
छत्तीसगढ़ के बस्तर में नक्सलवाद खत्म होने को लेकर अब सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दावा किया है कि अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर का इलाका अब पूरी तरह नक्सल हिंसा से मुक्त हो गया है। शाह के मुताबिक, यहां सक्रिय नक्सलियों ने हथियार डाल दिए हैं और अब केवल साउथ बस्तर में कुछ गिने-चुने नक्सली बचे हैं जिन्हें भी जल्द खत्म कर दिया जाएगा। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र के इस दावे को खारिज करते हुए कहा है कि कांग्रेस सरकार के समय ही बस्तर के 600 से अधिक गांवों को नक्सलवाद से आजादी मिली थी।
अमित शाह बोले- बस्तर अब शांति की ओर बढ़ रहा है
अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह गर्व का विषय है कि कभी आतंक का गढ़ रहा अबूझमाड़ और नॉर्थ बस्तर अब नक्सल हिंसा से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। शाह ने लिखा, “यह हमारे सुरक्षा बलों की वीरता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र की नक्सल विरोधी नीति का परिणाम है कि बस्तर अब विकास और शांति की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। अब केवल साउथ बस्तर में ही कुछ नक्सली बचे हैं, जिन्हें हमारे जवान जल्द ही समाप्त कर देंगे।”
गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, बीते 20 महीनों में छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियानों में 477 से ज्यादा नक्सली मारे गए हैं। सिर्फ 2025 में ही अब तक 230 से ज्यादा नक्सलियों के शव बरामद किए गए हैं। इनमें कई बड़े नक्सली कमांडर भी शामिल हैं। वहीं, रूपेश और सोनू दादा जैसे वरिष्ठ नक्सली नेताओं ने 283 साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया है।
भूपेश बघेल ने किया पलटवार
अमित शाह के बयान के बाद छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य में नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में सबसे बड़ा काम कांग्रेस सरकार के समय हुआ था। बस्तर के जगदलपुर दौरे पर मीडिया से बातचीत में भूपेश ने कहा, “हमारी सरकार के दौरान 600 से अधिक गांवों को नक्सलवाद से मुक्त कराया गया था। हमने नक्सलियों को घेरा और उनसे सीधी लड़ाई की। हमारे जवानों ने अपनी शहादत दी, लेकिन नक्सलियों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।”
भूपेश ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय पहली बार अंदरूनी इलाकों में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए थे। “पहले पैरा मिलिट्री कैंप पर नक्सली हमला कर देते थे, लेकिन हमारे शासन में किसी भी कैंप पर हमला करने की हिम्मत नक्सलियों में नहीं हुई। हमने मीनपा जैसे सबसे अंदरूनी इलाकों तक कैंप खोले, जिससे नक्सलियों का दबदबा खत्म हुआ,” उन्होंने कहा।
“अब की सरकार सिर्फ श्रेय ले रही है”
पूर्व मुख्यमंत्री ने बीजेपी सरकार पर तंज कसते हुए कहा कि मौजूदा सरकार केवल अपनी पीठ थपथपा रही है। “इनके पास कोई ठोस योजना नहीं है। हमारी सरकार के समय इंसास और AK-47 जैसे हथियारों से लैस नक्सलियों को या तो मारा गया या उन्होंने आत्मसमर्पण किया। आज जो सरकार दावा कर रही है, वह उसी नींव पर खड़ी है जो हमने बनाई थी,” भूपेश ने कहा।
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि नक्सल समस्या सिर्फ बंदूक से नहीं, बल्कि विकास और विश्वास से खत्म होगी। “हमने बस्तर के अंदरूनी इलाकों तक सड़कें, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र और पंचायतें पहुंचाईं। लोगों में सरकार के प्रति भरोसा बढ़ा, जिससे नक्सलियों का जनाधार कमजोर हुआ।”
अमित शाह की रणनीति और केंद्र का फोकस
केंद्र सरकार के मुताबिक, नक्सल प्रभावित जिलों में विकास कार्यों और सुरक्षा अभियानों को समानांतर चलाया जा रहा है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बताया कि ‘सिविक एक्शन प्रोग्राम’ और ‘अस्पिरेशनल डिस्ट्रिक्ट प्रोजेक्ट’ के तहत बस्तर, सुकमा, बीजापुर और नारायणपुर जैसे जिलों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क नेटवर्क पर तेजी से काम हो रहा है।
केंद्र के आंकड़ों के अनुसार, बीते पांच वर्षों में नक्सली हमलों में 70% की कमी आई है। 2014 से 2024 के बीच नक्सल हिंसा के मामलों में गिरावट दर्ज की गई है। शाह का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी” अपनाई गई है और अब लक्ष्य दक्षिण बस्तर को पूरी तरह नक्सल मुक्त बनाना है।
सियासी गर्मी और आगे की चुनौती
बस्तर में नक्सलमुक्ति पर यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में हो रहा है जब राज्य में पंचायत चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। बीजेपी और कांग्रेस, दोनों ही बस्तर को अपनी उपलब्धियों का प्रतीक बनाकर पेश कर रही हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बस्तर में नक्सलवाद का मुद्दा अब सिर्फ सुरक्षा से जुड़ा नहीं, बल्कि सियासी नैरेटिव का हिस्सा बन चुका है। बीजेपी जहां इसे केंद्र की नीतियों की सफलता बता रही है, वहीं कांग्रेस अपने कार्यकाल के दौरान हुई वास्तविक प्रगति पर जोर दे रही है।
फिलहाल बस्तर में शांति और विकास की तस्वीर उभर रही है, लेकिन यह सियासी बयानबाजी बताती है कि नक्सलवाद पर श्रेय लेने की लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है।
Author: THE CG NEWS
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