ट्रैवलिंग के दौरान क्यों होता है कब्ज: विशेषज्ञों ने बताए 6 बड़े कारण, डॉक्टरों से जानिए ट्रैवल कॉन्स्टिपेशन से बचने के 12 असरदार टिप्स

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यात्रा हर किसी को पसंद होती है, लेकिन कई बार सफर के दौरान शरीर का रूटीन बदल जाता है और इसका सीधा असर पाचन तंत्र पर पड़ता है। खासकर लम्बे सफर में कब्ज यानी ट्रैवल कॉन्स्टिपेशन एक आम समस्या है। डॉक्टरों का कहना है कि यात्रा के दौरान खानपान, पानी और नींद का समय बदल जाने से पेट की मूवमेंट स्लो हो जाती है। इससे आंतों में सूखापन बढ़ता है और कब्ज की समस्या हो सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ट्रैवल कॉन्स्टिपेशन कोई गंभीर बीमारी नहीं है, लेकिन यह आपकी यात्रा का मज़ा जरूर खराब कर सकता है। सही जानकारी और थोड़ी सावधानी से इसे आसानी से रोका जा सकता है।

क्यों होती है ट्रैवल कॉन्स्टिपेशन? जानें 6 प्रमुख कारण

लाइफस्टाइल विशेषज्ञों और गैस्ट्रो एंटेरोलॉजिस्ट का कहना है कि यात्रा के दौरान शरीर अपनी सामान्य दिनचर्या से बाहर निकल जाता है। सुबह उठने का समय, टॉयलेट शेड्यूल, पानी पीने की मात्रा, खाना खाने की आदत—सब कुछ अस्थिर हो जाता है। यह अनियमितता पेट की कार्यप्रणाली को धीमा कर देती है।

डॉक्टर बताते हैं कि सफर के दौरान कई लोग पानी कम पीते हैं ताकि washroom बार–बार न जाना पड़े। इससे शरीर में डिहाइड्रेशन बढ़ता है और आंतों में सख्त मल बनने लगता है। इसके अलावा यात्रा में हेल्दी फाइबर की कमी, फास्ट फूड का सेवन, लगातार बैठकर सफर करना और नींद की कमी भी कब्ज की स्थिति को बढ़ाते हैं।

लंबे उड़ान भरना, ट्रेन की लम्बी यात्रा और ट्रैफिक में जाम का सामना करना पेट पर दबाव डाल सकता है। डॉक्टरों का यह भी कहना है कि unfamiliar जगहों पर washroom इस्तेमाल करने में हिचकिचाहट भी कई लोगों को मल रोकने पर मजबूर करती है, जिससे कब्ज की समस्या और बढ़ जाती है।

डॉक्टरों से जानिए—ट्रैवल कॉन्स्टिपेशन से बचने के 12 जरूरी टिप्स

विशेषज्ञों के अनुसार अगर यात्रा के दौरान कुछ बातों का ध्यान रखा जाए तो कब्ज की समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। सबसे महत्वपूर्ण है यात्रा शुरू होने से पहले अपना पाचन तंत्र मजबूत करना। इसमें हाई-फाइबर डाइट, पर्याप्त पानी, नियमित एक्सरसाइज और नींद शामिल है।

डॉक्टर सलाह देते हैं कि सफर से एक दिन पहले ज्यादा तला-भुना या मसालेदार भोजन न करें। यात्रा के दौरान पानी की बोतल हमेशा साथ रखें और हर एक घंटे में थोड़ा-थोड़ा पानी पीते रहें। यदि फ्लाइट या ट्रेन यात्रा में washroom सुविधा है तो पानी कम करने की गलती न करें।

विशेषज्ञों का कहना है कि सफर में भारी भोजन करने के बजाय हल्का और फाइबर युक्त खाना चुनें, जैसे फल, सलाद, ओट्स, दही या सूखे मेवे। साथ ही, कैफीन और अल्कोहल का सेवन कम कर देना चाहिए क्योंकि यह शरीर को तेजी से डिहाइड्रेट कर देते हैं।

ट्रैवलिंग के दौरान बाथरूम रोककर नहीं बैठना चाहिए। चाहे हाइवे हो या एयरपोर्ट—washroom का उपयोग करने में हिचकना नहीं चाहिए। डॉक्टर बताते हैं कि मल को रोकना आंतों की मूवमेंट को कमजोर बना देता है।

यदि यात्रा लंबी हो रही है तो हर 45–60 मिनट में हल्का स्ट्रेच करना या थोड़ी देर खड़े होकर चलना पाचन को सक्रिय रखने में मदद करता है। फ्लाइट में भी पैर और पेट के हल्के स्ट्रेच बेहद फायदेमंद होते हैं।

कुछ डॉक्टर सलाह देते हैं कि नियमित यात्रा करने वाले लोग प्रोबायोटिक सप्लीमेंट या दही का सेवन सफर से एक दिन पहले और सफर के दौरान जरूर करें। इससे आंतों की हेल्दी बैक्टीरिया स्ट्रेंथ बढ़ती है, जो कब्ज रोकने में अहम भूमिका निभाती है।

जिन्हें पहले से कब्ज की समस्या रहती है, वे यात्रा में अपने डॉक्टर द्वारा सुझाई गई हल्की लैक्जेट या फाइबर सप्लीमेंट साथ रख सकते हैं, लेकिन किसी भी दवा का उपयोग विशेषज्ञ की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

यदि आप सड़क यात्रा कर रहे हैं तो कोशिश करें कि रोज की तरह सुबह का रूटीन न बिगड़े। अगर सुबह ही मल त्याग की आदत है, तो यात्रा का समय उसी हिसाब से प्लान करें।

बदलती दिनचर्या और मानसिक तनाव भी एक बड़ा कारण

विशेषज्ञ बताते हैं कि यात्रा के दौरान मानसिक तनाव और excitement भी पाचन को प्रभावित करते हैं। नए स्थान, नई व्यवस्था, देर रात की यात्रा, थकान और सोने के पैटर्न का बिगड़ना भी आंतों की गति को धीमा कर देता है।

यह भी देखा गया है कि कुछ लोग unfamiliar washroom के प्रति मानसिक असहजता के कारण मल त्याग की इच्छा को दबा देते हैं। यह आदत ट्रैवल कॉन्स्टिपेशन का सबसे बड़ा कारण मानी जाती है।

ट्रैवल का मज़ा खराब न होने दें, पहले से करें तैयारी

डॉक्टरों का कहना है कि यात्रा के दौरान कब्ज पूरी तरह से रोकी जा सकती है। बस पानी, भोजन, नींद और टॉयलेट शेड्यूल को लेकर थोड़ी जागरूकता जरूरी है। यदि शरीर की प्राकृतिक दिनचर्या को ज्यादा नहीं बिगाड़ा जाए तो यात्रा आरामदायक और सेहतमंद रहती है।

याद रहेसही खानपान, पर्याप्त पानी, हल्की गतिविधि और समय पर washroom का उपयोग ही ट्रैवल कॉन्स्टिपेशन से बचने का सबसे आसान और कारगर तरीका है।

THE CG NEWS
Author: THE CG NEWS

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