैन्य मजबूती और सामरिक साझेदारी से ‘डायमंड नेकलेस’ तैयार किया है, ताकि चीन के ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ जैसी चालों का मुकाबला हो सके। यह जंग सिर्फ समुद्र तक सीमित नहीं, बल्कि भू-रणनीतिक प्रबलता का संकल्प है – अब यह तय होना बाकी है कि कोण जीत की ओर अग्रसर होगा।
Author: THE CG NEWS
TheCGNews.in – छत्तीसगढ़ की सच्ची आवाज़ “TheCGNews.in” छत्तीसगढ़ का एक उभरता हुआ डिजिटल न्यूज़ पोर्टल है, जो प्रदेश की ज़मीन से जुड़ी, वास्तविक और निष्पक्ष खबरें लोगों तक पहुँचाने के मिशन के साथ कार्यरत है। इस पोर्टल की सबसे बड़ी ताकत है – स्थानीयता और विश्वसनीयता। TheCGNews.in का फोकस सिर्फ ब्रेकिंग न्यूज पर नहीं, बल्कि उन खबरों पर है जो आम लोगों के जीवन को प्रभावित करती हैं – गांव, कस्बों, पंचायत, युवाओं, शिक्षा, रोजगार, राजनीति, संस्कृति और जन-समस्याओं की सच्ची झलक यहाँ देखने को मिलती है। TheCGNews.in की खास बातें: • ✅ छत्तीसगढ़ की हर कोने से रिपोर्टिंग • ✅ सिर्फ सनसनी नहीं – समाधान की पत्रकारिता • ✅ युवाओं और किसानों की आवाज़ • ✅ भ्रष्टाचार, विकास और बदलाव की असली रिपोर्ट • ✅ हिंदी में सरल और स्पष्ट भाषा में खबरें







